जवाब मिलता है अभी टाइम नहीं:कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी में स्वास्थ्य विभाग, घर-घर वैक्सीन लगवाने की अपील

झज्जरएक महीने पहले
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जिला स्वास्थ्य विभाग कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी में जुटा हुआ है तो दूसरी तरफ उसे उन लोगों के चैलेंज से भी जूझना पड़ रहा है जो सेकंड डोज लगवाने के लिए अपने निकटतम सरकारी अस्पताल में नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को फोन भी लगाती है कि वे सेकंड डोज लगवा लें इसका निर्धारित टाइम भी पूरा होने वाला है तब जवाब मिलता है कि अभी उनके पास डोज लगवाने के लिए अस्पताल आने का समय नहीं है। कोरोना की जब लहर आई थी तब स्वास्थ्य विभाग ने 18 साल से 60 साल तक की ज्यादा आयु के के लोगों की एक लिस्ट तैयार की थी उसके अनुसार 10 लाख 50 हजार लोगों को पहली और दूसरी डोज लगाई जानी है। अब आलम यह है कि सिलसिलेवार चल रहे जागरूकता अभियान और अब तीसरी लहर की दहशत के बाद भी लोग कोरोना की वैक्सीन लगवाने में दिलचस्पी कम ही दिखा रहे हैं। कुल वैक्सीनेशन पहली और सेकंड डोज करीब 50 प्रतिशत लोगों ने ही लगाई है।\जिला स्वास्थ्य विभाग ने यह भी जानकारी दी है कि कोरोना वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। अब पहले वाली स्थिति नहीं है कि 1 सप्ताह में दो या तीन बार पंचकूला से वैक्सीन की खेप आती थी। जिले में स्टॉक इतना ज्यादा है कि बाकी बचे हुए लोग अगर इच्छा शक्ति दिखाएं तो स्वास्थ्य विभाग की टीम 10 दिन के अंदर बचे हुए सभी लोगों को पहला और दूसरा टीका लगा सकती है। हालांकि अभी आलम यह है कि पहले की तरह अब भी जिले भर में 4 से 5 हजार की संख्या में रोजाना पहली और दूसरी डोज लगाई जा रही है। जबकि इसकी संख्या दो या तीन गुनी रोजाना होनी चाहिए।

^यह बात सही है कि सेकंड डोज लगवाने के लिए लोग सामने नहीं आ रहे हैं। इसीलिए सरकार ने घर-घर वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया है। लेकिन इसमें भी सफलता कम ही मिल रही है। हमारे सभी सरकारी अस्पतालों में टीमें तैनात हैं। सेकंड डोज लगवाने के लिए लोग लापरवाह हो रहे हैं। जबकि पहली डोज का फायदा तभी मिलता है जब सेकंड डोज या बूस्टर डोज लगती है। -डॉ. विकास चौधरी, नोडल अधिकारी जिला स्वास्थ्य विभाग

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