डीघल तिहरे हत्याकांड में नया खुलासा:मौत से पहले श्मशान पहुंचा दिया जाता था अंतिम संस्कार का सामान!

झज्जर21 दिन पहले
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में साढ़े 4 एकड़ जमीन के लिए दादा, मां और भाई की हत्या किए जाने के मामले अब एक के बाद एक साजिश की कड़ियां सामने आ रही है। हैरानी की बात यह है कि इन हत्याकांड से पहले ही अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां पहले डलवा दी जाती थी। इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब शिकायतकर्ता धर्मवीर के फूफा झूथर ने श्मशान घाट में लकड़ी पहुंचाने के बारे में जानकारी ली।

झूथर ने बताया कि दाता ईश्वर की मौत के बाद उनके पोते संजीव व उसके सहयोगियों ने खुशी मनाई थी। उनका काज तक करा डाला। आरोप है कि इस काम में एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से ही 50 हजार रुपए की राशि भी काज कराने के लिए भिजवा दी गई। झूथर ने बताया कि बुजुर्ग ईश्वर के बेटे कृष्ण व धर्मवीर की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी।

परिवार के ना चाहते हुए भी संजीव ने काज करने में उत्सुकता दिखाई। झूथर ने बताया कि उन्होंने ईश्वर, धर्मवीर की पत्नी व बेटी की श्मशान घाट में लकड़ी पहुंचाने के बारे में जानकारी जुटाई, तब धर्मवीर ने बताया कि उन्हें इसकी कोई जानकारी ही नहीं है कि वहां लकड़ियां किसने कब डलवाई।

धर्मवीर के संपर्क के दूसरे लोग भी खुद से लकड़ी श्मशान घाट पहुंचाने के मामले में अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हैं। वहीं, गांव के एक व्यक्ति ने सुबह से पहले ही श्मशान घाट में लकड़ियां पहुंचाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने बताया कि इस तरह अब यह पता चला कि मौत से पहले ही श्मशान घाट में लकड़ियां कैसे डलवाई।

हत्या के बाद सहयोगियों ने पैसा जुटाकर संजीव से करवाया दादा का काज

3 साल से नरेंद्र व अनिल के संपर्क में था संजीव
परिजनों ने बताया कि 23 वर्षीय संजीव की किसी महिला के साथ कोई वीडियो की बात सामने आई थी। उस समय इस महिला संबंधी विवाद को पहलवान नरेंद्र व अनिल ने सुलझाया था। इस प्रकरण के बाद संजीव पिछले 3 साल अपने खुद के घर पर कम आता था। नरेंद्र व अनिल के पास रहता था।

आरोपी ने खुद सुसाइड करने का नाटक रचा
तिहरे हत्याकांड में शिकायतकर्ता रहे धर्मवीर के फूफा झूथर ने बताया कि जमीन को वापस कराने के संबंध में संजीव अन्य लोगों के साथ उनसे कई बार मिला। वह इसके लिए हामी भर रहा था, लेकिन बाद में पैसों की बात पर आ गए। इसी बीच उन्होंने कोई संदिग्ध तरल पदार्थ लेकर खुद के सुसाइड का नाटक रचा था। तब कुछ लोगों ने इस मामले में उनपर व इनके नाना के खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन बाद में ऐसा हुआ नहीं।

परिवार के दूसरे सदस्य थे अगला टारगेट
आरोपी संजीव का पिता धर्मवीर गाड़ी चलाने का काम करता है। जिस दिन इनकी पत्नी सुशीला व बेटे की हत्या की गई, तब भी वह घर पर नहीं था। इसलिए वह फोन पर सूचना मिलने के बाद घर पहुंचा था। बताया गया कि उस समय संजीव ने अपने भाई व मां की मौत का पूरा ड्रामा किया। बेहोशी तक का नाटक रचा। क्योंकि इनके अगले टारगेट पर परिवार के दूसरे सदस्य थे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा

गला दबाकर मारा: सूत्र बताते हैं कि नाना ने केस दर्ज कराने की पहल की, लेकिन ग्रामीणों ने सामाजिक दबाव के चलते उनको ऐसा करने से रोक दिया। आसपास के लोग यही कह रहे थे कि अब धर्मवीर का एकलौता बेटा संजीव ही बचा है। ऐसे में यदि वह भी जेल चला जाएगा। तब पीछे पुश्तैनी घर और दूसरे प्रॉपर्टी को संभालने वाला कोई और ही होगा।

दूसरे लोगों से भी पूछताछ करेंगे

  • फिलहाल मामले में आरोपी को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर सबूत जुटाए जा रहे हैं। इस मामले में जो अन्य साजिशकर्ता रहे हैं। उनके बारे में भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, आरोपी रिमांड पर है। जब दूसरे लोगों से पूछताछ होगी, तभी इसके बारे में कुछ अधिक कहा जा सकता है। - शेरसिंह प्रभारी, थाना दुजाना।
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