नेशनल वेबिनार / कोविड-19 की लड़ाई में ‘ज्ञान व नवाचार’ को सक्षम हथियार के लिए विकसित करें

Develop 'knowledge and innovation' to be a capable weapon in the battle of Kovid-19
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Develop 'knowledge and innovation' to be a capable weapon in the battle of Kovid-19

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

झज्जर. वैश्य बीएड कॉलेज की लीगल प्रकोष्ठ और महिला प्रकोष्ठ ने ऑनलाइन नेशनल वेबिनार का आयोजन किया। जिसका विषय “कोविड-19 महामारी भारत में शिक्षा के क्षेत्र में प्रभाव और रणनीति रहा। प्राचार्या डॉ. आशा शर्मा ने वेबिनार के वक्ताओं व इससे जुड़े सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है। शिक्षा का क्षेत्र भी अछूता नहीं रहा है। इसलिए यह समय की मांग है कि कोविड-19 की लड़ाई में हमें अपने ‘ज्ञान एवं नवाचार’ को सक्षम हथियार के रूप में विकसित करना होगा।

कोरोना संकट के समय हमारी जरूरतों ने उच्च शिक्षा व्यवस्था के मूल ढांचे को फिर से छिन्न-भिन्न कर दिया है। चूंकि अब समाज खुद भी वर्चुअल सोशल स्पेस में बदलने को बाध्य है। ऐसे में शिक्षा में भी क्लासरूम की अवधारणा वर्चुअल होती जाएगी। हम धीरे-धीरे एक ऐसे समाज में बदलते जाएंगे। जहां सीधा संवाद लगभग खतम हो जाएगा। सब कुछ वर्चुअल, ऑनलाइन एवं डिजिटल टेक्नो संवादों के रूप में ही रह जाएगा।

कोरोना समय में शिक्षा के सामने कई चुनौतियां: रेनू
शारदा यूनिवर्सिटी की एचओडी प्रोफेसर रेनू गुप्ता कहा कि कोरोना समय में शिक्षा की हमारी कई चुनौतियां हैं। ऐसे में एक तो हमें अपनी शिक्षा के सेमेस्टर, शिक्षण, परीक्षा के कार्य, मूल्यांकन की पद्धति में नए रूपांतरण लाकर अपनी शिक्षा को इस समय में अवस्थित कराना है। दूसरी, हमें दुनिया के बड़े शिक्षण संस्थाओं के समानांतर अपने को मजबूत व आकर्षक बनाना है। तीसरी, शिक्षा को समाहारी बनाए रखने के लिए भारतीय समाज के उपेक्षित व अति उपेक्षित समूहों को भी इस डिजिटल रूपांतरण से जोड़ना है। 

शिक्षा के परिक्षेत्र को अधिक क्षमता से विकास की दिशा में आगे बढ़ाएं

बीपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च की एचओडी डॉ. सुमन दलाल ने कहा कि संभव है कि शिक्षा का यह नया वर्चुअल रूपांतरण हमें बेहतरी की ओर ले जाए। इसलिए शिक्षा के परिक्षेत्र को ज्यादा नवाचारी, समाहारी व क्षमता से विकास की दिशा में आगे बढ़ाएं। इसके लिए शिक्षकों को भी डिजिटल माध्यमों के नवाचारी उपयोगों में खुद को दक्ष बनाना होगा। हमारी सरकार व शिक्षण संस्थाओं को भी उच्च शोध के लिए नवाचारी परियोजनाएं विकसित करनी होंगी।

इसमें धन की बड़ी समस्या होगी। क्योंकि कोरोना हमारी अर्थव्यवस्था में संकट पैदा करेगा। जो अंतत: शिक्षा की हमारी गुणवत्ता को प्रभावित करेगा। इस वेबिनार के लिए 800 से ज्यादा प्रतिभागियों ने पंजीकरण किया। वेबिनार का आयोजन लीगल प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. पूनम राणा व महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी किरण मलिक ने किया।

कोविड-19 के संकट काल में चुनौतियों को अवसर में बदलना चाहिए : डॉ. राजवंती

वैश्य आर्य कन्या कॉलेज के विज्ञान संकाय के पोस्ट ग्रेजुएट विभाग की ओर से ऑनलाइन वेबिनार हुई। इसमें प्राचार्या डॉ. राजवंती शर्मा ने कहा कि कोविड-19 के इस संकट समय में आने वाली चुनौतियों को अवसर में बदलना है। आज हम टेक्नोलॉजी के माध्यम से आपस में संपर्क बनाकर एक दूसरे के बारे में व आसपास के बारे में जानकारी प्राप्त करने में सक्षम है। नवीन टेक्नोलॉजी के जरिए आज इस वेबिनार में हम विचार विमर्श कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन व घरों में कैद रहने की बंदिशे शुरू होने के बाद कोरोना से लड़ना जहां आम आदमी के लिए एक चुनौती बना है। वहीं, कॉलेज ने ऑनलाइन अपनाकर छात्राओं की पढ़ाई को निरन्तर चालू रखा, विभिन्न प्रतियोगिताएं व विभिन्न जागरूकता अभियान से समाज को जागरूक करने में अहम भूमिका अदा कर रहा है। इस समय का सदुपयोग छात्राओं ने कुछ नया सीखने, अपनी संस्कृति को नई पहचान दिलवाने, प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग व पर्यावरण संरक्षण की महत्ता को व्यवहारिक रूप से जाना। इस मौके पर एमएससी फिजिक्स, केमिस्ट्री व मेथ्स विभाग की सभी प्रधानाध्यापिकाओं व छात्राओं ने भागीदारी की। 

छात्राएं ईमानदारी से असाइनमेंट पूरा करें

एमएससी फिजिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. भारती मिश्रा ने बताया कि छात्राओं को गूगल क्लास, वीडियो ऐप के माध्यम से पढ़ाया गया। क्योंकि साइंस व मेथ्स जैसे विषय को विश्लेषणात्मक तरीके से पढ़ाना अति आवश्यक है। इसलिए ई-लर्निंग में इस तरह के माध्यम को चुनना आवश्यक है। इससे छात्राओं को विषय आसानी से समझ में आ सके। एमएससी गणित की विभागाध्यक्ष नेहा सोनी ने कहा कि अब परीक्षा का समय नजदीक है।

असाइनमेंट भी छात्राओं को ई-माध्यम से दिए जाने की आवश्यकता है तो छात्राएं इस समय स्वयं के प्रति ईमानदार रहते हुए असाइनमेंट पूरे करें। एमएससी केमिस्ट्री की विभागाध्यक्ष ज्योति ने भी अपने विचार रखे। प्रश्नोत्तर व फीडबैक सेशन के दौरान साइंस विभाग की सभी छात्राओं ने अपने विचार रखे। आरजू, अंजू व अन्य छात्राओं ने प्राचार्या व अन्य सभी स्टाफ को विश्वास दिलवाया कि वे सभी इस महामारी के दौरान स्वयं को सुरक्षित रखते हुए समाज को जागरूक करने का हर संभव प्रयास करेंगे। वेबिनार का आयोजन फिजिक्स विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. भारती मिश्रा ने किया।

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