प्रोत्साहन स्कीम:मिल्क चिलिंग प्लांट नारनौल को दूध उपलब्ध कराने वाले दुग्ध एवं डेयरी सहकारी समिति सदस्यों का किया जाएगा 5 लाख रुपए का निशुल्क बीमा

नारनौल9 महीने पहले
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  • प्रदेश सरकार ने चिलिंग प्लांटों पर दूध की मात्रा बढ़ाने को लागू की प्रोत्साहन स्कीम, 31 मार्च तक किया जाएगा बीमा

हरियाणा मिल्क चिलिंग प्लांट द्वारा उनको दूध उपलब्ध कराने वाले दुग्ध एवं डेयरी सहकारी समिति सदस्यों का 31 मार्च 2021 तक एक साल के लिए 5 लाख रुपए तक का निशुल्क दुर्घटना बीमा किया जाएगा। ऐसे में मिल्क चिलिंग प्लांट के किसी सदस्य की दुर्घटना में मौत होने पर उसके आश्रितों को पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

सरकार की यह दुग्ध सहकारी समितियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण योजना है। परंतु इस योजना का लाभ लेने के लिए दुग्ध एवं डेयरी सहकारी समितियों को पहले मिल्क चिलिंग प्लांट का सदस्य बनना अनिवार्य है। ऐसे में मिल्क चिलिंग प्लांट को दूध उपलब्ध करवाने के इच्छुक दुग्ध एवं डेयरी सहकारी समिति सदस्य 31 मार्च तक 105 रुपए का मामूली शुल्क देकर प्लांट का सदस्य बन इस योजना का लाभ उठा सकता है।

बता दें कि प्रदेश के साथ-साथ जिले में भी पिछले कुछ सालों से लगातार दुग्ध एवं डेयरी सहकारी समितियों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है। मिल्क चिलिंग प्लांट नारनौल के रिकार्ड के अनुसार पहले जिले में 350 दुग्ध एवं डेयरी सहकारी समितियों का गठन किया गया था। जो वर्तमान में घट कर केवल 72 रह गई हैं।

जिले में दुग्ध एवं डेयरी सहकारी समितियों की संख्या कम होने से मिल्क चिलिंग प्लांट में दूध का टोटा आ गया है। ऐसे में सरकार ने मिल्क चिलिंग प्लांटों में दूध की मात्रा को बढ़ाने के लिए दुग्ध सहकारी समिति सदस्य जोडऩे के लिए निशुल्क 5 लाख रुपए तक के बीमा की प्रोत्साहन स्कीम लागू की है।

इस प्रोत्साहन स्कीम के तहत मिल्क चिलिंग प्लांट को दुग्ध उपलब्ध करवाने के इच्छु डेयरी संचालक 31 मार्च तक सहकारी समिति के सदस्य बन कर पांच लाख रुपए बीमा की इस प्रोत्साहन स्कीम का लाभ ले सकते हैं। दुग्ध शीतकरण केंद्र, नारनौल के प्रबंधक उदयभान यादव ने बताया कि दुग्ध सहकारी समिति का सदस्य बनने के लिए केवल 105 रुपए की सदस्यता शुल्क रखी गई है। 105 रुपए की सदस्यता शुल्क देने के बाद समिति सदस्यों को बीमा के लिए कोई पैसे नहीं देने पड़ेंगे।

मिल्क चिलिंग प्लांट की ओर से ग्राहक जोडऩे का लक्ष्य 31 मार्च तक रखा गया है। यह लक्ष्य दो हजार सदस्य जोड़ने को लेकर कार्य किया जा रहा है। अब तक करीब 1400 सदस्यों को जोड़ा जा चुका है। शेष को जोडऩे के लिए विभिन्न समितियां गांवों में कार्य कर रही हैं।

समयावधि पूरी होने यह सूची विभागीय मुख्यालय को भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बीमित व्यक्ति के दुर्घटनाग्रस्त होने पर उसके आश्रित को पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। समिति सदस्यों को इस बीमा के जरिए सरकार प्रोत्साहन देती है और कोई भी व्यक्ति समिति सदस्य बनकर इसका लाभ उठा सकता है।

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