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  • Government Investment Should Be Increased In The Public Health Sector, The Government Should Bear The Cost Of Investigation And Treatment Of The Infected.

उठी आवाज:सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी निवेश बढ़ाया जाए संक्रमितों की जांच व इलाज का खर्च वहन करे सरकार

नारनौलएक महीने पहले
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मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते सौंपते कर्मचारी संघ के पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते सौंपते कर्मचारी संघ के पदाधिकारी।
  • सर्वकर्मचारी संघ ने स्वास्थ्य सेवाओं के मूलभूत ढांचे की मजबूती की उठाई मांग

सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा एवं जन स्वास्थ्य अभियान 25 जून को उपायुक्त कार्यालय पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन करेगा। इसमें प्रदेश सरकार की कोविड-19 के उपचार में नाकामी का मुद्दा उठाया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं के मूलभूत ढांचे की मजबूती की मांग की जाएगी। इसके लिए शुक्रवार काे जिला संयोजक जन स्वास्थ्य अभियान महेन्द्रगढ़ के नेतृत्व में एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन साैंपा गया।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं जन स्वास्थ्य हरियाणा के आह्वान पर चितवन वाटिका नारनौल में शुक्रवार सुबह विभिन्न संगठनों के सदस्य इकट्ठे हुए। इसमें जिला प्रधान कौशल यादव, जिला संयोजक महेश यादव, राज्य कमेटी के सहसचिव महेंद्र बोयत, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान रमेश कुमार, दिनेश यादव, राज्य सचिव धर्मपाल शर्मा समेत अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

महेश यादव ने कहा कि अप्रैल-मई माह में कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने हमारे देश में विकराल रूप धारण कर लिया था। सरकारी आंकड़ों अनुसार कोरोना से कई दिनों तक 4 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो रहे थे और मरने वालों की संख्या भी कई दिनों तक 4 हजार से अधिक रही थी।

हालांकि वैज्ञानिकों ने पहली लहर के समय भी अनेक उपाय बताए थे। इन उपायों को अपनाना बेहद जरूरी है, लेकिन अफसोस की बात है कि इन उपायों को खुद नीति निर्माताओं ने ही नहीं अपनाया। सरकार ने तो एक तरह से लोगों को निहत्था ही छोड़ दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया।

कौशल यादव ने कहा कि सरकार को चाहिए था कि सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों एवं हिदायतों और वर्तमान आबादी की जरूरत अनुसार मजबूत करती। इसके लिए डॉक्टरों और पैरामैडिकल स्टाफ की व्यापक पैमाने पर नियमित भर्ती करती, मगर अफसोस ऐसा नहीं किया गया।

महेंद्र बोयत ने कहा कि इस मामले को लेकर मजबूरन हमें 21 से 24 जून तक कर्मचारियों और आम जनता के बीच जागरुकता अभियान चलाते हुए 25 जून को सभी जिला उपायुक्तों के कार्यालयों पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।

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