नारनौल की धरा में यूरेनियम की संभावना के चलते सर्वे:हेलिकॉप्टर से हेलिबॉर्न जियोलॉजिकल सर्वे कर रहा परमाणु ऊर्जा विभाग, जिले में करीब 20 दिन से चल रहा काम

नारनौल8 महीने पहले
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तीन ओर से राजस्थान से घिरे जिला महेंद्रगढ़ के मुख्यालय नारनौल में जमीन में यूरेनियम मिलने की संभावना - Dainik Bhaskar
तीन ओर से राजस्थान से घिरे जिला महेंद्रगढ़ के मुख्यालय नारनौल में जमीन में यूरेनियम मिलने की संभावना

तीन ओर से राजस्थान से घिरे जिला महेंद्रगढ़ के मुख्यालय नारनौल में जमीन में यूरेनियम मिलने की संभावना है। परमाणु ऊर्जा विभाग इसकी तलाश के लिए नारनौल शहर तथा इसके आसपास के क्षेत्र में पिछले 20-25 दिनों से हेलिकॉप्टर से हेलिबॉर्न जियोलॉजिकल सर्वे कर रहा है। सर्वे के दौरान यदि यहां यूरेनियम होने की पुष्टि होती है, परमाणु ऊर्जा विभाग यहां अपनी यूनिट स्थापित कर रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा।

बता दें कि परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (हैदराबाद) पड़ोसी राज्य राजस्थान के जिला सीकर के नीमकाथाना, उदयपुरवाटी, नवलगढ़, चिड़ावा, पिलानी, खेतड़ी, झुंझुनूं, खंडेला, डीडवाना, कुचामन, ब्यावर, बिलाड़ा, नाथद्वारा, सादरी, राजसमंद, सोजत, पीसांगन, मेड़ता सिटी, मकराना व रामगढ़ आदि क्षेत्रों में पिछले 6 महीनों से लगातार यूरेनियम की खोज कर रहा है।

राजस्थान में यूरेनियम की खोज करते हुए अब परमाणु ऊर्जा विभाग राजस्थान से तीन ओर से घिरे हरियाणा के नारनौल क्षेत्र में पहुंच गया है। परमाणु ऊर्जा विभाग यहां पिछले 20-25 दिनों से हेलिकॉप्टर से हेलिबोर्न जियोलॉजिकल सर्वे कर रहा है।

इसी के चलते आधुनिक संसाधनों से लेस हेलिकॉप्टर जमीन से मात्र 60 फीट की ऊंचाई पर उड़कर नारनौल व आसपास के क्षेत्र में राउंड ले रहा है। हेलिकॉप्टर के लगातार राउंड से क्षेत्र के लोगों में यह जानने की जिज्ञासा है कि आखिर इतनी कम ऊंचाई पर उड़ने वाला यह हेलिकॉप्टर किसका सर्वे कर रहा है।

साल 2012 में परमाणु ऊर्जा विभाग राजस्थान के सीकर के रोहिल घटेश्वर और उदयपुर के उमरा में 6726 टन यूरेनियम खोज चुका है। इस सर्वे के दौरान यदि नारनौल क्षेत्र में जमीन में यूरेनियम मिलता है तो यहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा। नारनौल में सर्वेक्षण करने के लिए रक्षा मंत्रालय व नागरिक उड्डयन महानिदेशक से अनुमति मांगी थी।

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