पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

संक्रमण का कहर:केवल 17 वेंटिलेटर के सहारे टिके हैं 12 लाख से ज्यादा आबादी के प्राण

नारनौल12 दिन पहलेलेखक: धर्मनारायण शर्मा
  • कॉपी लिंक
नारनाैल नागरिक अस्पताल में वेंटीलेटर पर उपचाराधीन राेगी। - Dainik Bhaskar
नारनाैल नागरिक अस्पताल में वेंटीलेटर पर उपचाराधीन राेगी।
  • मरीजों के लिए प्रशासन अब डॉक्टर्स, मेडिकल स्टाफ व ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने पर दे रहा ध्यान
  • ऑटो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मंगवाने के लिए समाजसेवी लोगों से की सहायता की अपील

जिले में कोरोना संक्रमण आए दिन तेजी से बढ़ता जा रहा है। मंगलवार काे 700 से ज्यादा केस आए। नए संक्रमित केस बढ़ने के साथ मौतों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। कोरोना संक्रमिताें की सांस संबंधी दिक्कतों काे दूर करने का एकमात्र सहारा वेंटिलेटर ही है, परंतु जिले में अभी इस संक्रमण पर रोक लगाने के लिए प्रशासन के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।

हालांकि इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं, किंतु इसमें अभी देरी लगने से पीड़िताें को बेड के लिए भी सिफारिशों का सहारा लेना पड़ रहा है। दूसरी ओर ऑक्सीजन का कोटा बढ़ने के बावजूद अभी जरूरत से कम सप्लाई हो रही है। ऐसे में सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय लोगों के माध्यम से ऑटो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सिस्टम को भी विदेश से मंगाने का प्रयत्न किया जा रहा है, ताकि लोगों को ऑक्सीजन सपाेर्ट सिस्टम ज्यादा से ज्यादा उपलब्ध हो सकें।

जानकारी के अनुसार सरकारी अस्पतालों में 9 वेंटिलेटर हैं, इनमें से 7 वेंटिलेटर भरे हुए हैं। एक सिस्टम छोटे बच्चों के लिए तथा एक मूवेबल है। इसी प्रकार प्राइवेट अस्पतालों की बात करें तो जिले मेंं केवल ऐसे अस्पतालों में 12 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं, उनमें से 10 भरे हुए हैं। ऐसे में सांस के लिए गंभीर रोगी को मजबूरन दूसरे जिलों या राजस्थान जाकर इलाज लेना पड़ रहा है।

दूसरे सांसों पर ऑक्सीजन की कमी भी दूसरा बडा संकट बनी हुई है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि प्रतिदिन एक एमटी की बजाय अब 2 एमटी का जिले का कोटा हो गया है, लेकिन यह भी मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नाकाफी है।

ऐसे में मंगलवार से ऐसे दानदाताओं व सामाजिक संगठनों की तलाश का काम शुरू किया गया जो ऑटो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर प्रशासन को उपलब्ध करवा सके। बताया जाता है कि विदेश में ऐसे एक सिस्टम को मंगाने की कीमत करीब 40-42 हजार आती है, जबकि देश में यह इससे करीब दोगुने दामों पर मिल रहा है। प्रशासनिक तौर पर इसके लिए रेडक्राॅस के माध्यम से धन एकत्रिकरण और बाहर से सिस्टम मंगवाने के लिए वेंडर की तलाश जारी है।

जिले में कोविड-19 के कुल 519 बेड हैं। डेडिकेटेड कोविड-19 सेंटर पटीकरा में 200 तथा सिविल अस्पताल में 35 बेड कोविड-19 के मरीजों के लिए बनाए गए हैं। फिलहाल जिला में नागरिक अस्पताल नारनौल में 7 मरीज वेंटिलेटर पर है तथा 10 मरीज निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर पर हैं।

शेष मरीज ऑक्सीजन व सामान्य प्रकार से इलाज ग्रहण कर रहे हैं। जिला में फिलहाल 159 मरीज ऑक्सीजन सपाेर्ट पर हैं। बेड की संख्या भी ऑक्सीजन का कोटा बढ़ते ही बढ़ा दी जाएगी। इस समय लगभग 2998 मरीज होम क्वारेंटाइन किए गए हैं। -डॉ. अशोक कुमार, सिविल सर्जन, नारनौल।

जल्दी ही स्थिति में और सुधार दिखाई देगा : हमारे पास जो संसाधन मौजूद हैं, उनका अधिकतम उपयोग करके लोगों को इस संक्रमण से बचाया जा रहा है। जिले में मेडिकल क्षेत्र में संसाधनों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार को डॉक्टर, नर्स व अन्य कर्मचारी उपलब्ध करवाने के लिए लिखा गया है। प्राइवेट सेक्टर में भी वेंटिलेटर बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। दूसरी ओर ऑटो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मंगवाने के लिए समाजसेवी लोगों को मोटिवेट किया जा रहा है। बाहर से सिस्टम मंगवाने के लिए भी वेंडर की तलाश की जा रही है। जल्दी ही स्थिति में और सुधार दिखाई देगा। लोगों से एक अनुरोध है कि वे अकारण घर से बाहर ना निकलें। मजबूरन निकलाना पड़े भी तो मास्क अवश्य लगाएं। सामाजिक दूरी के नियम की पालना करें।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव - आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए आप अपने प्रयासों में कुछ परिवर्तन लाएंगे और इसमें आपको कामयाबी भी मिलेगी। कुछ समय घर में बागवानी करने तथा बच्चों के साथ व्यतीत करने से मानसिक सुकून मिलेगा...

    और पढ़ें