परेशानी:कुछ बरसात की तो कुछ प्रशासन की मार, बाजार और गली-मोहल्लों में सड़कों की हालत बदहाल

नारनौल2 महीने पहले
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शहर में सीवर लाइन डालने के लिए तोड़ी गई सड़कें अब गड्ढ़ों व फिसलन में तब्दील। - Dainik Bhaskar
शहर में सीवर लाइन डालने के लिए तोड़ी गई सड़कें अब गड्ढ़ों व फिसलन में तब्दील।

शहर में करीब दो किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क को सीवर लाइन डालने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने तोड़ दिया तो बरसात ने बाजारों एवं गली-मोहल्लों की सड़कों को तोड़कर रही-सही कसर पूरी कर दी है। इसके चलते शहर की मुख्य सड़कों समेत बाजारों व गलियों की सभी सड़क गड्ढ़ों में तब्दील होकर रह गई हैं।

स्थिति यह है कि कोई सड़क पैदल व वाहनों के चलने लायक नहीं है। इसके चलते लोगों एवं वाहन चालकों को आवागमन करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के संतरी से लेकर मंत्री तक शिकायत करने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में नगरवासी असमंजस की स्थिति में हैं कि वे अपनी फरियाद लेकर जाएं तो कहां जाएं।

बता दें कि जनस्वास्थ्य विभाग ने अप्रैल माह में शहर में करीब 2 किलोमीटर सीवर लाइन डालने के लिए महिला पुलिस थाने के मुख्य गेट के सामने से अग्रसेन चौक, लोहा मंडी, नागरिक अस्पताल, जिला क्षय रोग अस्पताल, बहरोड़ चौक, सीआईए मोड होकर किला रोड तक की मुख्य सड़क को बीचों-बीच तोड़ डाला था।

ज्ञात रहे कि इस सड़क पर ही जिला अस्पताल, रेलवे स्टेशन, राजकीय पीजी कालेज, राजकीय महिला पीजी कालेज, बीएड कालेज, अनाज मंडी, गल्र्स स्कूल, माडल संस्कृति स्कूल समेत कई मोहल्ले पड़ते हैं। इसके अलावा इसी सड़क से शहर का मुख्य आजाद चौक बाजार भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में शहर की इस मुख्य सड़क पर रोजाना हजारों की संख्या में लोगों का आवागमन रहता है।

इसके अलावा बारिश ने शहर के मुख्य बाजारों व गली-मोहल्लों की सड़कों को तोड़ दिया है। ऐसे में शहर में लंबे समय से कोई सड़क पैदल व वाहनों के चलने लायक नहीं है। इस टूटी सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत करवाने के लिए नगरवासी अनेक बार नगर परिषद अधिकारियों, उपायुक्त व मंत्री से मिल चुके हैं, परंतु संतरी से लेकर मंत्री तक तथा कर्मचारियों से लेकर अधिकारी तक सड़कों की मरम्मत व निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

इसके चलते स्कूली बच्चों व आमजन को अपनी जान जोखिम में डालकर मजबूरन इन टूटी सड़कों पर आवागमन करना पड़ रहा है। इसके चलते अनेक लोग व बच्चे फिसलन भरी सड़क पर फिसल कर घायल हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन सड़कों के गड्ढ़ों को भरने तथा सड़क का निर्माण करने को कतई तैयार नहीं है।

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