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ढाकला मंडी में नायब तहसीलदार का छापा:ढाकला मंडी से गोदाम में पहुंचा पौने दो लाख रुपए का पुराना बाजरा, हैफेड मैनेजर ने लौटाया

झज्जर8 महीने पहले
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तलाव गोदाम में खड़ा ट्रक जिसमें पुराना बाजरा लोड करके लाया गया। - Dainik Bhaskar
तलाव गोदाम में खड़ा ट्रक जिसमें पुराना बाजरा लोड करके लाया गया।

जिले में किसानों का बाजरा 2150 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जा रहा है। आशंकाओं के मुताबिक अब किसानों के नाम से आढ़तियों ने बाजरे का व्यापारी करण शुरू कर दिया गया है। एक ट्रक पुराना बाजरा हैफेड के तलाव गोदाम में भेजा। बाजरा न केवल डिस्क कलर की शिकायत थी बल्कि उसमें सुरसरी भी चल रही थी। गोदाम में पहुंचे इस बाजरे को रिजेक्ट कर दिया गया।

बाजरा भेजने वाले ढाकला के आढ़ती को मौके पर बुलाया गया। तुंबाहेड़ी के आढ़ती ने बताया कि ढाकला मंडी में लाइसेंस है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने पुराना बाजरा बाहर से परचेज कर अपने घर पर रखा और बाद में खरीद व्यवस्था के तहत उसे एडजेस्ट कर मंडी में भिजवा दिया। आढ़ती ने बताया कि उसने यह बाजरा 1550 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से परचेज किया था। आढ़ती ने बताया कि मंडी में बाजरे के व्यापारी करण की इस व्यवस्था को देखते हुए उन्होंने भी लालच आ गया और नए बाजरे के साथ पुराना बाजरा नई बोरियों में भरकर सरकारी गोदाम में भेज दिया।

हैफेड मैनेजर राजेश डबास ने बताया कि आढ़ती को मौके पर बुलाकर, पूरी तसल्ली कराई गई कि उनकी ओर से लोड कर भेजे गए बाजरे की स्थिति कैसी है। इसमें न केवल डिस्क कलर था बल्कि सुरसरी भी चल रही थी। उन्होंने बताया कि लोड करते वक्त एक सुपरवाइजर की नजर जब इन कट्टों पर पड़ी तब समूचे बाजरे की गहनता से जांच हुई।

गाड़ी में 600 कट्ठे लोड होकर आए थे जिनमें से पीछे के 55 ठीक मिले उनको उतारा गया। जबकि शेष कट्टों को वापस कर दिया गया। गोदाम मैनेजर ने बताया कि बाजरे की छानबीन करने पर वह पूरी तरह से स्पष्ट हो रहा था कि यह बाजरा पुराना है। बाजरे की गुणवत्ता किसी भी रुप से खाने लायक नहीं थी। पुराना होने के कारण सुरसरी की शिकायत बनी हुई थी। उन्हें बताया कि ढाकला मंडी से जिस प्रकार से यह बड़ी शिकायत आई है। तब इस मामले में कहीं अधिक गंभीरता बरतनी होगी। गेहूं के सीजन में भी इस मंडी से आने वाले गेहूं की काफी संख्या में रीजैक्शन रहती है।

आढ़ती ने कबूला अपना अपराध

ढाकला मंडी के आढ़ती ने स्वीकार किया है कि कुछ लोग मंडी में पुराने बाजरे में काम कर रहे हैं। और जिन किसानों का बाजरा कम रह जाता है। उस बाजरे को वे अपने पास से मिलाकर पूरा कर देते हैं। इस लिहाज से उन्होंने अपने पास पुराना बाजार स्टॉक कर लिया था। खरीदे हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर के रूप में एक गाड़ी में पौने 2 लाख से अधिक का प्रॉफिट था।

परचेज अधिकारी बोले-आढ़तियों को दिया हुआ है नोटिस

ढाकला मंडी में परचेस करने वाले दीपक कुमार ने बताया कि बाजरे में मिलावट की शिकायत के चलते उन्होंने कई आढ़तियों को नोटिस दिया हुआ है। मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद नायब तहसीलदार ने मंडी का दौरा किया और आढ़ती को विशेष हिदायत जारी की।

जिला प्रशासन की ओर से पंजीकरण के दौरान ही ऐसी खास व्यवस्था की गई है। जिससे व्यापारी का बाजरा बिकने की कोई संभावना नहीं है। यदि किसी किसान की औसत पैदावार 8 क्विंटल से कम हुई है और उसके अपने घर पर बाजरा रखा है और ऐसे बाजरे को किसान बिक्री के लिए ले आता है तब वह कोई अपराध नहीं है। जिला प्रशासन किसी भी आढ़ती को पुराना बाजरा बेचने की अनुमति नहीं देंगा। यदि इस प्रकार का बाजरा गलती से पहुंच भी जाता है तब उसे गोदाम में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन पूरी व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होने दी जाएगी। -जितेंद्र कुमार, डीसी झज्जर

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