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प्रोजेक्ट:5 साल पहले नसीबपुर में वार मेमोरियल बनाने का बना प्लान, योजना अब तक फाइल में अटकी, नक्शा पास होने का इंतजार

नारनौल24 दिन पहले
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नसीबपुर स्थित शहीदी स्मारक जहां प्रस्तावित है वार मैमोरियल पार्क। - Dainik Bhaskar
नसीबपुर स्थित शहीदी स्मारक जहां प्रस्तावित है वार मैमोरियल पार्क।

देश की भावी पीढ़ी को गांव नसीबपुर के ऐतिहासिक मैदान में सन 1857 में हुए प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में हमारे योद्धाओं की वीरगाथा से अवगत करवाने को नसीबपुर शहीदी स्मारक के निकट 12 एकड़ जमीन पर बनाया जाने वाला वॉर मैमोरियल पार्क एवं ओपन एयर थियेटर पांच साल से फाइलों में उलझा हुआ है।

सीएम अनाउंसमेंट में शामिल इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासन इस कदर लापरवाह है कि अभी जमीन संबंधित विभाग के नाम स्थानांतरित नहीं की है। इतना ही नहीं, चंडीगढ़ में बैठे अधिकारी अभी यह भी तय नहीं कर सके हैं कि इस वार मेमोरियल पार्क एवं ओपन एयर थियेटर का निर्माण टूरिज्म विभाग से करवाना है या हाउसिंग कॉरपोरेशन से करवाना है।

बता दें कि वर्ष 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में राजा राव तुलाराम व राजा कृष्ण गोपाल के नेतृत्व में अहीरवाल के रणबांकुरों ने नारनौल से तीन किलोमीटर दूर गांव नसीबपुर में शक्तिशाली अंग्रेजी सेना का डट कर मुकाबला किया था।

इस युद्ध में 5 हजार रणबांकुरों ने अपने प्राणों की आहुति देकर अंग्रेजों की सेना के छक्के छुड़ाए थे। हमारे रणबांकुरों ने यहां इतना खून बहा दिया था कि यहां धरती खून से लाल हो गई थी। हमारे उन वीर रणबांकुरों की वीरगाथा को याद करने के नाम यहां एक स्मारक का निर्माण करवाया गया है।

हमारे वीर योद्धाओं की वीरगाथा सुनने व जानने के बाद मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने देश की भावी पीढ़ी को इन रणबांकुरों की वीरगाथा से अवगत करवाने को 2016 में इस ऐतिहासिक मैदान में 12 एकड़ जमीन पर वॉर मैमोरियल पार्क एवं ओपन एयर थियेटर का निर्माण करवाने की घोषणा की थी।

सीएम ने घोषणा के बाद इस वॉर मैमोरियल पार्क एवं ओपन थियेटर का निर्माण करवाने की जिम्मेदारी पंचायत राज विभाग को सौंपी थी। पंचायत राज विभाग के रिकार्ड के अनुसार शहीदी स्मारक के साथ जनस्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग व जेठू बाबा मंदिर के जोहड़ की जमीन पर 12 एकड़ में वॉर मैमोरियल पार्क एवं ओपन थियेटर का निर्माण करवाना है।

इस प्रस्तावित वॉर मैमोरियल पार्क के दो भव्य स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। वॉर मेमोरियल में एक पार्क रका निर्माण करवाया जाएगा। जहां घोड़े पर सवार राजा राव तुलाराम, राजा कृष्ण गोपाल तथा दूसरे रणबांकुरों का स्टैच्यू बनाया जाएगा। इसके साथ ही अंग्रेजी सेना के नायक रहे जनरल जे जैराड ब्रिगेडियर शावर्स की कब्र का भी पुर्नर विकास किया जाएगा।

ताकि देश की नई पीढ़ी को भारतीय वीरों तथा अंग्रजे सेना के बीच हुए 1857 के युद्ध की हकीकत से अवगत करवाया जा सके। वॉर मेमोरियल पार्क के निकट एक संग्रहालय बनाया जाएगा। जिसमें वर्ष 1947 से लेकर अब तक देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हुए जिले में सैनिकों का जीवन परिचय भी अंकित किया जाएगा।

इसे चंडीगढ़ में बने वार मेमोरियल जैसा डिजाइन दिया जाएगा। इसके अलावा अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त ओपन एयर थियेटर तथा पुस्तकालय का निर्माण भी करवाया जाएगा। यहां फिलहाल शहीदों की याद में एक प्रतीकात्मक स्मारक बना हुआ है। ज्ञात रहे कि इस वार मेमोरियल के निर्माण की फाइल करीब 3 साल पहले पंचायत विभाग से लेकर टूरिज्म को भेज दी गई थी।

बताया जाता है कि बाद में सरकार ने इस फाइल को हाउसिंग कारपोरेशन को सौंप दिया है। इसके चलते अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि वॉर मैमोरियल का निर्माण कौन सा विभाग करेगा। इसके चलते पांच साल बाद भी अभी तक जमीन भी स्थानांतरित नहीं हो सकी है।

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