याेजना से अब सरकार विमुख हाेने लगी:अटल किसान-मजदूर कैंटीन में सालभर की बजाय, अब केवल 5 महीने ही मिलेगा 10 रुपए में भोजन

मंडी अटेलीएक महीने पहले
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प्रदेश की 23 मंडियों में किसान-मजदूर व जरुरतमंदाें काे 10 रुपए में भोजन उपलब्ध कराने की याेजना से अब सरकार विमुख हाेने लगी है। अनाज मंडियों में शुरू की गई इन अटल किसान-मजदूर कैंटीन में सालभर की बजाय अब वर्ष मे केवल 5 माह ही 10 रुपए के रेट से भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं ऑफ सीजन में 10 की बजाय 25 रुपए एक थाली के वसूले जाएंगे।

बता दें कि मुख्यमंत्री द्वारा 29 दिसंबर 2019 को इसकी शुरुआत करनाल अनाज मंडी से की थी। उसके बाद प्रदेश भर में 23 अनाज मंडियों में अटल किसान मजदूर कैंटीन को शुरू किया गया। जिला महेन्द्रगढ़ में 23 अक्टूबर 2020 को अटेली अनाज मंडी में कैंटीन का उद्घाटन अटेली के विधायक सीताराम यादव द्वारा किया गया था। मात्र 10 रुपए में एक थाली जिसमें चार रोटी, दाल-चावल व सब्जी से मजदूर ग्राहक अपना पेट भर सकते थे, जिसके लिए 15 रुपए मार्केट कमेटी अटेली से सब्सिडी दी जाती थी। अब किसान-मजदूरों को अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। विभाग द्वारा जारी पत्र में अब केवल रबी एवं खरीफ सीजन के दौरान ही किसान-मजदूरों को 10 रुपए में भोजन उपलब्ध हो सकेगा।

बता दें कि अटेली मंडी में कैंटीन हरियाणा राज्य कर्मचारी आजीविका मिशन के तहत चलाई जा रही है। इसके तहत कैंटीन का शुरुआती सामान और स्थान मार्केट कमेटी द्वारा मुहैया कराया गया है। अब भी यह कैंटीन मार्केट कमेटी के विश्राम गृह में मार्केट कमेटी के सामान से बिना किराए पर चल रही है। महिला ग्राम संगठन कटकई के तहत जय माता दी संगठन द्वारा यह कैंटीन चलाई जा रही है। कैंटीन की मैनेजर मधु कटकई है, जिसमें खाना बनाने वाली व इसका प्रबंधन करने वाली सभी महिलाएं हैं। कैंटीन की मैनेजर मधु ने बताया कि सरकारी सब्सिडी के बिना कैंटीन चलाने में परेशानी होगी इसलिए अब सरकारी सब्सिडी का अंतर सीधे ग्राहक से लिया जाएगा इसलिए अब कैंटीन में एक थाली की कीमत 25 रुपए कर दी गई है।

मार्केट कमेटी द्वारा कैंटीन का खूब प्रचार-प्रसार के बावजूद भी कैंटीन में प्रतिदिन 100 से 150 व्यक्तियों का आवागमन होता था। जिसमें 10 रुपए में शुद्ध व शाकाहारी भोजन से खुश दिखाई देते थे, जबकि सरकार प्रतिदिन के हिसाब से 300 थालियों की सब्सिडी देती थी। कोरोनाकाल में लॉकडाउन के समय मार्केट कमेटी स्टाफ एवं प्रबुद्धजनों द्वारा कैंटीन मुफ्त भी चलाया गया था जिससे बहुत से जरुरतमंदों के लिए यह कैंटीन संकट काल में सहारा बनी थी। कस्बे के अच्छे एवं स्वस्थ वातावरण में चलने वाली कैंटीन के प्रति लोगों के उदासीन रुझान के कारण अब सरकार सीजन के दौरान भी 300 थाली से घटाकर 200 थाली तक ही सब्सिडी देने पर विचार कर रही है।

अब 4 महिला ही कार्यरत, बाकियों की छुट्टी
महिला ग्राम संगठन कटकई के तहत जय माता दी संगठन में वैसे तो 100 महिलाएं हैं लेकिन कैंटीन में 8 महिलाओं को प्रतिदिन खाना बनाने से आर्थिक हालत में सुधार होने के साथ रोजगार भी मिला हुआ था, लेकिन अब 10 से बढ़ा कर 25 रुपए की थाली करने पर सेल कम हाे गई जिस कारण कैंटीन में केवल 4 महिला ही कार्यरत हैं, बाकियों की छुट्टी कर दी है। जानकारी के अनुसार शुरू में इस कैंटीन में 100 से 150 थालियां बिकती थी लेकिन सीजन में 200 के करीब किसान-मजदूर कैंटीन में लोग इसका लाभ लेते थे। अब रेट बढ़ने के कारण 20 से 30 के बीच में ही व्यक्ति ही आ रहे हैं।

एनआरएलएम तय करती है थाली के दाम, फसल के सीजन में ही मिलेगा सस्ता भोजन
हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा जारी पत्र अनुसार अब केवल रबी एवं खरीफ सीजन के आरंभ से 15 दिन पहले व 15 दिन बाद तक मार्केट कमेटी अटल किसान मजदूर कैंटीन में 15 रुपए की सब्सिडी प्रदान करेगी। अर्थात 15 मार्च से 30 मई तथा 15 सितंबर से 30 नवम्बर तक सब्सिडी युक्त भोजन किसानों मजदूरों को कैंटीन में उपलब्ध होगा। सीजन के दौरान दोपहर 3 बजे के बाद दिए जाने वाले भोजन पर भी सब्सिडी नहीं दी जाएगी तथा थाली की राशि का निर्धारण एनआरएलएम द्वारा किया जाएगा।
-यदुराज यादव, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव, कृषि उपज विपणन समिति अटेली।

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