पीएम कुसुम याेजना:सोलर पंप से कम होगी खेती की लागत, बढ़ेगी किसानों की आमदनी

झज्जर16 दिन पहले
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सोलर पंप की जानकारी देते डीसी श्यामलाल पूनिया। - Dainik Bhaskar
सोलर पंप की जानकारी देते डीसी श्यामलाल पूनिया।
  • जिले में चालू वित्त वर्ष के दौरान 29.31 करोड़ रुपए से अधिक सब्सिडी पर 1435 किसानों को मिले

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) योजना के जरिए प्रदेशभर में 68 सोलर वॉटर पंप का ऑनलाइन शुभारंभ चंडीगढ़ में सीएम मनोहर लाल ने किया। खेतों में सोलर पंप लगाने वाले 219 किसानों को प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन बांटे। झज्जर जिले में सीएम की ओर से डीसी श्याम लाल पूनिया ने लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंसिंग हाल में आयोजित कार्यक्रम में सात किसानों को प्रमाण पत्र दिए। डीसी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान जिले में इस योजना में अब तक 1435 सोलर पंप लगाए गए हैं। जिन पर सरकार की ओर से 29,31,43,995 रुपए की सब्सिडी दी गई।

प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग ने यह कार्यक्रम किया। इसमें सीएम मनोहर लाल ने वॉटर पंप चलाने में सहायक ‘युजर गाइड पुस्तिका’ का भी विमोचन किया। सीएम के साथ बिजली मंत्री रणजीत सिंह व नवीन एवं नवीकरणीय विभाग के अधिकारियों ने भी कार्यक्रम को संबाेधित किया। सीएम के संबाेधन का लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंसिंग हाल में सीधा प्रसारण हुआ। डीसी के साथ एडीसी जगनिवास व अन्य अधिकारीगण व योजना के लाभ पात्र किसान संबोधन के दौरान मौजूद रहे।

बिजली-डीजल पर कम होगी निर्भरता

डीसी ने बताया कि पीएम कुसुम याेजना में 3 से 10 हार्स पावर क्षमता के सोलर पंप प्रदेश में लगाए जा रहे हैं। जिन पर किसान को कुल लागत की केवल 25% राशि ही भरनी होती है। बाकि 75% राशि सब्सिडी के तौर पर दी जाती है। हरियाणा में सौर ऊर्जा से कृषि कार्यों के लिए पंप लगाने के कार्य की नाबार्ड ने भी प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि ये सोलर वॉटर पंप लगाने से किसान को जहां एक ओर सब्सिडी का लाभ मिलता है। वहीं दूसरी ओर, उसकी बिजली पर निर्भरता खत्म हो जाती है। वह जब चाहे इस पंप से अपने खेत में पानी दे सकता है। पानी के सदुपयोग के बारे में बोलते हुए डीसी ने किसानों से टपका सिंचाई प्रणाली अपनाने का आह्वान किया।

ऐसे उठाए योजना का लाभ

एडीसी जगनिवास ने ने बताया कि पीएम कुसुम योजना में सोलर वॉटर पंप लगवाने का सारा कार्य ऑनलाइन तरीके से होता है। किसान अपने खेत में पंप लगाने के लिए विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करते हैं। इसके बाद भारत सरकार से अधिकृत किसी भी फर्म से किसान अपने खेत में सोलर वॉटर पंप लगवा सकते हैं। सभी के रेट बराबर है। किसान को केवल कुल लागत की 25% राशि ही भरनी होती है।

जिले में इन किसानों को मिले प्रमाण पत्र
झज्जर में मुख्यमंत्री ने जिन सात किसानों को सोलर वॉटर पंप लगाने के लिए प्रमाण पत्र दिए उनमें गांव धौड़ से महेश कुमार व सत्येंद्र सिंह, गांव गुढ़ा से शेखर मल्हान व दलबीर सिंह, गांव जहाजगढ़ से अजीत, गांव खातीवास से महेंद्र सिंह व गांव मुंडाहेड़ा से बिजेन्द्र शामिल हैं। डीसी व एडीसी ने इन सभी किसानों का हाैसला बढ़ाया। इस अवसर पर डीडीए इंद्र सिंह, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग से पीओ सुभाष चन्द्र व सी एमजीजीए तान्या सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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