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मंडे पॉजिटिव:खुद असहाय होते हुए रोज कोविड मरीजों के लिए भोजन के पैकेट तैयार कर रहे दृष्टिहीन

झज्जर21 दिन पहले
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पैक हुए भोजन को इस तरह जरूरतमंदों को बांटा जाता है। - Dainik Bhaskar
पैक हुए भोजन को इस तरह जरूरतमंदों को बांटा जाता है।
  • जन जागृति फाउंडेशन से दृष्टिहीन एवं असहाय निशुल्क पुनर्वास केंद्र का होता है संचालन, यहां 37 किशोर व युवा बच्चे हैं
  • दिल्ली गेट स्थित दृष्टिहीन छात्रावास में बच्चे व युवा एक माह से जरूरतमंदों के लिए भोजन सेवा में जुटे

कोई खुद ही असहाय हो, लेकिन मानवता का दर्द समझकर इंसानों के काम आए तो यह सबसे बड़ी इंसानियत का ही उदाहरण है। कुछ ऐसा ही नजारा शहर के दिल्ली गेट स्थित दृष्टिहीन छात्रावास में देखने को मिल रहा है। जहां कई प्रदेशों के रहने वाले दृष्टिहीन बच्चे और युवा रोजाना कोविड व जरूरतमंदों के लिए तैयार होने वाले भोजन के पैकेट तैयार रहे हैं।

भाेजन के पैकेट छात्रावास प्रबंधन जरूरतमंद और कोविड मरीजों में बांट देता है। एक महीने से यह सेवा चल रही है। झज्जर के दिल्ली गेट से जन जागृति फाउंडेशन से दृष्टिहीन एवं असहाय निशुल्क पुनर्वास केंद्र का संचालन होता है। पिछले साल इसका शुभारंभ एसडीएम शिखा ने किया था। यहां फिलहाल 37 किशोर व युवा बच्चे हैं। पुनर्वास केंद्र के संचालक जय वीर ने बताया कि शहर और खास तौर से ग्रामीण क्षेत्रों में लॉकडाउन के कारण कई परिवार ऐसे हैं जिन्हें दो वक्त का भोजन भी काम न होने के कारण नसीब नहीं हो रहा है। इसी तरह होम आइसोलेशन कोविड मरीजों को भी भोजन की समस्या को देखते हुए एक महीने से छात्रावास प्रबंधन ने निर्णय लिया कि सभी जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाएगा। उसे उन इलाकों में दिया जाएगा जहां लोगों को भोजन की जरूरत है।

रोज 150 पैकेट पैक तैयार करते हैं, फिर जरूरतमंदों में बांट दिया जाता

पुनर्वास केंद्र के संचालक ने बताया कि भाेजन सेवा अभियान लगातार चल रहा है। इसमें समाजसेवी लोगों की भी मदद मिल रही है। खासतौर से भमबेभा निवासी राहुल उर्फ रॉकी भोजन सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। संचालक जयवीर ने बताया के रसोइये रोजाना भोजन बनाते हैं, जिससे छात्रावास के दृष्टिहीन युवा बड़े उत्साह और प्यार से भोजन पैक करते हैं। बताया गया कि शुरू-शुरू में नेत्रहीनों को भोजन पैक करने में दिक्कतें आई, लेकिन लोगों की मदद करने के जज्बे को देखते हुए अब सभी अभ्यस्त हो गए हैं। इस तरीके से रोजाना भोजन के डेढ़ सौ पैकेट यह नेत्रहीन पैक करते हैं, जिन्हें बांट दिया जाता है।

अपील: समाजसेवी सूखा राशन दान करें

निशुल्क तौर पर चल रहे इस नेत्रहीन छात्रावास के दृष्टिहीनों और कोविड-19 के दौरान शहर व ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंदाें को भोजन दिया जा रहा है। इस सेवा को देखते हुए छात्रावास के प्रबंधन ने समाजसेवी लोगों से भोजन सामग्री का दान करने की भी अपील की है। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद की जा सके।

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