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नारनौल:मैसेज आने के बाद 81 किसान 3 बार बेच गए बाजरा, कई का एक बार भी नंबर नहीं आया

नारनौल8 महीने पहले
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  • उच्चाधिकारी एक ही किसान के मोबाइल पर बार-बार भेज रहे खरीद के लिए संदेश

जिले में 8 खरीद केंद्रों पर 1 अक्टूबर से हैफेड एजेंसी द्वारा आढ़तियों के मार्फत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद की जा रही है। इसके लिए बाजरा खरीद कार्य से जुड़े उच्चाधिकारी पंचकूला से पंजीकृत किसानों के मोबाइल पर संदेश भेजकर रोजाना मंडी के खरीद केंद्रों पर किसानों को अपना बाजरा आकर बेचने का बुलावा देते हैं, परंतु यह सिस्टम की दाेषपूर्ण है।

मैसेज की गड़बड़ी के चलते एक ओर तो अनेक किसान कई बार मंडी के ऐसे खरीद केंद्रों पर आकर बाजरा बेच कर जा चुके हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में किसानों को अब तक कोई संदेश नहीं मिला है। ऐसे में उन्हें डर सता रहा है कि बिना मैसेज मिले वे अपना बाजरा कैसे बच पाएंगे। इसी डर के कारण ये किसान मार्केट कमेटी कार्यालय में पहुंचकर अधिकारियों को अपने इस डर से अवगत करवा रहे हैं। उन्होंने मार्केट कमेटी के अधिकारियांे, प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस स्थिति से अवगत करवाया, परंतु अभी इस समस्या का समाधान नजर नहीं आया।

बता दें कि जिले में 1 अक्टूबर से बाजरे की सरकारी खरीद शुरु होने पर प्रत्येक खरीद केंद्र पर करीब 70 किसानों को उनके मोबाइल पर मैसेज भेजकर बुलाया जा रहा था। जिले के सभी किसानों का बाजरा बेचने के लिए नंबर नहीं आने की आशंका के चलते अब किसी केंद्र पर 100 तो किसी केंद्र पर 200 किसानों को एक दिन में बुलाया जा रहा है, परंतु पंचकूला से किसानों के मोबाइल पर मिले संदेश के दौरान एक ही किसान के मोबाइल पर लगातार दो से तीन दिनों तक मैसेज आने की बड़ी गड़बड़ी सामने आयी है। किसान यह शिकायत लेकर मार्केट कमेटी के अधिकारियों के पास पहुंचे तो इस प्रक्रिया पर गौर करने पर पाया कि कुछ किसानों के मोबाइल पर 12, 13 व 14 अक्टूबर को लगातार बाजरा बेचने का मैसेज गया है। ऐसे किसान लगातार तीन दिनों से अपना बाजरा बेच रहे हैं, जबकि अनेक किसानों का एक बार भी नंबर नहीं आया है।

नारनौल में 200 में से 81 किसानों को लगातार दो से तीन दिन आए मैसेज

मार्केट कमेटी सूत्रों से अनुसार नारनौल अनाज मंडी में 12 अक्टूबर को 200 किसानों के पास अनाज मंडी में अपना बाजरा लेकर आने का मैसेज आया था। इन 200 में से 81 किसान ऐसे हैं, जिनका 12 अक्टूबर को नंबर आने के बाद उनके पास 13 अक्टूबर व 14 अक्टूबर को भी मैसेज आया। इसी प्रकार नांगल चौधरी अनाज मंडी में 12 अक्टूबर को 100 किसानों के पास मैसेज आए थे। इनमें से 28 किसान ऐसे हैं जिनका 12 अक्टूबर को नंबर आने के बाद 13 व 14 अक्टूबर को भी मैसेज आया है। इनमें नारनौल अनाज मंडी में गांव मीरपुर (नीरपुर) का किसान नरेश कुमार, नारनौल का किसान टिंकू शामिल हैं, जिनके मोबाइल पर लगातार तीन दिन मैसेज आया है। 79 किसानों के मोबाइल पर लगातार दो दिन नंबर आया है। इसी प्रकार नांगल चौधरी अनाज मंडी में दोखेरा के शिवराम, नांगल सोडा की विद्या देवी, नायन के संदीप का लगातार तीन दिनों से नंबर आ रहा है। 25 किसान ऐसे में जिनका 12 व 13 अक्टूबर को नंबर आया है।

किसानों को सता रही है नंबर नहीं आने की चिंता
किसान रामसिंह, राजेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, यादराम, अनिल कुमार व अशोक कुमार ने बताया कि बाजरा खरीद कार्य को पूरे 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सभी गांवों में बड़ी संख्या में किसानों का एक बार भी बाजरा बेचने का नंबर नहीं आया है। जबकि सरकार अब तक 10950 एमटी बाजरा खरीद चुकी है। सरकार का स्टॉक टारगेट कब पूरा हो जाए और खरीद बंद कर दे। ऐसे में एक बार भी नंबर नहीं आने वाले किसानों को चिंता सताने लगी है। इसी के चलते किसानों ने मार्केट कमेटी अधिकारियों से शिकायत कर पोर्टल की इस बड़ी गड़बड़ी को ठीक कराने का आग्रह किया है।

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