सरोकार:वरिष्ठ नागरिकों को घर पर मिलेगी औषधि

नारनौलएक वर्ष पहले
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  • आयुर्वेदिक कालेज की टीम बांटेगी दवाई, शहर में शुरू किया औषधि वितरण कार्य

बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक काॅलेज एवं अस्पताल पटीकरा की टीमें अब नारनौल शहर के सभी 25 वार्डों में घर-घर जाकर वरिष्ठ नागरिकों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक औषधियां वितरित करेंगी। मंगलवार सुबह नगर परिषद की चेयरपर्सन भारती सैनी ने वार्ड-एक और दो से इन औषधियां वितरण का शुभारंभ किया।
उन्होंने आह्वान किया कि वे सरकार की गाइडलाइन की पालना करें तथा अपने परिवार के 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों व दस साल से कम उम्र के बच्चों को घर से बाहर ना निकलने दें। घर के अन्य लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से निकले और मुंह पर मास्क या गमछा लगाकर ही निकलें।  भारती सैनी ने बताया कि जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने एक कार्यालय आदेश जारी करके नारनौल शहर में वरिष्ठ नागरिकों को रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक औषधियां वितरित करने के लिए अलग-अलग 5 टीमों का गठन किया है। ये टीमें नारनौल शहर के सभी वार्डों में जाकर सुबह 9 से शाम 4 बजे तक आयुर्वेदिक औषधियां व आयुष क्वाथ वितरित करेंगी। उन्होंने बताया कि इन टीमों के प्रभारी अतिरिक्त मेडिकल अधिकारी डॉ. अनिल यादव होंगे। जो 5 टीमें बनाई गई है उनमें डॉ. प्रीति तथा वार्ड बॉय विकास कुमार, डॉ. कपिल व सोनू कुमार, डॉ. पूजा व संदीप अटेंडेंट, डॉ. स्नेहलता व प्रिया यादव अटेंडेंट तथा डॉ. ज्योति व अनूप को शामिल किया गया है। दवा वितरण कार्य के शुभारंभ अवसर पर वार्ड एक पार्षद किशनलाल बोहरा, समाजसेवी दौलतराम सैनी व रामजीलाल सैनी भी उपस्थित थे।
आयुष एडवाइजरी अपनाएं, प्रतिरोधक क्षमता बढाएं
लाॅकडाउन के बाद से जिले में निरंतर काेराेना के केस सामने अा रहे हैं। इस महामारी को परास्त करने के लिए आयुर्वेद हमारी ढाल का काम कर रहा है। आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद के माध्यम से आमजन की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने एवं कोविड-19 से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की हुई है। आमजन को इस एडवाइजरी का पालन करना चाहिए।
जिला आयुर्वेद अधिकारी डाॅ. अजीत सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमितों की संख्या अभी भी बढ़ती ही जा रही है। इसलिए आमजन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुष एडवाइजरी को अवश्य अपनाएं। उन्होंने बताया कि सुबह-शाम तिल तेल, नारियल तेल या शुद्ध देशी घी नाक के दोनों क्षेत्रों में लगाएं। केवल एक चम्मच तिल तेल व नारियल तेल को 2 से 3 मिनट मुंह में ही घुमाएं एवं उसके बाद उसे थूक दें। उन्होंने बताया कि खांसी व गले में खराश के लिए दिन में कम से कम एक बार गर्म पानी में पुदीना के पत्ते या अजवाइन डालकर भाप लें। खांसी या गले में खराश होने पर लौंग के चूर्ण में गुड़ या शहद मिलाकर दिन में दो या तीन बार लें।

उन्होंंने बताया कि यदि यह लक्षण बने रहते हैं तो डॉक्टर से परामर्श लें। उन्होंंने ने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करने के लिए पूरे दिन केवल गुनगुना गर्म पानी पीएं। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योगासन प्राणायाम व ध्यान करें। हल्दी, जीरा, धनिया एवं लहसुन का भोजन बनाने में प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सुबह 10 ग्राम च्यवनप्राश लें तथा मधुमेह के रोगी शूगर फ्री च्यवनप्राश लें। तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सोंठ एवं मुनक्का से बनी हर्बल-टी का काढ़ा दिन में 1 से 2 बार पीएं। स्वाद के अनुसार इसमें गुड़ या ताजा नींबू का रस मिला सकते हैं। 150 गर्म दूध में आधा चम्मच पिसी हल्दी मिलाकर एक से दो बार लें।

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