बीमारियाें का प्रकाेप बढ़ा:जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 50, सिविल में 6 बेड का स्पेशल डेंगू वार्ड बनाया गया

नारनौल2 महीने पहले
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  • बुखार हाेने पर एलाइजा टेस्ट जरूर कराएं

जिले में बारिश से जल भराव तथा जल भराव से बढ़ती गंदगी के कारण डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के अनुसार जिले में डेंगू के केस बढ़ कर अब 50 हो गए हैं। अस्पताल में डेंगू सस्पेक्टेड दो मरीजों का उपचार चल रहा है।

जिले में डेंगू के बढ़ते केसों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में स्पेशल डेंगू वार्ड स्थापित कर उपचार की सुविधा शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल में डेंगू जांच के लिए एलाइजा टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए डेंगू के संभावित मरीज तुरंत अस्पताल पहुंच कर अपना टेस्ट करवा उपचार लें।

बता दें कि बरसात का सीजन समाप्त होने के बाद मौसम में होने वाले परिवर्तन के कारण मच्छर-मक्खी तेजी से पनपते हैं। मौसम परिवर्तन एवं इन मच्छर-मक्खियों के काटने से मौसमी बीमारियां खांसी, जुकाम, साधारण वायरल, डेंगू, मलेरिया व पीलिया आदि फैलती हैं। परंतु इस बार बारिश का मौसम अभी तक जारी रहने के कारण इस बार जिले में डेंगू का प्रकोप ज्यादा देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब डेंगू के केस बढ़ कर 50 हो गए हैं। वहीं मलेरिया के दो केस सामने आए हैं।

बच्चों में पीलिया के केस भी लगातार सामने आ रहे हैं। बढ़ते डेंगू के केसों से चिंतित स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में 6 बेड का स्पेशल डेंगू वार्ड स्थापित कर दिया है, वहीं 6 बेड के दूसरे वार्ड का कार्य चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू के मरीजों संख्या बढऩे की स्थिति में जरुरत के अनुसार बेडों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।

सिविल सर्जन डाॅ. अशोक कुमार ने बताया कि डेंगू मच्छर जनित बीमारी है। इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को तेज बुखार, मांसपेशियों, जोड़ों और हड्डियों में दर्द, सिर दर्द, बदन टूटना, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों पर सूजन, भूख न लगना व त्वचा पर लाल चकते आदि लक्षण हैं।

यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दें तो वे बिना देरी किए डेंगू की जांच के लिए अस्पताल में एलाइजा टेस्ट करवाएं। यह सुविधा नागरिक अस्पताल में उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नागरिक अस्पताल में दो डेंगू संभावित मरीजों का उपचार चल रहा है, वहीं दूसरे लोगों का इलाज जिले में निजी अस्पतालों तथा जिले से बाहर चल रहा है, जिनके डाटा स्वास्थ्य विभाग रोजाना कलेक्ट कर रहा है।

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