राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण:स्वच्छता एप पर शिकायत देने के बाद भी सफाई न हाेने पर झज्जर शहर काे 6 लाख जुर्माना लगा

झज्जरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
धोड चौक के पास सड़क किनारे बिखरा पड़ा कचरा। - Dainik Bhaskar
धोड चौक के पास सड़क किनारे बिखरा पड़ा कचरा।

राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत अब विभिन्न स्थानीय निकायों में शामिल नगर परिषद नगर निगम और नगर पालिका को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वच्छता एप का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें। नागरिकों को बताएं कि वे एप पर सफाई और स्ट्रीट लाइट संबंधी शिकायतों को फोटो समेत अपलोड करें। झज्जर स्थानीय निकाय विभाग भी इस संबंध में लोगों को जागरूकता दे रहा है कि वे स्वच्छता एप पर अपने आसपास मौजूद कचरा और नहीं जल रही स्ट्रीट लाइटों के फोटो अपलोड करें और उन्हें निर्धारित समय पर पूरा करवाएं।

यह स्वच्छता एप 2020 में नवंबर माह में शुरू हुआ था और 1 साल में इसकी हकीकत यह है कि सबसे ज्यादा शिकायतें बहादुरगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में ही स्वच्छता एप पर अपलोड की जा रही हैं। रोजाना 15 शिकायतें स्वच्छता एप पर बहादुरगढ़ के नागरिक अपलोड कर रहे हैं जबकि झज्जर में यह स्थिति रोजाना 5 शिकायतों की है। जानकारी के अनुसार बीते 1 साल में सबसे कम शिकायतें अगर आई है तो वह बेरी नगरपालिका के तहत 1 साल में सिर्फ तीन ही शिकायत स्वच्छता एप के जरिए नगर पालिका झज्जर में अपलोड की गई है। स्वच्छता एप पर अपलोड की गई आम नागरिकों की शिकायतों का समाधान सफाई संबंधित अगर 3 घंटे और स्ट्रीट लाइट संबंधित 24 घंटे में नहीं होता तो सफाई कर्मचारियों पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। केंद्र सरकार के द्वारा निर्धारित किए गए स्वच्छता के मापदंड के अनुसार अगर कोई भी नगर परिषद, नगर निगम या नगर पालिका लोगों के द्वारा दी गई शिकायत खासतौर पर सफाई संबंधी सूचना का निराकरण 3 घंटे के अंदर नहीं करती है तो संबंधित नोडल अधिकारी या संबंधित सफाई कर्मचारियों पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। इसी प्रकार स्ट्रीट लाइट संबंधी समस्या का निराकरण 24 घंटे में नहीं करने पर भी संबंधित कर्मचारी पर जुर्माने का प्रावधान है।

बहादुरगढ़ नगर परिषद के संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों पर पिछले 1 साल में 15 लाख रुपए का जुर्माना सिर्फ इसी बात पर किया गया है कि स्वच्छता एप पर शिकायत अपलोड होने और फोटो के जरिए जानकारी देने के बाद भी सफाई और स्ट्रीट लाइट संबंधी समस्या दूर नहीं की गई, लिहाजा जिले में सबसे ज्यादा जुर्माना बहादुरगढ़ नगर परिषद से संबंधित ठेके के कर्मचारियों पर या ठेका कंपनी पर 15 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। वहीं यही स्थिति झज्जर नगर परिषद में भी बनने पर 5 लाख का जुर्माना ठेका कंपनी पर लगाया गया है।

बेरी नगर पालिका में लोग स्वच्छता एप के प्रति कम ही जागरूक हैं। लोगों ने अब बेरी नगर परिषद क्षेत्र में स्वच्छता एप से संबंधित बैनर और पोस्टर लगाए हैं। हमारी लोगों से अपील है कि वे स्वच्छता एप के प्रति जागरूक रहें। अगर कहीं भी आसपास कचरा और गंदगी फैली मिलती है यह स्ट्रीट लाइट बंद मिलती है तो एप पर फोटो समेत इसकी जानकारी दें। निर्धारित समय में इसका निराकरण किया जाएगा। संबंधित जिम्मेदार लोग अगर समस्या का समाधान नहीं करते तो उन पर जुर्माने का भी प्रावधान है। राजेश मलिक, नोडल अधिकारी स्वच्छता एप झज्जर

खबरें और भी हैं...