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डॉक्टर के बाद नर्सिंग ऑफिसर बने मरीजों के भगवान:वालंटियर सर्विस से 150 कोरोना पॉजिटिव की जान बचाई

झज्जर19 दिन पहलेलेखक: देवेंद्र शुक्ला
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  • नर्सिंग ऑफिसर का थी ग्रुप कमांडेंट चेतन चीता को भी मौत के मुंह से निकालने का कर रहा प्रयास

नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट बाढ़सा में मरीजों के भगवान के रूप में डॉक्टर के बाद अब नर्सिंग ऑफिसर स्टाफ का नाम यहां बड़ी शिद्दत के साथ लिया जा रहा है। यहां नर्सिंग ऑफिसर स्टाफ एक हेल्प ग्रुप बनाकर वालिंटियर सेवा के जरिए 150 ऐसे कोरोना मरीजों की जान बचाने का काम किया है जिनके लिए डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे। कोरोना के दूसरे फेस की बात करें तो राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में 8 हजार से ज्यादा कोविड-19 मरीजों का इलाज हुआ इनमें से 300 मरीज ऐसे थे जिनकी अगर अतिरिक्त सेवा की जाति तब उनकी जान बच सकती थी।

इन मरीजों में 30 से 40 मरीज खुद एम्स का स्टाफ था और बाकी अन्य मरीज थे। ऐसे में इन 300 मरीजों को लेकर यहां नर्सिंग ऑफिसर के बने व्हाट्सएप ग्रुप के सदस्यों ने अपनी सरकारी ड्यूटी खत्म करने के बाद भी इन्हें अतिरिक्त सर्विस देने की ठानी तब इन 300 में से 150 मरीजों की जान बचाने का काम यहां एनसीआई में हुआ। जिसे एक चमत्कार ही माना जा रहा है। रविवार 6 मई को भी एक ऐसी ही मरीज अंजू को भी मौत के मुंह में से निकालने का काम इन नर्सिंग ऑफिसर ने अपनी अतिरिक्त सेवा करके किया जो पिछले 1 महीने से ऑक्सीजन पर थी।

नर्सिंग ऑफिसर का यही ग्रुप अब कमांडेंट चेतन चीता को भी मौत के मुंह से निकालने का कर रहा है प्रयास एम्स स्टाफ से शुरू हुई सेवा दूसरे मरीजों की जान बचाने तक पहुंची। केरल निवासी सुनीता एम्स के नर्सिंग यूनियन स्टाफ के लिए एक बड़ा चैलेंज थी तब सुनीता की जान उस स्थिति में बचाई गई जब डॉक्टरों ने खुद इनके बचने के चांस कम बता दिए थे ।26 अप्रैल को जब स्टाफ नर्स सुनीता वेंटिलेटर से बाहर आकर स्वस्थ हुई तब इसे एक चमत्कार ही माना गया कि वालंटियर सर्विस अगर किसी की की जाए तो अनहोनी को भी टाला जा सकता है। फिर यहां के नर्सिंग ऑफिसर नंद भंवर सिंह और उनके साथ के कई लोगों को लेकर एक ग्रुप बनाया और वालंटियर सर्विस शुरू हो गई जिसका सिलसिला अब भी जारी है।

एम्स झज्जर ने बनाई अपनी देश भर में पहचान
देश की सरकारी अस्पतालों के नक्शे पर 2018 में उभरकर आए झज्जर एम्स ने अपनी पहचान न सिर्फ अपने सबसे बड़े कैंपस बल्कि अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों के साथ-साथ अब मेडिकल रोगी सेवा के रूप में भी अनूठे तरीके से बनाई है। यहां नर्सिंग ऑफिसर ने वालिंटियर सर्विस के लिए जो ग्रुप बनाया है वह देश के एम्स में अनूठा और पहला उदाहरण है। नर्सिंग ऑफिसर नंद भंवर सिंह और अरविंद थ्योरी और उनसे जुड़ी हुई टीम यहां कोविड-19 कार्यकाल में ऐसे मरीजों की जान बचाने का काम कर रही है जिनके लिए डॉक्टर्स की टीम भी नहीं बचने की उम्मीद कर देती है।
कोविड में हमारे सभी स्टाफ ने जी-जान लगाकर सेवा दी है
^यह जानकर बड़ी खुशी होती है कि एम्स में बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो अपनी ड्यूटी को सरकारी ड्यूटी ना समझते हुए मरीजों की जान बचाने के मकसद से ही काम करते हैं । कोविड में हमारे सभी स्टाफ ने जी-जान लगाकर यहां सेवा दी है। इस बीच वालिंटियर मेडिकल सर्विस के रूप में नर्सिंग ऑफिसर का जो ग्रुप काम कर रहा है वह देश में एक अलग ही उदाहरण है।
डाॅ .एंजेलो राजन सिंह, एडमिनिस्ट्रेटिव हेड एनसीआई

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