पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

खेतीबाड़ी:फसल विविधीकरण योजना को लेकर अतिरिक्त निदेशक ने लिया जिले का जायजा

नारनौल20 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
कृषि अधिकारियों के साथ बैठक करते अतिरिक्त निदेशक जगदीप बराड। - Dainik Bhaskar
कृषि अधिकारियों के साथ बैठक करते अतिरिक्त निदेशक जगदीप बराड।
  • जिला महेंद्रगढ़ में 19400 एकड़ भूमि पर बाजरे के स्थान पर निर्धारित पांच फसलें उगाने का लक्ष्य
  • फसल विविधीकरण योजना में अब तिल को भी किया शामिल

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त निदेशक डा जगदीप बराड़ ने बुधवार फसल विविधीकरण योजना का जायजा लेने के लिए जिला का दौरा किया। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की तथा इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

बराड़ ने बताया कि फसल विविधीकरण योजना के तहत किसानों को बाजरे के स्थान पर निर्धारित 5 फसलों को अपनाने पर 4000 रुपए प्रति एकड़ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जिले में 19400 एकड़ भूमि पर बाजरे के स्थान पर निर्धारित पांच फसलें उगाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी लगातार किसानों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर गोष्ठी आयोजित करवा रहे हैं तथा उन्हें जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपने आप को पंजीकृत करवाना होगा। इसके बाद ही इस योजना का लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि जिला में अभी तक मूंग व अरहर के लिए 13000 के लक्ष्य के खिलाफ 6900 एकड़ भूमि पर बाजरे की जगह यह दोनों फसलें लगाई गई है। इसी प्रकार मूंगफली के लिए 2000 एकड़ भूमि का लक्ष्य रखा गया था जिसमें से अभी तक 468 एकड़ भूमि पर मूंगफली के लिए किसानों ने अपने आप को पंजीकृत करवाया है।

वहीं अरंड के लिए 4400 एकड़ भूमि का लक्ष्य रखा गया था जिसमें से किसानों ने अभी तक 11 एकड़ भूमि के लिए अपने आप को पंजीकृत करवाया है। उन्होंने बताया कि अब सरकार ने इन चार फसलों के अलावा तिल लगाने पर भी किसानों को 4000 रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिया जाएगा। यह भी केवल उसी किसान को मिलेगा जिसने बाजरे की जगह तिल लगाया है।

खबरें और भी हैं...