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बारिश की मार:बेरी में 200 एकड़ धान की फसल डूबी, ड्रेन से मिलनी थी राहत उसी ने डुबोया

बेरी2 दिन पहले
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खेतों में बरसात का पानी जाने से रोकने के लिए इस तरह लगाए गए अवरोध के रूप में पाइप। - Dainik Bhaskar
खेतों में बरसात का पानी जाने से रोकने के लिए इस तरह लगाए गए अवरोध के रूप में पाइप।

तीन दिन से हो रही बरसात के कारण बेरी दुजाना गांव की लगभग 200 एकड़ धान की फसल डूब गई। किसानों ने पिछले दिनों ही हजारों रुपए प्रति एकड़ खर्च करके धान की फसल लगाई थी। अब बरसात ने चारों तरफ पानी ही पानी कर दिया। सिचाई विभाग का कहना है कि कई सालों में इस तरह की बरसात हुई है। जिसके कारण दिक्कत हुई है। दुजाना पंप हाऊस पर पांच मोटरें लगा दी गई हैं।

सिचाई विभाग के अफसरों और बिजली निगम का व्हट्सप ग्रुप बना दिया है। जिस भी पंप हाऊस पर बिजली के संबधित दिक्कत आएगी तो ग्रुप में जानकारी दी जाएगी। बिजली सप्लाई का शेड्यूल बढ़ा दिया गया है। कृषि अधिकारी डाॅ. रमेश लाठर का कहना है कि धान और बाजरा की बिजाई जुलाई के आखिर तक होती है। अभी और बरसात नहीं आती है और खेतों से पानी निकल जाता है तो धान लगा सकते हैं। और बाजरा की बिजाई कर सकते हैं।

किसानों ने मांगा नष्ट फसलों का मुआवजा
दुजाना के किसान सुरेन्द्र अहलावत, मनोज अहलावत, मनोज, मोनू, बलजीत, संदीप, रामचन्द्र बेरी का कहना है कि बेरी दुजाना में पानी का जलभराव का मुख्य कारण है कि गोछी, धांधलान, लकड़िया, सेरिया गांव का खेतों का पानी दुजाना धौड़ बेरी लिंक ड्रेन में डाला जा रहा है। जिसके कारण दुजाना और बेरी में 200 एकड़ फसल डूब गई है। अब किसानों ने सरकार से फसल नष्ट होने का मुआवजा मांगा है।

चीफ इंजीनियर ने आश्वासन दिया था इन गांव में अब नहीं भरेगा पानी
किसानों का कहना है कि पिछले साल चीफ इंजीनियर ने आश्वास दिया था कि इन गांव का पानी बेरी के दुजाना धौड़ बेरी लिंक ड्रेन में नहीं डाला जाएगा, लेकिन अबकी बार भी बरसात के बाद ड्रेन में पानी ओवरफ्लो हो गया और पीछे से ड्रेन बैक मार रही है। जिसके कारण चारों तरफ पानी ही पानी हो गया है।

ऊंचाई अधिक होने से 80 करोड़ की लागत से तैयार ड्रेन ही बनी दुखदाई
किसानों का कहना है कि कांग्रेस सरकार के दौरान 80 करोड़ की लागत से ड्रेन बनाई थी, लेकिन ड्रेन की ऊंचाई कर दी गई, जिसके कारण हर साल किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो जाती है। लिहाजा करोड़ों रुपए की लागत से तैयार ड्रेन अब क्षेत्र के किसानों के लिए दुखदाई बन गई है।

जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 18 एमएम बारिश, आज फिर संभावना

झज्जर, जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 18 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक गुरुवार को बारिश की संभावना है। जिससे दिन का अधिकतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में 18 एमएम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश बहादुरगढ़ में 35 एमएम दर्ज हुई। जबकि मातनहेल में सबसे कम 4 एमएम बारिश हुई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक गुरुवार को अधिकतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस गिरकर 32 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। वहीं रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा।

जिले में पिछले कुछ दिनों में औसत से अधिक बारिश हुई है। कुछ निकले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति की शिकायतें मिली हैं, लेकिन अभी तक फसलों में नुकसान के बारे में कोई सूचना नहीं है। यदि रुक-रुक कर बारिश होती है और इसमें कुछ दिनों का अंतर रहता है। तब बरसात से नुकसान की अधिक संभावना नहीं रहेगी। -इंद्र सिंह, डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर झज्जर

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