ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान:45 से 50% फसल नुकसान की शिकायत दर्ज कराने कृषि कार्यालय पहुंच रहे किसान

झज्जर8 महीने पहले
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  • मंगलवार शाम अचानक बारिश और ओलावृष्टि के साथ आया था तूफान

जिले में मंगलवार शाम तेज हवा के साथ बारिश व ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान की शिकायत लगातार मिल रही है। शनिवार को भी कृषि विभाग कार्यालय पर प्रभावित किसानों की शिकायत दर्ज की गई। यहां आए किसानों ने अपनी फसलों में 45 से लेकर 50 फीसदी तक के नुकसान की आशंका जताई है। हालांकि, कृषि विभाग के जानकारों का कहना है कि नुकसान का असली आकलन सर्वे के बाद ही होगा।

बता दें कि मंगलवार शाम अचानक बारिश व ओलावृष्टि के साथ तूफान आया था। इस कारण नुकसान का प्रतिशत कहीं अधिक बढ़ गया। बरसात में ओलों की मार के बाद गेहूं के पौधे वजन में भारी हो गए। ऐसे में हवा ने उनको जमीन पर गिरा दिया। अब गेहूं की नालियां टूटने के कारण इसका असर उत्पादन पर रहेगा है। कृषि विभाग ने आंकड़ा उच्च अधिकारियों को भेजा है। इसके बावजूद किसानों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में शहर आकर कृषि कार्यालय में अपने नुकसान का आंकड़ा बताएं। इसके लिए कृषि विभाग में अधिकारी अपने स्टाफ के साथ तैनात हैं।

शनिवार को अवकाश के बावजूद कार्यालय खुला रहा। यहां आने वाले किसानों की सुनी गई। महाशिवरात्रि पर कार्यालय खोला गया था। किसानों को एक प्रोफॉर्मा दिया है, जिसे उन्हें भरकर देना होता है, लेकिन कृषि अधिकारी का कहना है कि किसानों को पहले 72 घंटे में इस बात की इतला देनी होती है कि उनके यहां नुकसान हुआ है। इसके बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंच उनका पूर आकलन करेंगे। यदि कोई किसान अपने नुकसान के बारे में बता ही नहीं पाता है तब वह आर्थिक सहायता के अपने हक से वंचित हो जाएगा।

पिछले साल किसानों को एक करोड़ 90 लाख रुपए की मिली थी आर्थिक सहायता
जिले में पिछले कई वर्षों से प्राकृतिक आपदा से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं रही है। इसके बावजूद इस क्षेत्र में काफी ऐसा क्षेत्र है जहां सेम की समस्या रहती है। हल्की सी बारिश होने के बाद से ही फसलें जलमग्न हो जाती है। कृषि विभाग के अनुसार, जेएलएन नहर के साथ-साथ काफी समस्या बनी रहती है। इसके बावजूद जो किसान अपनी फसल का बीमा करते हैं उन किसानों को कंपनी की ओर से लाभ मिलता है। जिले में 22000 किसानों ने फसल बीमा कराया हुआ है।

पिछले वर्ष की बात की जाए तो 1 करोड़ 90 लाख रुपए की राशि ऐसे किसानों को दी गई, जिन की फसल में किसी प्रकार का नुकसान रहा या फिर उनकी औसत पैदावार कम रही। अब यही कारण है कि जिन किसानों की फसलों में नुकसान पहुंचा है, उन्होंने फसल का बीमा कराया हुआ है तब ऐसे किसान प्राथमिकता के आधार पर अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए आ रहे हैं। क्योंकि उन्हें पता है कि फसल बीमा के जरिए उनकी खराब फसल की क्षतिपूर्ति हो सकेगी।

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