ऐसा पहली बार:इस बार राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में निजी स्कूल भी शामिल किए जाएंगे

झज्जर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • शिक्षा मंत्रालय द्वारा हर 3 साल बाद ली जाती है परीक्षा, इस बार 12 नवंबर को होगी

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा हर 3 साल बाद सरकारी स्कूलों के विभिन्न कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों के लिए जाने वाली राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण परीक्षा में इस बार प्राइवेट स्कूल भी शामिल होंगे। यह परीक्षा पूरे देश में एक ही दिन 12 नवंबर को होगी। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा हर 3 साल में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 3, 5, 8 और 10 वीं क्लास के बच्चों की लर्निंग पावर जानने के लिए यह परीक्षा आयोजित होती है, ताकि इसमें पास होने वाले बच्चों के प्रतिशत के हिसाब से विभिन्न राज्यों में शिक्षा नीति को लागू किया जा सके।

यह परीक्षा वर्ष 2020 में होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण इसे टाल देना पड़ा। अब यह 12 नवंबर को होगी। खास बात यह है कि पहली बार इस तरह की सर्वेक्षण में निजी स्कूलों के बच्चों को भी शामिल किया जाएगा।

सर्वेक्षण को लेकर स्कूल मुखिया हुए जागरूक
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दलजीत सिंह और प्राचार्य डाइट नसीब सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण की तैयारियों से सन्दर्भ में एक मीटिंग का आयोजन किया गया। इसमें मातनहेल व साल्हावास के सभी विद्यालय मुखिया और सभी बीआरपी व एबीआरसी उपस्थित रहे। मीटिंग की शुरुआत में जिला सक्षम नोडल समन्वयक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने बताया कि ये शिक्षा विभाग का एक तरह का हेल्थ चेकअप होता है। जिसके तहत कक्षा 3, 5, 8 व 10 के विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की जानी है।

उन्होंने सभी स्कूल मुखिया उसे अनुरोध किया कि लर्निंग आउटकम से संबंधित बच्चों को ज्यादा से ज्यादा अभ्यास कराया जाए पिछले सर्वे के पेपर बच्चों को प्रैक्टिस के लिए दिए जाएं इस बार भाषा, गणित, विज्ञान पर्यावरण अध्ययन एवं सामाजिक अध्ययन विषय में उपलब्धि परीक्षण का आयोजन किया जाएगा। डाइट प्राचार्य नसीब सिंह ने अपेक्षा की कि झज्जर राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 10 में अपना स्थान बनाएगा।

जिला शिक्षा अधिकारी दलजीत सिंह ने कहा कि इंस्पायर अवार्ड के लिए भी सभी विद्यालय विद्यार्थियों के अधिकतम रजिस्ट्रेशन कराएं जिसके लिए अंतिम तिथि 15 अक्टूबर है। परिवार पहचान पत्र के जिला नोडल अधिकारी रविन्द्र कौशिक ने जल शक्ति अभियान को ऑनलाइन अपडेट करने के बारे में जानकारी दी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मातनहेल के प्राचार्य रतिंदर सिंह मौजूद रहे।

दो क्लासों में झज्जर पहले स्थान पर आया था

शिक्षा विभाग के अनुसार 2017 के सर्वेक्षण में झज्जर के सरकारी स्कूलों के कक्षा 3 के बच्चे लर्निंग पावर के मामले में आठवें नंबर पर पूरे प्रदेश में आए थे, जबकि कक्षा पांच और आठ कक्षा में झज्जर प्रदेश में पहले नंबर पर था।

निजी स्कूल की कक्षा दसवीं को शामिल किया गया था

यह भी कहा गया कि वर्ष 2017 तक इस राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में कक्षा तीन, पांच और आठवीं क्लास शामिल थी। बाद में कक्षा दसवीं क्लास को भी जोड़ा गया और एक साल पहले निजी स्कूल की दसवीं क्लास को एक प्रयोग के तौर पर शामिल किया गया था और अब निर्धारित सभी क्लास में पढ़ने वाले निजी स्कूल के बच्चे भी इस तरह के सर्वेक्षण में पहली बार शामिल होंगे।

खबरें और भी हैं...