पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कल से खुलेंग स्कूल:कोरोना हिदायतों के बीच कल से स्कूलों में होगी पढ़ाई

महेंद्रगढ़12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
महेंद्रगढ़ के बेरी स्कूल में कक्षा कक्ष को सैनिटाइज करते कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
महेंद्रगढ़ के बेरी स्कूल में कक्षा कक्ष को सैनिटाइज करते कर्मचारी।

प्रदेश में लॉकडाउन के बाद 16 जुलाई से फिर से स्कूलों में चहल-पहल लौटने वाली है। इसके लिए सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने स्कूलों को खोलने को लेकर तैयारियां शुरु कर दी हैं। जिन स्कूलों में छात्र संख्या कम हैं वहां सभी छात्र-छात्राओं को तथा जहां संख्या अधिक है वहां रोस्टर से बुलाया जाएगा। इस विषय में विशेषज्ञ व अधिकांश अभिभावक स्कूल खोलने के पक्ष में ही अपनी राय दे रहे हैं।

बता दें कि जिले के महेंद्रगढ़, नारनौल, नांगल चौधरी, कनीना, अटेली ब्लॉक में कुल मिलाकर 154 राजकीय हाई व सीनयर सेकेंडरी स्कूल हैं। इसके अलावा 250 के करीब प्राइवेट स्कूल भी हैं। जिनमें क्षेत्र के साथ-साथ अन्य जिलों व राज्यों के छात्र-छात्राएं भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

स्कूलों में साफ-सफाई के अलावा करवाया जा रहा है दवा का छिड़काव
शिक्षा अधिकारियों के निर्देश पर स्कूल प्रबंधन द्वारा स्कूलों में साफ-सफाई के अलावा उन्हें सेनिटाइज करवाया शुरु कर दिया है। पेड़-पौधों की कटाई, डेक्सों पर जमा धूल तथा उन्हें उचित दूरी पर रखने, दरवाजे-खिड़कियां सब को साफ-सुथरा रखने को लेकर स्कूल प्रबंधन जुट गया है ताकि छात्र-छात्राओं को सरकार व शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार बेहतर सुविधा मिल सके।

ज्यादा संख्या वाले स्कूलों में अपनाई जाएगी रोस्टर प्रणाली
शिक्षा अधिकारियों के अनुसार 16 जुलाई से ओपन हो रहे स्कूलों में बच्चों को अभिभावकों की अनुमति तथा टैंपरेचर जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। प्रत्येक छात्र-छात्राओं को स्कूल में मास्क लगाना तथा अपनी पानी की बोटल साथ लान अनिवार्य रहेगा। सरकारी स्कूलों में बच्चों को खुले में यानी पेड़ की छाया या फिर बरामदे बैठाकर शिक्षा दी जाएगी। इस सब कार्यों को बेहतर तरीके से करने के लिए स्कूलों में कमेटी भी बनाई गई है।

स्कूल खुलने से सबसे ज्यादा खुशी निजी स्कूल के शिक्षकों और अन्य स्टाफ को
बता दें कि महेंद्रगढ़ में रोजगार के नाम पर मार्केट के अलावा केवल स्कूल हैं, जहां हजारों की संख्या में पढ़े-लिखे लोग शिक्षक के रूप में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। इसके अलावा स्कूल बस चालक-परिचालक, चपरासी, सफाई कर्मी, क्लेरिकल में भी काफी बेरोजगार अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं।

स्कूल बंद होने पर सबसे ज्यादा आर्थिक तंगी का सामना प्राइवेट स्कूलों के स्टाफ को ही करना पड़ा है। कुछ स्कूलों को छोड़कर अधिकांश ने शिक्षकों व अन्य स्टाफ को विदाउट सैलरी कर दिया है। ऐसे में स्कूल खुलने की सबसे ज्यादा खुशी उन बेरोजगार शिक्षकों को है।

विशेषज्ञ बोले- स्कूलों को खोलना अच्छी पहल परंतु कोविड हिदायतों का पालन अनिवार्य
पूर्व प्राचार्य आरपी कौशिक ने बताया कि अब कोरोना संक्रमण का प्रकोप कम हो गया है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए स्कूलों को खोलना अच्छी पहल है, परंतु स्कूलों में कोविड को लेकर जारी हिदायतों का पालन करना अनिवार्य है। पूरा विश्व कोरोना महामारी से परेशान है। देश में भी तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है ऐसे में सभी को सतर्क व जागरुक रहते हुए नियमों का सख्ती के साथ पालन करना है।

प्राचार्य कैलाशचंद यादव ने बताया कि अब जब कोरोना संक्रमण का दौर गुजर गया है तो सरकार का स्कूल खोलने का निर्णय सही है। स्कूल खेलने पर भी तीसरी लहर को लेकर सभी को सावधानियां बरतनी है। बच्चों, अभिभावकों व शिक्षक सभी को कोविड-19 से बचाव को लेकर जारी निर्देशों को पूरी तरह से पालन जरूरी होगा । पहले बच्चों का स्वास्थ्य है बाद में पढ़ाई। बच्चों के भविष्य को देखते हुए पढ़ाई भी जरुरी है।

जिले में 16 जुलाई से 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खुल रहे हैं। सभी स्कूल मुखियाओं को कोविड को लेकर जारी हिदायतों का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए स्कूलों में कमेटियां भी बना दी गई है। स्कूलों में बच्चों को खुले में पेड़ के नीचे या फिर बरामदों में बैठाया जाएगा। अधिक संख्या वाले स्कूलों में रोस्टर के अनुसार विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा, नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।-सुनीलदत्त, जिला शिक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़/नारनौल।

खबरें और भी हैं...