समीक्षा:शैक्षणिक गुणवत्ता परखने के लिए नवंबर में होगा राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे, महेंद्रगढ़ जिले को टॉप पर लाने की तैयारी

नारनौल15 दिन पहले
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  • मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की

नवंबर में होने वाले राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण एनएएस में जिला महेंद्रगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर चमकाने के लिए शिक्षा अधिकारी सर्वे से पहले बच्चों का अच्छी तरह से अभ्यास करवाएं। यह निर्देश अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढलिया ने गुरुवार मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमित अग्रवाल के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद अधिकारियों को दिए।

इस दौरान उन्होंने ई-ऑफिस, सरल पोर्टल, परिवार पहचान पत्र, सक्षम हरियाणा और समर्थ हरियाणा, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर फीडबैक, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा और एनडीटी/एमटीपी अधिनियम को पोक्सो एक्ट सहित अन्य विषय की प्रगति रिपोर्ट ली। वीसी के बाद अधिकारियों को संबोधित करते हुए एडीसी ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों की सीखने की उपलब्धियों का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण किया जाएगा।

इस सर्वे में कक्षा 3, 5, 8 व 10 के बच्चों की उपलब्धि का स्कोर देखा जाएगा। इसके लिए बच्चों को ओएमआर शीट भरने के लिए तैयारियां करवाएं। कक्षा 3 के लिए ओएमआर शीट नहीं होगी। उन्होंने बताया कि यह टेस्ट मल्टीपल चॉइस में होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि इस कार्य के लिए स्कूल स्तर पर संबंधित स्कूल के किसी अध्यापक को फैसिलिटेशन ऑफिसर लगाएं। इसमें सर्व शिक्षा अभियान की विशेष भूमिका रहेगी।

अंत्योदय सरल पोर्टल की समीक्षा

उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से लोगों को 546 प्रकार की सेवाएं ऑनलाइन दी जा रही है। सभी कार्य निश्चित समय सीमा में हो अब प्रदेश में सेवा का अधिकार आयोग लागू हो चुका है। इस मौके पर एसडीएम नारनौल, एसडीएम महेंद्रगढ़, एसडीएम कनीना सुरेंद्र, नगराधीश अमित कुमार, सीएम सुशासन सहयोगी कृतीश कुमार आिद मौजूद रहे।

ई-ऑफिस व अंत्योदय सरल पोर्टल का भी किया रिव्यू- ई-ऑफिस के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए कि यह राज्य सरकार का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। सरकारी कार्यालयों में कार्यों में और अधिक गति देने तथा पारदर्शिता के लिए आधुनिक तकनीक को अपनाना जरूरी है। एडीसी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तथा पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि जिला में पीसीपीएनडीटी एक्ट की सख्ती से पालना की जाए। पहले से जो कोर्ट में केस चल रहे हैं, उसकी पैरवी की जाए।

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