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सुध ली:4 साल से बंद गैस चलित शवदाह मशीन को चालू करने को आगे आए 4 इंजीनियर, खर्च भी वहन करेंगे

कनीनाएक महीने पहले
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गैस चालित शवदाह गृह का डेमो लेते कस्बे के इंजीनियर। - Dainik Bhaskar
गैस चालित शवदाह गृह का डेमो लेते कस्बे के इंजीनियर।
  • कनीना में 25 लाख रुपए की लागत से तैयार गैस चलित शवदाह गृह के शुरू न होने का समाचार प्रकाशित होने के बाद डेमो लेने पहुंचे समाजसेवी

कनीना में 25 लाख रुपए की लागत से तैयार गए गैस चलित शवदाह गृह के शुरू न होने का समाचार प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को कस्बे के 4 इंजीनियरों ने पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गैस चलित शवदाह गृह का डेमो लेकर देखा।

करीब 4 साल से उपरोक्त गैस चलित शवदाह गृह शुरू न होने से जर्जर होता जा रहा था। जिसे शुरू करने के लिए शुक्रवार को कस्बे के इंजीनियर मुकेश पंजाबी, अमरनाथ पंजाबी, सुरेश पंजाबी व अनील जांगड़ा ने मिलकर 5 घंटे की में गैस चलित शवदाह गृह मशीन का डेमो लेकर देखा।

कस्बावासी समाजसेवी शिब्बू पंसारी, पार्षद मुकेश रोकी, तोताराम जांगिड़, मदन पंजाबी ने बताया कि दैनिक भास्कर में प्रकाशित समाचार के बाद उन्होंने मिलकर इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए कनीना के इंजीनियर मुकेश पंजाबी, अमरनाथ पंजाबी, सुरेश पंजाबी व अनील जांगड़ा को गैस चलित शवदाह गृह मशीन को शुरू करने व इसमे आने वाले खर्चे को स्वयं उठाने की बात कही है।

कस्बावासियों के आग्रह पर कुछ वर्ष पूर्व एसडीएम संदीप सिंह ने शवदाह गृह को कनीना में बनवाने के लिए मंजूरी दिलवाई दी। जिसका निर्माण बाबा लालगिरि मोक्ष आश्रम के पास श्मशान भूमि में किया गया है, जिसमें 19 लाख रुपए से गैस चलित शवदाह मशीन लगाई गई है व इसको तैयार करने में 6 लाख रुपए की लागत आई है। कस्बावासी समाजसेवी तोताराम जांगिड़, मुकेश नंबरदार, मदन सिंह सहित अन्य लाेगाें ने बताया वे शवदाह गृह को शुरू करवाने के लिए एसडीएम व हल्का विधायक से कई बार मिल चुके है लेकिन इस शवदाह गृह को शुरू करवाने के लिए कोई भी अधिकारी व नेता रूचि नहीं दिखा रहा है। जिस वजह से अब यह शवदाह गृह जर्जर होना शुरू हो गया है।

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