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झमाझम बरसे बदरा:43 दिन में 54% कम दर्ज हुई बारिश और अब जिले में 24 घंटे में हो गई 65.2 एमएम

महेंद्रगढ़17 दिन पहले
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  • अब कुछ कुछ लगने लगा है कि मानसूनी बारिश का मौसम आ गया है

क्षेत्र में बुधवार को करीब 40 मिनट झमाझम बदरा बरसे। बरसात रूकने के बाद शहर के गली-मोहल्ले, मेन मार्ग व कॉलोनियां समेत सब जगह पानी ही पानी नजर आया। मानसून की हुई पहली ही बरसाती ने नगरपालिका प्रशासन व जनस्वास्थ्य विभाग के पानी निकासी के सभी इंतजाम बौने साबित कर दिए।

दूसरी तरफ मॉनसून की पहली अच्छी बरसात से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के चेहरे भी खिले नजर आए। इन पिछले 24 घंटों के दौरान जिले में कुल 65.2 एमएम दर्ज की गई। बता दें कि जून से 13 जुलाई की अवधि में जिले में 54% कम बारिश दर्ज की गई। ​​​​महेंद्रगढ़ क्षेत्र में बुधवार शाम 3.15 बजे तेज हवा के साथ बरसात हुई ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया।

40 मिनट में 20 एमएम से अधिक बरसात के चलते हर तरफ पानी ही पानी नजर आया। नगर में पानी निकासी को लेकर दम भरने वाली नगरपालिका खुद पानी में डूबी लाचार नजर आई। नपा कार्यालय के अंदर तक पानी भर गया। हर बार लोग शहर में पानी निकासी को लेकर प्रशासन को सचेत करते रहे हैं।

नगर के बालाजी चौक से विश्वकर्मा चौके के हालात देखकर लगता है कि पालिका प्रशासन द्वारा हाल ही में नवनिर्मित टाइल रोड ज़रुर किसी अच्छे इंजीनियर की सलाह से बनवाया होगा। रोड पर कोई मेन नाला नहीं, पानी निकासी की व्यवस्था सीवरेज सिस्टम पर है, परंतु इस जगह शहर का अकेला सीवरेज सिस्टम नाकाफी है।

शहर के गली-मोहल्ले व कॉलोनियां सब जलमग्न
बरसात से वैसे तो शहर का हर गली-मोहल्ला व मेन मार्ग जलमग्न नजर आए। पेट्रोल पम्प के आगे नगर के स्टेट हाइवे पर, रतन कॉम्पलैक्स के सामने, आईटीआई रोड, विश्वकर्मा चौक, बालाजी चौक, सिनेमा रोड, अनाज मंडी से फ्लाई ओर की ओर जाने वाला मार्ग, गोशाला रोड पर, माता मसानी चौक के पास, कन्या स्कूल की ओर, ऑटो मार्केट, मोहल्ला वाल्मीकि के पास, मोहल्ला महायचान, सैनीपुरा, कॉलेज रोड पर, शिव कॉलोनी के पास, गंगा देवी नेत्र अस्पताल के पास, बुधराम कॉलोनी सहित शहर के अनेक स्थानों पर जलभराव हो गया।

15-16 को हल्की, 17 जुलाई के बाद अच्छी बरसात की संभावना
कृषि मौसम विशेषज्ञ डॉ. दिवेश चौधरी ने बताया कि पिछले 24 घंटों में 2.5 मिली मीटर वर्षा हुई। जबकि शाम को महेंद्रगढ़ में 20.8 मिली मीटर वर्षा हुई। क्षेत्र का अधिकतम तापमान जहां 37.0 डिग्री सेल्सियस जो सामान्य तथा न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम में अधिकतम आद्रता 92 प्रतिशत व न्यूनतम आद्रता 89 प्रतिशत रही। 16 जुलाई तक बीच-बीच में हल्की बरसात की संभावना हैं। 17 के बाद मध्यम बरसात की संभावना है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार के अनुसार बरसात से किसानों की बिजाई की हुई कपास, बाजरे की फसलों को अच्छा लाभ मिलेगा।

सबसे अधिक 41 एमएम बारिश अटेली में रिकार्ड दर्ज की गई

नारनौल, दिन में अंधेरा सा। आसमान में उमड़ती घुमड़ती काली घटाएं। उनके नीचे तेज गति से दौड़ते वाष्प रूपी हलके हलके सफेद बादल। पूर्वाई के साथ रिम-झिम गिरती फुहारें ही वास्तव में अहसास कराती हैं कि मानसूनी बारिश शुरू हो गई है। कुछ कुछ ऐसा ही नजारा बुधवार दोपहर के बाद से बना। जो देर शाम तक जारी रहा।

हालांकि बारिश तो रुक रुक कर मंगलवार दोपहर बाद से ही हो रही है। इन पिछले 24 घंटों के दौरान जिले में कुल 65.2 एमएम दर्ज की गई। इसमें सबसे अधिक 41 एमएम बारिश अटेली में रिकार्ड की गई। हालांकि बुधवार दोपहर तक तो आंशिक बादलवाई ही थी। उसके बाद आसमान काली घटाओं से घिर गया और रिमझिम बारिश शुरू हो गई। जो धीमे धीमे देर शाम तक जारी रही।

इससे मानसूनी बारिश के बरसाती मौसम का अहसास सा हुआ। शहरी तथा ग्रामीण अंचल में इसके रंग भी दिखाई दिए। बाजारों में जहां सड़कों व गलियों में पानी से हलका कीचड़ बन गया। इससे आम काम काज प्रभावित रहा। ग्रामीण अंचल में दम तोड़ रही ग्वार, बाजरा आदि खरीफ फसलों को जीवनदान मिल गया है तथा लहलहा उठी हैं। किसानों के मायूस चेहरों पर भी रौनक लौटी है।

कुल मिलाकर एक दो दिन से लगने लगा है कि बरसाती मौसम आ गया है। नहीं तो तापमान 43 डिग्री को क्रॉस कर गया था। आद्रता स्तर 80 प्रतिशत से अधिक होने के कारण उमस दम निकाल रहा था। माॅनसून सीजन अमूमन तौर पर 1 जून से शुरू माना जाता है। हालांकि जून में मानसून कभी कभार ही आता है, लेकिन प्री माॅनसून बारिश ज़रुर होती है।

इस बार भी माॅनसून ने हरियाणा में जून माह में दस्त दे दी थी। आगाज पर राज्य के कुछ ऊपरी जिलों में बारिश भी दर्ज की गई, लेकिन उसके बाद से यह ऐसा रूठा कि जुलाई माह के भी दो सप्ताह बीतने के बाद ही कुछ सक्रिय हुआ है। मौसम विभाग के रिकार्ड के अनुसार इन दिनों में सामान्यत: 103.7 एमएम बारिश होनी चाहिए। जबकि हुई मात्र 47.5 एमएम ही।

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