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समारोह:30 साल कोच रहे रणबीर ढाका का पहलवानों ने किया सम्मान

झज्जर4 दिन पहले
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रणबीर ढाका का सम्मान करते हुए।

हरियाणा खेल विभाग में 30 साल तक कुश्ती के कोच रहे मूल रूप से रोहतक के सुंडाना निवासी रणबीर ढाका का झज्जर के प्राचीन गुरुकुल में आचार्य विजयपाल के मार्गदर्शन में सम्मान किया गया। प्रदेश भर के पहलवानों ने अपने गुरु रहे रणबीर ढाका और आचार्य विजयपाल को सम्मान दिया। बाद में रणबीर ढाका ने कहा कि वह इस सम्मान समारोह को हमेशा याद रखेंगे।

इस अवसर पर महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के छात्र नेता जोगेंद्र जोगा सिंह, जिला परिषद के वाइस चेयरमैन योगेश, डॉ. यादराम जीन्द, मास्टर सतीश, मास्टर प्रवीण, मास्टर वीरेन्द्र, मास्टर नेत्रपाल, सतीश पहलवान, मेजर सूबेदार संजय, सुरेश पहलवान, बोला पहलवान व सुनील मौजूद रहे।

इस सरकार में खेल विभाग का बुरा हाल
रणबीर ढाका ने सेवानिवृत्ति के बाद अब मौजूदा सरकार पर हमले किए हैं। उनका कहना है कि सरकार की गलत खेल नीतियों के कारण हरियाणा का खेल विभाग ही नहीं खिलाड़ियों के भी बुरे हाल हैं। इस सरकार ने अब तक खेलों की सुविधाओं के लिए किट के रूप में एक गेंद भी नहीं खरीदी है। 2016 में अपनी अगुवाई में ओलंपिक खेल चुके संदीप तोमर, एशियन चैंपियनशिप में भारत को ग्रीको रोमन में 27 साल बाद गोल्ड दिलाने वाले सुनील डब्लू्र, एशियन में सिल्वर लाने वाले अनिल कासंधि और कॉमनवेल्थ विजेता मनोज डाबला के कोच रहे रणबीर ढाका ने कहा खेल विभाग की नीतियां बनाते समय खेल प्रशिक्षकों को भी शामिल कर लें तो उससे कई गुना फायदा विभाग और खिलाड़ियों को मिलेगा।

ढाका ने कहा कि मौजूदा सरकार ने सब जूनियर को मिलने वाले इनामों की राशि कम कर दी है। पहले नेशनल में गोल्ड लाने पर 3 लाख रुपए मिलते थे अब यह घटाकर 50 हजार रुपए कर दिए हैं। इसी प्रकार स्पोर्ट्स विंग के तहत मिलने वाली स्कॉलरशिप भी बंद कर दी है। जो हर माह खिलाड़ियों के खाते में जाती थी। नर्सरी खत्म करना भी एक गलत कदम इस मौजूदा सरकार का रहा है। पूर्व कोच ने कहा कि अब खिलाड़ी ही नहीं खेल विभाग के प्रशिक्षक भी सुविधा न मिलने से दुखी हैं यही कारण है विभाग के कोच अब अपनी नौकरी छोड़कर सरकारी स्कूलों में पीटीआई के लिए आवेदन कर रहे हैं उसे ही सुरक्षित भविष्य मान रहे हैं।

ढाका ने बताया कि ओलंपिक में कुश्ती के 6 वजन में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को ही इनाम और नौकरी दी जाती है। जबकि कुश्ती के जो अन्य चार वजन है उनके खिलाड़ी अगर वर्ल्ड चैंपियनशिप, नेशनल व एशियन चैंपियनशिप में भी मेडल लाए तो उन्हें नौकरी नहीं मिलती। जबकि इतनी मेहनत वो भी करते हैं। अपने खिलाड़ी जीवन में 5 साल तक नेशनल चैंपियनशिप रह चुके रणबीर ढाका ने कहा खेल विभाग में जो प्रशिक्षक अच्छा काम कर रहे हैं उन्हें पुरस्कार मिलना चाहिए और जिनका काम ठीक नहीं है उन्हें सजा भी मिले ऐसा उनका मानना है।

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