जिले में मलेरिया-डेंगू परवान पर:इस सीजन में अब तक डेंगू के रिकॉर्ड 101 केस मिले

नारनौलएक महीने पहले
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डेंगू का लार्वा मिलने पर पक्षियों के बर्तन को खाली करता स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
डेंगू का लार्वा मिलने पर पक्षियों के बर्तन को खाली करता स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी।
  • अकेले नागरिक अस्पताल में रोजाना बुखार से पीड़ित 600 से अधिक मरीज आ रहे

जिले में बारिश के सीजन के बाद अब डेंगू की स्थिति बेकाबू होती जा रही है। जिले में मलेरिया-डेंगू के इस सीजन में अभी तक डेंगू के 101 केस सामने आ चुके हैं। जिले में डेंगू के बढ़ते केसों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू के बढ़ते केसों को देखते हुए नागरिक अस्पताल, नारनौल में डेंगू का स्पेशल वार्ड बना कर बुखार की जांच व इलाज की निशुल्क सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। दूसरी ओर स्वास्थ्यविभाग द्वारा मरीजों व उनके तीमारदारों को मच्छरों से बचाव के तौर-तरीके बता कर डेंगू की रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के अनुसार मलेरिया-डेंगू के इस सीजन में जिले में रोजाना बुखार से पीड़ित मरीजों की ओपीडी लगातार बढ़ रही है। अकेले नागरिक अस्पताल नारनौल में रोजाना बुखार से पीड़ित 600 से अधिक मरीज आ रहे हैं। अस्पताल में डेंगू का स्पेशल वार्ड बना कर बुखार की जांच व इलाज की सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बुखार की 80 से 100 ओपीडी हो रही हैं। वहीं निजी अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में बुखार से ग्रस्त लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के अनुसार जिले में औसतन रोजाना बुखार पीड़ितों की करीब 3 हजार ओपीडी हो रही है, परंतु जांच के बाद दो से तीन डेंगू मरीज मिल रहे हैं। जिले में डेंगू के केसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला अस्पताल, उप-जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से एक-एक टीम अपने-अपने क्षेत्र में भेजकर लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए जागरुक किया जा रहा है।

इस दौरान टीमें लोगों के घरों पर रखी पानी की टंकियों, कूलर, पानी के होद व छतों पर रखे टायर आदि में जमा पानी की जांच कर रहे हैं तथा लारवा मिलने पर दवा का छिड़काव भी कर रहे हैं। वहीं नगर परिषद व पंचायत विभाग की टीमें जहां-जहां डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, उस एरिया में जाकर फोगिंग कर रही हैं, परंतु जिले में फोगिंग कार्य में संसाधनों की कमी आड़े आ रही है।

नगर परिषद/नगरपालिका व पंचायत विभाग के पास कहीं एक फोगिंग मशीन है तो कहीं एक भी फोगिंग मशीन नहीं है। जिले में नारनौल, नांगल चौधरी, अटेली व गोद बलाहा के ग्रामीण क्षेत्र में 20 से अधिक स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिलने पर लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।

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