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साल्हावास:ग्रामीण सफाई कर्मचारी मांगों को लेकर 18 को करेंगे प्रदर्शन

साल्हावास8 महीने पहले
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सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 18 अक्टूबर को भाजपा और जेजेपी के विधायक और मंत्रियों के आवासों के बाहर प्रदर्शन करेंगे। इस बात का फैसला मंगलवार को मारोत गांव में हुई कर्मचारियों की एक मीटिंग में लिया गया। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के नेताओं जिला प्रधान नरेश लडायन व जिला सचिव संदीप मारोत ने कहा कि सफाई का काम स्थाई काम है।

इसलिए सरकार को इन कर्मचारियों को एक कलम से पक्के करने चाहिए वरना कम से कम न्यूनतम वेतन 18000 लागू करना चाहिए। लेकिन ऐसा करने कि बजाय प्रदेश की सरकार राज्य के 11000 के करीब ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के साथ दुहरा मापदंड अपना रही है। 2013 में शहर के सफाई ठेका कर्मियों व गांव के सफाई कर्मियों का वेतनमान एक था। अब ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वेतन 2500 कम है। उक्त बात 25 अगस्त को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री दुष्यन्त चोटाला के साथ वार्ता में उठाई है।

साथ ही यूनियन ने वार्ता में पीएफ, इएसआई, औजारों को ब्लॉक से दिलवाने, काम के नॉर्म तय करने, सफाई कर्मी महिलाओं को वेतन समेत प्रसूति अवकाश, एरियर के भुगतान, बेगार लेने बारे चर्चा की। जिस पर उपमुख्यमंत्री ने इन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया था।

संगठन नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार इन कर्मियों को कोराेना योद्धा कहते नहीं थकती परंतु अभी तक कोराेना काल में एक नए पैसे की बढ़ोतरी नहीं की है। घोषित किए निर्णय सरकार लागू नहीं कर रही। उपमुख्यमंत्री ने तमाम मसलों को सुलझाने के लिए 15-20 दिन का समय मांगा है, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी मांगों का समाधान नहीं किया गया है। रोष स्वरूप प्रदेश के ग्रामीण सफाई कर्मचारी 18 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर भाजपा व जेजेपी के विधायक मंत्रियों के दरवाजों पर प्रदर्शन करेंगे।

समान काम, समान वेतन की मांग को लेकर सफाई कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन : झज्जर

नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा राव तुलाराम चौक से लेकर सब्जी मंडी तक झाड़ू प्रदर्शन किया गया। जनता के बीच जाकर सरकार की पोल खोली गई पर्चे बांटे गए। इकाई प्रधान शिवम चावरिया ने बताया कि कोर्ट का आदेश है कि समान काम करने वाले लोगों को समान वेतन मिलना चाहिए। लेकिन यह नियम नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों के मामले में लागू नहीं है।

सरकार से इस मांग को लेकर कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन उनकी बातों को नजर अंदाज किया जा रहा है। इसी के विरोध में मंगलवार को शहर में लोगों को इस बात की जानकारी देने के लिए पर्चे बांटे गए और झाड़ू के साथ प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि उनका यह अभियान अगले कुछ दिन और जारी रहेगा। इस मौके पर कृष्ण, अमित, सुरेश, कमलेश, बबली, सुशीला, सुनीता, विनोद, धर्मपाल, टिंकल, सविता, शारदा, नीलम, सुशीला, शारदा व दया आदि मौजूद रहे।

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