किसानों को परेशानी:ओलावृष्टि से हुए नुकसान की दी शिकायत, एक सप्ताह में निरीक्षण का मिला आश्वासन, तब-तक कट जाएगी सरसों

नांगल चौधरी9 महीने पहले
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ओला व बारिश से सरसों की फसल को हुआ नुकसान दिखाते किसान। - Dainik Bhaskar
ओला व बारिश से सरसों की फसल को हुआ नुकसान दिखाते किसान।
  • नांगल चौधरी के करीब सात गांवों की फसलों को ओलावृष्टि से हुआ नुकसान

ओलावृष्टि से नांगल चौधरी के करीब सात गांवों की फसलों को नुकसान हुआ है। जिसकी शिकायत मिलने पर अधिकारी 5-7 दिन में निरीक्षण का भरोसा दे रहे हैं, लेकिन तब तक पककर तैयारी खड़ी सरसों की कटाई हो जाएगी। ऐसे में अधिकारी नुकसान का जायजा कैसे लेंगे, यह मुद्दा गांवों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

आपको बता दें कि नांगल चौधरी, निजामपुर, नारनौल ब्लॉक में भू-जलस्रोत सूख चुके। कई गांवों में पेयजल की किल्लत बढ़ गई। जिस कारण लोगों में कम पानी में पकने वाली सरसों व चने की फसलों को प्राथमिकता देनी आरंभ कर दी। सरसों व चने की फसल पककर तैयार हो चुकी, इसलिए किसानों ने कटाई प्रक्रिया को तेज कर दिया। परंतु शुक्रवार की शाम तेज अंधड़ व बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से पकी हुई फसलें खराब हो गई।

मेघोत बींजा, धोलेड़ा, कमानिया, ढाणी बाठोठा, छापड़ा बीबीपुर, बेरूंडला समेत आठ गांवों में 50-70 प्रतिशत नुकसान होने की शिकायतें हैं। ग्रामीणों ने शासन व प्रशासन को शिकायत सौंपकर विशेष गिरदावरी कराने की गुहार लगाई है। शिकायत मिलने के बावजूद विभागीय अधिकारी किसानों की परेशानी को लेकर गंभीर नहीं।

उन्होंने ५-७ दिन में निरीक्षण करने का तर्क देकर किसानों को घर भेज दिया। लेकिन तब तक पकी हुई फसलों की कटाई पूरी हो जाएगी। यदि कटाई में देरी की गई तो बची हुई फसल झड़कर बर्बाद हो जाएगी। ऐसे में पीडि़त किसान असमंजस में पड़ गए। ओमप्रकाश, हरिसिंह, रोशनलाल, संदीप कुमार, बाबूलाल, अजीतसिंह, अर्जुन सिंह ने बताया कि ओलावृष्टि से बची हुई सरसों की फली भीगकर फूल गई। अब धूप लगते ही अपने आप फटनी शुरू हो गई। जिस कारण किसानों को नुकसान बढऩे की आशंका है। उन्होंने जिला उपायुक्त से प्रभावित गांवों की सर्वे तुरंत कराने की गुहार लगाई है।

मंत्री और मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत

ढाणी बाठोठा के उड़ान जनसेवा ट्रस्ट ने ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों की शिकायत मंत्री ओमप्रकाश यादव व मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को भेजी है। ट्रस्ट के चेयरमैन बिरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासन ने तीन दिन में ओलावृष्टि से प्रभावित फसल की शिकायत मांगी है। लेकिन तीन बैंकों की छुट्टी होने के कारण किसानों को बीमा पॉलिसी संख्या लेना संभव नहीं हो रहा। उन्होंने शिकायत दर्ज कराने की अवधि बढ़ाने तथा विशेष गिरदावरी तुरंत कराने की मांग की है।

बीमा कंपनी को तुरंत निरीक्षण करने की हिदायत

समस्या लेकर पहुंचे ग्रामीणों के सामने मंत्री ओमप्रकाश यादव ने जिला उपायुक्त से बात की। उनसे ओलावृष्टि से नुकसान की जानकारी लेने के बाद फसलों का निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। कहा कि सरसों की फसल पककर तैयार खड़ी है, जिस कारण किसान अधिक इंतजार नहीं कर सकते।

उन्होंने जिला उपायुक्त को संबंधित अधिकारी व बीमा कंपनी से जल्द मुआवजा प्रक्रिया शुरू कराने की हिदायत दी है। बता दें कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करने का टेंडर रिलायंस कंपनी के पास ही है।

ओलावृष्टि से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दे सरकार: राव नरेंद्र

नारनौल, हरियाणा के पूर्व मंत्री राव नरेंद्र सिंह ने बताया कि 12 मार्च को जिले में हुई तेज हवा के साथ बारिश/ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार इस नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को जल्द उचित मुआवजा दे। उन्होंने कि इलाके में पक कर तैयार हो चुकी सरसों की फसल में ओलावृष्टि से काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं तेज हवा के साथ बरसात से गेहूं की फसल में भी नुकसान हुआ है।

इलाके के किसान सरसों की कटाई में जुटे हुए हैं, लेकिन शुक्रवार को हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि से किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने कहा कि सरसों हमारे इलाके की मुख्य फसल है। ब्याह शादी से लेकर बच्चों की स्कूल की फीस व अन्य जरूरतों को लेकर किसान इस फसल पर निर्भर होता है। इसलिए सरकार से मेरी मांग है कि जल्द से जल्द गिरदावरी करवाए व फसलों में हुए नुकसान का अधिक से अधिक मुआवजा देने का काम करें।

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