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  • Not Only Scheduled, Now General Caste Cattle Owners Can Also Open Dairy For 4 And 10 Animals By Taking Loan From The Government On 25 Percent Subsidy.

पशुपालकों को राहत:अनुसूचित ही नहीं अब सामान्य जाति के पशुपालक भी सरकार से 25 फीसदी सब्सिडी पर लोन लेकर 4 और 10 पशुओं की खोल सकते हैं डेयरी

नारनौल15 दिन पहलेलेखक: सतीश यादव
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  • 3 साल पहले बंद की गई अनुदान ऋण योजना दोबारा शुरू, दुग्ध प्रतियोगिताओं की इनाम राशि अब 4 माह में मिलेगी

राजस्थान से घिरे इस जिले में साल दर साल खेती की निर्भरता बरसात पर बढ़ती जा रही है। ऐसे में किसानों की आय का मुख्य साधन पशुपालन बनता जा रहा है। पशुपालन को बढ़ावा देने के सरकारी स्तर पर भी प्रयास तेज हो रहे हैं। इसी कड़ी में सरकार ने डेयरी ऋण पर अनुदान योजना को दोबारा चालू कर दी है। इसके चालू होने से अनुसूचित ही नहीं अब सामान्य जाति के पशुपालक भी सरकार से 25 प्रतिशत सब्सिडी पर लोन लेकर 4 और 10 पशुओं की डेयरी खोल सकते हैं।

सरकार ने 3 साल पहले इस योजना को बंद कर दिया था और इसके स्थान पर लोन के ब्याज में छूट देने की स्कीम शुरू की थी। यह स्कीम अब भी संचालित है। साथ में सब्सिडी पर लोन स्कीम को भी दोबारा शुरू कर दिया है। बता दें कि करीब 15 वर्ष पहले डेयरी डवलपमेंट डिपार्टमेंट को पशुपालन विभाग में मर्ज करते हुए पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए कई स्कीमें शुरू की थीं। 10 पशुओं तक की डेयरी खोलने के लिए 25 प्रतिशत अनुदान पर ऋण मुहैया कराने की स्कीम भी इन्हीं में शामिल थी।

यह स्कीम 3 साल पहले बंद कर इसके स्थान पर ऋण के ब्याज में छूट देने की नई स्कीम शुरू की। इस स्कीम का उद्देश्य पशुपालकों को 20 या 50 पशुओं की बड़ी डेयरी खोलने को प्रेरित करना था, लेकिन बड़े स्तर पर डेयरी खोलना हर पशुपालक के बस की बात नहीं थी। इसके चलते 10 पशुओं तक की डेयरी के लिए ऋण पर अनुदान देने की मांग ज्यादा उठने लगी।

इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस स्कीम को 3 साल बाद दोबारा चालू कर दिया है, लेकिन इसमें संशोधन किया गया है। पहले कम से कम 3 और अधिक से अधिक 10 पशुओं की डेयरी के लिए अनुदान दिया जाता है। अब इसमें दो कैटेगिरी बना दी हैं। या तो 4 या फिर 10 पशुओं की डेयरी के लिए ही 25 प्रतिशत अनुदान पर ऋण दिया जाएगा। गाय भैंस के अलावा भेड़, बकरी तथा सूअर पालन में रुचि रखने वाले पशु पालक भी 25 प्रतिशत अनुदान राशि के पात्र होंगे।

ऐसे ले सकते हैं योजना का लाभ

आवेदनकर्ता हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी आयु 18 से 55 वर्ष के बीच हो। आवेदन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन यदि आवेदक ने पशुपालन संबंधित क्षेत्र में कोई प्रशिक्षण लिया हुआ है तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन के समय प्रार्थी को अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, बैंक खाते का कैंसिल चेक तथा बैंक का अनापत्ति प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। सरल पोर्टल पर आवेदन करना होगा।

दुग्ध प्रतियोगिताओं की इनामी राशी अब 4 माह में मिलेगी। विभाग की सभी कल्याणकारी योजनाएं हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल पर उपलब्ध हैं। -डॉ. नसीब सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग, नारनौल।

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