धरना प्रदर्शन:सांसद अरविंद शर्मा का घेराव करने के लिए आंगनबाड़ी वर्करों ने दिया धरना

झज्जरएक महीने पहले
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अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करती आगनबाड़ी वर्कर - Dainik Bhaskar
अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करती आगनबाड़ी वर्कर
  • अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी वर्करों ने जहांआरा बाग स्टेडियम चौक पर जताया आक्रोश

अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले काफी समय से आंदोलन और धरना प्रदर्शन कर रहे आंगनबाड़ी वर्करों ने मंगलवार को भी सांसद अरविंद शर्मा के घेराव को लेकर जहांआरा बाग स्टेडियम चौक पर धरना दिया। हालांकि जैसे ही उन्हें सूचना मिली कि अरविंद शर्मा शहर में नहीं आएंगे तब उन्होंने महिला बाल विकास विभाग की पीओ को ज्ञापन देकर अपना आंदोलन समाप्त करके सड़क छोड़ी।

इससे पहले बड़ी संख्या में मौजूद आंगनबाड़ी वर्करों के प्रदर्शन के कारण करीब 25 मिनट तक सड़क मार्ग जाम रहा। मंगलवार को आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स संयुक्त तालमेल कमेटी द्वारा प्रदेश अध्यक्ष छोटा गहलावत के नेतृत्व में मांगों को लेकर झज्जर में विरोध प्रदर्शन किया गया। खेल स्टेडियम में जारी गीता महोत्सव में सांसद अरविन्द शर्मा के आगमन की सूचना के चलते दोपहर बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी आंगनवाड़ी वर्कर्स स्टेडियम के बार रोड़ पर जमा हो गई और जमकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी वर्करों का खेल स्टेडियम के पास देर तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। पुलिस अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समझाया बुझाया गया। जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष छोटा गहलावत के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यक्रम अधिकारी नीना खत्री को 18 दिसम्बर तक हड़ताल आगे बढ़ाने का नोटिस व मांग पत्र सौंपा। छोटा गहलोत ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की 19 मांगे लंबित हैं।

जिन्हें सरकार पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स की हड़ताल 18 दिसंबर तक रहेगी। इसके लिए नोटिस दे दिया गया है और जब तक मांगे नहीं मानी जाती हैं संयुक्त तालमेल कमेटी आगे भी आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स की मांग है कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और जब तक सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता है न्यूनतम वेतन वर्कर्स को 24000 रुपए व हेल्पर को 16000 रुपए दिया जाए। वर्ष 2018 में की गई घोषणा को लागू करते हुए महंगाई भत्ते किस्त तमाम के मानदेय में जोड़ कर दी जाए और महंगाई भत्ते का बकाया एरियर का तुरंत भुगतान किया जाए। विभाग द्वारा वर्कर्स से ऑनलाइन का काम ना कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना न की जाए। प्रधानमंत्री द्वारा सितंबर 2018 में की गई आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स की 1500 व 750 की बढ़ोतरी का एरियर समय पर दिया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर्स को 5 लाख व हेल्पर्स को 3 लाख रुपए रिटायरमेंट लाभ दिया जाए। रिटायरमेंट पेंशन लागू की जाए और आंगनबाड़ी वर्कर से सुपरवाइजर के रूप में 50 प्रतिशत की पदोन्नति को बिना किसी शर्त के लागू किया जाए।

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