पुलिस का टॉर्चर / गाय चोरी के आरोप में पुलिस ने पूछताछ के लिए डेयरी संचालक काे थाने बुलाया युवक ने थर्ड डिग्री टाॅर्चर का लगाया आरोप, एएसआई कैलाश लाइन हाजिर

Police called the dairy operator's police station for questioning on the charge of cow theft, the youth accused of third degree torture
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Police called the dairy operator's police station for questioning on the charge of cow theft, the youth accused of third degree torture

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 07:23 AM IST

नारनौल. शहर की गांधी कॉलोनी में रहने वाले एक डेयरी संचालक ने पुलिस पर उसे अवैध रूप से हिरासत में रखने व सीआईए में ले जाकर थर्ड डिग्री रिमांड लेने का आरोप लगाया है। एसपी को भेजी गई शिकायत में उसका कहना है कि इस पिटाई में उसके बाएं पैर में फ्रैक्चर भी हो गया है। मामले में संज्ञान लेते हुए एसपी ने एएसआई कैलाश सोनी को हाइन हाजिर कर दिया है और मामले की जांच डीएसपी हेडक्वार्टर विनोद कुमार को सौंपी है। 

दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि गाय चोरी मामले में सीसीटीवी फुटेज में उसकी मौजूदगी होने पर उसे पूछताछ के लिए बुलाया था। जांच के बाद उसे परिजनों के साथ भेज दिया गया था। अगले दिन उसे दोबारा आना था, अब वह पूछताछ में सहयोग देने से बचते हुए आरोप लगा रहा है।

जानकारी के अनुसार शहर की गांधी कॉलोनी में रहने रामचंद्र नामक युवक का रविवार पुलिस पूछताछ के लिए शहर थाने में लाई थी। शाम को उसे छोड़ दिया गया। अगले दिन उसे फिर बुलाया गय थ। वह वहां जाने की बजाय अस्पताल चला गया तथा वहां जांच करवाई तो उसके पैर में फ्रैक्चर पाया गया। रामचंद्र का कहना है कि उसके साथ पुलिस ने हिरासत में पूछताछ के दौरान उसके साथ थर्ड डिग्री इस्तेमाल किया, जिससे कारण उसके पैर भी सूज गए तथा उसे पैर में फ्रैक्चर आया।

एसपी को दी लिखित शिकायत में पीड़ित ने बताया कि 24 मई को दोपहर उसके घर पर एक महिला पुलिस अधिकारी 2 कर्मचारियों के साथ आई और गाय चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए थाने चलने को कहा। उनका कहना था कि सीसीटीवी फुटेज में भी उसकी शक्ल आ रही है। उसके इस मामले में संलिप्त होने से मना करने के बावजूद पुलिस उसे थाने ले गई। यहां कुछ कर्मचारियों व अधिकारियों ने जुर्म कबूल करने का दबाव डाला और उसके साथ मारपीट भी की। यहां तक कि पैसे देने पर राजीनामा करवाने की भी बात कही। 

लगभग 3 बजे एसआई कैलाश सोनी अन्य कर्मचारियों के साथ उसे सीआईए थाने में ले गया। जहां 3-4 कर्मचारियों ने उसके कपड़े उतरवा दिए। एक उसकी छाती पर बैठ गया और दो ने उसके पैर पकड़ लिए। चौथे कर्मचारी ने लाठी से पैरों पर बुरी तरह मारा। उसके पांव में भी चोट लग गई। रात लगभग 8 बजे उसे शहर थाने में वापस ले आये। यहां एक अधिकारी ने उसके भाई को फोन कर उसे ले जाने को कहा। इस पर उसका भाई दो-तीन अन्य व्यक्तियों के साथ आया और उसे मोटरसाइकिल पर घर ले गया। रात में डर हुआ होने के कारण वो चुप रहा। सुबह उसने सारी बात घरवालों को बताई तो उन्होंने उसे सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां करवाए गए एक्सरे में उसके पैर में फ्रेक्चर की पुष्टि हुई व प्लास्टर किया गया।

पूछताछ के बाद छोड़ दिया : थाना प्रभारी

थाना प्रभारी संतोष कुमार ने माना कि गाय चोरी के मुकदमे में उस युवक को थाने लाया गया था। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। जरूरत पड़ेगी तो फिर बुलाया जाएगा। उन्होंने उससे किसी भी प्रकार की मारपीट से इंकार करते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो मामले की जांच करने के बाद अधिकारी ही बता सकते हैं। दूसरी ओर एसपी सुलोचना गजराज ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से करवाने की बात कही। इसके बाद 2 पुलिस कर्मचारी बुधवार शाम पीड़ित युवक का बयान लेने उसके घर पहुंचे।

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