डीसी को दी शिकायत:देरी से दुकान बंद करने पर दुकानदार को थाने में ले जाने पर भड़के व्यापारी,

झज्जर14 दिन पहले
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  • व्यापारी बोले- 10-15 मिनट की देरी से दुकान बंद करने पर नहीं होना चाहिए ऐसा सलूक

दुकानदाराें ने आराेप लगाया कि शाम 6 बजे के बाद दुकान खुले रखने के आरोप में शहर पुलिस ने एक व्यापारी को अपनी जीप में बैठा लिया और उसे थाने ले गई। इसी घटना के विरोध में शुक्रवार को शहर भर के व्यापारी एकजुट हुए और उन्होंने डीसी की कोठी पर पहुंचकर पुलिस के इस व्यवहार की आलोचना की। साथ ही व्यापारियों ने कहा कि वे कोरोना में प्रशासन का सहयोग करने से पीछे नहीं रहेंगे, लेकिन किसी व्यापारी को 15 मिनट देरी से दुकान बंद करने के जुर्म में इस तरह से पुलिस का जीप में थाने ले जाना काफी गलत है। पुलिस का व्यापारियों के प्रति इस प्रकार का रवैया ठीक नहीं है और यदि ऐसा होता है तब जिले भर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद कर विरोध किया जाएगा। इस मामले में डीसी ने एसपी से बात कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। व्यापारियों ने बताया कि गुरुवार को जिला प्रशासन की ओर से शाम 6 बजे दुकानें बंद करने के आदेश जारी किए गए थे। लेकिन इस प्रकार के आदेशों की व्यापारियों के पास सही से जानकारी नहीं थी।

हालांकि काफी व्यापारियों ने अपने स्तर पर सूचना मिलने पर अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए, लेकिन कुछ दुकानदार ऐसे थे जो ग्राहक होने के कारण अपनी दुकान को बंद करने की तैयारी में ही लगे हुए थे। इसी बीच सिटी थाना की गश्त कर रही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एक दुकानदार को अपनी जीप में बैठा कर थाने ले गई।

पुलिस का आरोप था कि शाम 6 बजे के बाद दुकानें बंद करने के फरमान जारी हुए हैं और ऐसे में कोरोना गाइडलाइन की अनुपालन न करने के जुर्म में अब कार्रवाई की जाएगी। व्यापारी को पुलिस द्वारा ले जाने के बाद दुकानदारों में रोष फैल गया। हालांकि पुलिस ने उनको चेतावनी देकर छोड़ दिया कि वह आगे से 6 बजे के बाद दुकानें नहीं खोलेंगे।

सोशल मीडिया पर चला व्यापारी एकता का अभियान

दुकानदार को थाने में ले जाने की घटना के बाद देर रात तक सोशल मीडिया पर व्यापारी एकता का अभियान चलता रहा। अलग-अलग व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ तानाशाही के आरोप लगाए और कुछ व्यापारियों ने यह भी कहा कि वे इसी के संबंध में डीसी से संपर्क करना चाहते हैं, लेकिन न तो डीसी की ओर से उनका फोन उठाया जा रहा है और न ही उनके पीए की ओर से। बाद में व्यापारियों को सोशल मीडिया पर यह भी अवगत कराया कि इस पूरी समस्या के बारे में शुक्रवार को डीसी से मिलकर शिकायत की जाएगी।

इस लिहाज से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को डीसी के निवास स्थान पर पहुंचा और डीसी से मिलकर शिकायत दूर करने का आश्वासन प्राप्त किया। लोगों में इस बात का भी रोष था कि व्यापारिक संगठन के प्रधान का भी यदि अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। तब ऐसे में व्यापारी अपनी फरियाद करने के लिए कहां जाएं।

गुरुवार की शाम दुकानदार के साथ किया गया व्यवहार अच्छा नहीं था। पुलिस व्यापारी से इस तरह का व्यवहार कर रही थी जैसे वह कोई चोर या गुंडा हो। व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिला और उन्होंने इस मामले में एसपी से बात कर इस विषय को हल करने का भरोसा दिया है। व्यापारी डीसी के आश्वासन से संतुष्ट हैं। लेकिन यदि पुलिस की ओर से कोरोना महामारी की आढ़ में व्यापारियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर धरना देने से भी पीछे नहीं रहेंगे। -राकेश अरोड़ा, प्रधान व्यापार मंडल झज्जर

सरकार की ओर से कोरोना महामारी को रोकने के लिए सख्त आदेश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से आदेशों की अनुपालन कराई जा रही है। सभी व्यापारियों को गश्त के दौरान नियमों के बारे में बताया है। लेकिन जो लोग नियम को तोड़ेंगे, मास्क नहीं पहनेंगे। तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों से भी यह आह्वान किया गया है कि वह कोविड-19 से बचने के लिए जारी की गई गाइडलाइन की अनुपालना करवाने में प्रशासन का सहयोग करें। - कर्मवीर सिंह, शहर थाना प्रभारी झज्जर

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