कब कैटल फ्री होगा नारनौल ?:नारनौल में सांड और आवारा गोवंश का कहर चार महिलाएं व कई बच्चों को किया घायल

नारनौल9 महीने पहले
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नारनौल में पिछले कई महीनों से आवारा सांडों व गोवंश का जमकर कहर बरप रहा है लेकिन जिला प्रशासन व नगर परिषद के अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद नहीं खुल रही है।

रविवार शाम को दो सांडों की लडाई की चपेट में आने से चार महिलाएं व दो बच्चे घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए नारनौल के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बच्चों व दो महिलाओं को मामूली चोट होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद छुट्ट्टड्ढी दे दी गई लेकिन दो महिलाओं को गंभीर चोटें आने के कारण उपचार में लिए भर्ती रखा गया है।

घायलों में बिमला पत्नी सुभाष चंद शारदा पत्नी सुभाष चंद सैनी मोना पुत्री बंशीधर व संतोष पत्नी मुंशीराम शामिल है। इनके अलावा दो बच्चे भी शामिल है। घायलों में शारदा व संतोष तथा बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है जबकि बिमला को गंभीर चोट होने के कारण अस्पताल में ही भर्ती रखा गया है।

पिछले कुछ महीनों से नारनौल में आवारा सांड व गोवंश आम लोगों पर मौत के साये की तरह मंडरा रहे हैं। मुख्य सड़कों के अलावा भीड़भाड़ व बाजारों में आए दिन लड़ने वाले ये सांड आम लोगों के साथ-साथ दुकानदारों के लिए जानमाल के दुश्मन बन चुके हैं। ऐसा नहीं है कि इन मामलों से जिला प्रशासन व नगर परिषद अनभिज्ञ है।

सब कुछ प्रशासन व नप की नाक के तले होते हुए भी प्रशासन व नगर परिषद मूक दर्शक है। इससे पहले भी आवारा सांडों की लडाई में नारनौल में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है इसके बाद भी जिला में किसी अधिकारी और संबंधित विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

घटना के बाद लोगों में रोष

सलामपुरा में आवारा सांडों की चपेट में घायल महिलाओं के बाद से लोगों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन व अन्य अधिकारियों की चापलूसी करने वाले शहर के गणमान्य व नेताओं को आम जन से जुड़ी इस समस्या की तरफ ध्यान क्यों नहीं जाता है। ये लोग जिला प्रशासन के समक्ष इस तरह की आमजन की जिंदगी से जुड़ी समस्याओं को क्यों नहीं उठाते हैं।

आवारा सांड यहां के नहीं राजस्थान के हैं : भारती

^इस बारे में नगर परिषद की चेयरपर्सन भारती सैनी का कहना है कि शहर में घूमने वाले आवारा सांड व गोवंश राजस्थान व आसपास के लोगों द्वारा छोड़े गए हैं। शहर के आवारा गोवंश को नगर परिषद की नंदी गौशाला में रखा गया है। जो बाहर से छोड़े गए आवारा हिंसक पशु शहर में घूम रहे हैं उनको भी पकड़कर नंदी गौशाला व अन्य गौशालाओं में रखा जाएगा।

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