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अनाज से भरने लगीं मंडियां:सरसों के बाजार में भाव तेज, सरकारी केंद्र पर नहीं हो रही आवक

नारनौल3 दिन पहले
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अटेली अनाज मंडी में सरसों को सूखाते हुए किसान। - Dainik Bhaskar
अटेली अनाज मंडी में सरसों को सूखाते हुए किसान।
  • समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू होने के 6 दिन बाद 2 किसानों के कटे गेट पास, 60 क्विंटल गेहूं की हुई खरीद

समर्थन मूल्य पर गेहूं व सरसों की खरीद का मंगलवार को छठा दिन था। नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी में बनाए गए सरकारी खरीद केंद्र पर मंगलवार को पहली बार बिक्री के लिए 60 क्विंटल गेहूं आया। सरसों की आवक अब भी शुरू नहीं हो पाई है।

सरकारी खरीद केंद्र पर मंगलवार को 2 किसान सुनील कुमार व सतबीर यादव गेहूं बेचने आए। खरीद केंद्र पहुंचने पर दोनों किसानों के गेट पास काटकर मंडी में प्रवेश दिया गया। नमी, गुणवत्ता आदि की जांच के बाद खरीद एजेंसी द्वारा दोनों किसानों का 60 क्विंटल गेहूं खरीद लिया गया।

खरीद केंद्र पर ऐसा पहली बार हो रहा है कि सरसों से पहले गेहूं की खरीद शुरू हुई है। ऐसा किसी तकनीकी या खरीद प्रक्रिया में खामी की वजह से नहीं बल्कि इसलिए कि इस बार सरसों के भाव खुली बोली पर समर्थन मूल्य से 200 से लेकर 500 रुपए तक अधिक मिल रहे हैं।

इसके चलते किसान मंडियों में ही सरसों बेच रहे हैं। जबकि पिछले सालों के दौरान सरसों का समर्थन मूल्य बाजार भाव से अधिक रहा है। इसके साथ साथ क्षेत्र में पानी की कमी के चलते गेहूं की खेती कम ही रकबे में की जाती है। इस कारण गेहूं बिक्री के लिए नाममात्र का ही आता है।

गेहूं की जो पैदावार होती है वह खाद्य जरूरत की पूर्ति में ही लग जाती है तथा भाव भी समर्थन मूल्य से अधिक ही मिलता है। इसके चलते गेहूं की उपज गांवों में ही बिक जाती है। सीधे किसानों से अनाज की खरीद फरोख्त करने वाले लोगों की घुसपैठ भी इसका एक बड़ा कारण है।

इस वजह से गेहूं मंडी में पहुंच ही नहीं पाता है और पहुंचता भी है तो काफी कम मात्रा में। जबकि सरसों की बंपर आवक होती है। क्योंकि खेती योग्य अधिकांश जमीन में सरसों की ही पैदावार होती है। या बारिश समय पर तथा अच्छी हो जाए तो चने का रकबा बढ़ जाता है। इस बार सरकारी खरीद शुरू होने से पहले ही सरसों के बाजार भाव तेज बने हुए हैं। इस वजह से सरकारी खरीद केंद्र पर अब तक सरसों की आवक नहीं हुई है।

समर्थन मूल्य पर खरीद के सभी इंतजाम किए गए हैं

समर्थन मूल्य पर खरीद के सभी इंतजाम हैं। मंगलवार को 3 किसानों के गेट पास कटे हैं। उनसे 60 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। बाजार भाव अधिक होने के कारण सरसों की आवक छठे दिन भी नहीं हुई।
नुकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी नारनौल।

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