शिलान्यास:विश्व बंधुत्व की राह पर अग्रसर है भारत : डॉ. रामदास अठावले

महेंद्रगढ़2 महीने पहले
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  • हकेंवि में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ शुभारम्भ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जिस तरह से विदेश नीति के मोर्चे पर सबका साथ सबका विकास और विश्व बंधुत्व के भाव को प्रचारित-प्रसारित किया है वह हमारी पुरातन सभ्यता व संस्कृति का सर्वोत्तम उदाहरण है। बात चाहे पड़ोसी देशों की हो या विश्व के विकसित व विकासशील राष्ट्रों की। 2014 के बाद से जिस तरह से भारत के प्रति विश्व समुदाय का नजरिया बदला है, वह सराहना के योग्य है।

यह विचार भारत सरकार में राज्यमंत्री डॉ. रामदास अठावले ने हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ में आयोजित भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा ब्रिक्स फाउंडेशन, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से शामिल हो रहे हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को कहा कि भारत निरंतर विश्व शांति के मार्ग पर अग्रसर है और इसमें पड़ोसी देशों की भूमिका सदैव ही महत्त्वपूर्ण रहती है।

कुलपति ने कहा कि न सिर्फ पड़ोसी देश बल्कि पड़ोसी देशों के पड़ोसी देश भी हमारे लिए महत्त्वपूर्ण है। कुलपति ने अफगानिस्तान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने जिस तरह से वहां विकास कार्यों में योगदान दिया, वह किसी से छिपा नहीं है। प्रो. टंकेश्वर कुमार ने इस अवसर पर भारत की शंाति पंसद नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि हम आपसी भाई-चारे व प्रेम के साथ सभ्यता, संस्कृति, व्यापार का विकास चाहते हैं।

कार्यक्रम में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय कह कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित किया और वर्ष 2014 के बाद से भारतीय विदेशी नीति विशेषकर पड़ोसी देशों के साथ बदले संबंधों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने भारत के द्वारा पड़ोसी देशों के साथ रेल, रोड़, पर्यटन उद्योग आदि के सतर पर बढ़े सहयोग पर भी ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम में बाबा भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रो. रिपुसूदन सिंह व जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रो. संजय भारद्वाज भी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के आरंभ में राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजबीर दलाल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया और सह-आचार्य व सम्मेलन के समन्वयक डॉ. शांतेष कुमार ने विषय परिचय से सभी प्रतिभागियों को अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में विभाग के सह-आचार्य डॉ. रमेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शोध अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान, कुलसचिव प्रो. सारिका शर्मा, वित्त अधिकारी डॉ. आनंद शर्मा, राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. राजीव कुमार सिंह, श्वेता सोहल, भूगोल विभाग के प्रभारी मनीष कुमार सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्रभारी, शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।

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