मौसम:बुधवार रही इस सीजन की सबसे ठंडी रात, पहली बार जीरो से नीचे माइनस 0.5 पर पहुंचा नारनौल का पारा

महेंद्रगढ़एक वर्ष पहले
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उत्तरी भारत के पहाड़ी इलाके में हो रही बर्फबारी के चलते दिल्ली व हरियाणा समेत मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड उतर आयी है। कड़ाके की ठंड के बीच उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से हरियाणा के कई जिलों में पारा लुढ़क कर शून्य से नीचे आ गया है। इसके चलते नारनौल में बुधवार रात का तापमान 2.4 डिग्री से लुढ़ककर -0.5 डिग्री पहुंच गया। इसके चलते बुधवार रात को नारनौल में खुले आसमान तले पाला जमा। सुबह लोग जब बिस्तर से उठ कर घरों से बाहर आए खेतों व घरों से आसपास खाली मैदान में चारों ओर बर्फ की सफेद चद्दर बिछी देखी। गुरुवार रात को भी तापमान में गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में गुरुवार रात को भी पाला जम सकता है। कृषि विभाग के अनुसार पाला जमने से फसलों को नुकसान होने की संभावना है।

बता दें कि उत्तरी भारत के पहाड़ी इलाके में हो रही बर्फबारी एवं उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से जिला महेंद्रगढ़ में तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। इसी के चलते नारनौल में रविवार रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सोमवार रात का तापमान लुढ़क कर 1.6 डिग्री पहुंच गया। इसके बाद मंगलवार रात का तापमान बढ़ कर 2.4 डिग्री पहुंच गया। बुधवार रात को तापमान फिर लुढ़क कर -0.5 डिग्री पहुंच गया। सर्दी के इस सीजन में नारनौल में बुधवार रात का तापमान पहला बार शून्य से नीचे पहुंचा है। इस प्रकार नारनौल में बुधवार की रात सर्दी के इस सीजन की सबसे ठंड रात रहा। नारनौल का तापमान माइनस में पहुंच जाने के कारण बुधवार रात को लोग बिस्तरों में भी ठंड के मारे ठिठुरते रहे।

सर्दी के इस सीजन में नारनौल में बुधवार रात को चौथी बार पाला जमा है। बुधवार रात को तो पारा लुढ़क कर शून्य से नीचे माइनस में चला जाने के कारण चारों ओर बर्फ की सफेद चद्दर बिछ गई। कृषि विभाग नारनौल के अधिकारियों के अनुसार बुधवार को जिले में पाला जमने से खेतों में खड़ी फसलों में नुकसान की संभावना बढ़ गई है। कृषि अधिकारियों के अनुसार पाला जमने से फलियों पर चल रही अगेती फसल को सबसे ज्यादा नुकसान की संभावना होती है। इसके अलावा पाला जमने से सरसों, गेहूं, जौ, चना व सब्जी समेत सभी फसलों की ग्रोथ रुक जाती है। जिसका सीधा असर फसलों के उत्पादन पर पड़ता है। इस प्रकार बुधवार रात को पाला जमने से फसलों को नुकसान की संभावना है।

हल्की सिंचाई कर फसलों का पाला से करें बचाव
कृषि विभाग के एसडीओ हरपाल सिंह ने बताया कि बुधवार रात को नारनौल में पाला जमा है। इससे फसलों को नुकसान होने की संभावना है। ऐसे में किसान हल्की सिंचाई कर अपनी फसलों का पाले से बचाव कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हल्की सिंचाई करने से फसल के पाला की मार में आने की संभावना कम हो जाती है। पाला सबसे ज्यादा शुष्क एवं सिंचाई रहित एरिया में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाता है।

न्यूनतम तापमान पहुंचा -0.5 डिग्री सेल्सियस
मौसम विशेषज्ञ डॉ. दिवेश चौधरी ने बताया कि क्षेत्र का अधिकतम तापमान जहां 18.5 डिग्री सेल्सियस जो सामान्य से 2डिग्री सेल्सियस कम रहा वहीं न्यूनतम तापमान -0.5 डिग्री सेल्सियस जो सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। हरियाणा में गुरुवार महेंद्रगढ़ जिले में दिन सबसे गर्म तथा रात हिसार के बाद सबसे ठंडी रही। लोग घरों में दूबके नजर आए और अलाव का सहारा लिया।

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