पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

हादसा:वाटर टैंक में नहाने गया युवक डूबा, 9 घंटे बाद धारुहेड़ा के गोताखोरों ने निकाला शव

नारनौल8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
गांव हसनपुर का वाटर टैंक। - Dainik Bhaskar
गांव हसनपुर का वाटर टैंक।
  • परिजनों का आरोप; 2 फीट गहरे पानी से भी डरता था उनका बेटा, हत्या की साजिश

हसनपुर गांव में बने जनस्वास्थ्य विभाग के वाटर टैंक में शनिवार दोपहर नहाने गए राजस्थान के गांव किशनपुरा के 18 वर्षीय एक युवक की पानी में डूबने से मौत हो गई, जबकि मौके पर पहुंचे गांव रामबास के युवकों ने उसके दो साथियों को पानी से बाहर निकाल डूबने से बचा लिया।

वाटर टैंक में डूबे युवक के शव को धारुहेड़ा से आयी गोताखोर टीम ने कड़ी मशक्कत कर देर रात 12.30 बजे पानी से बाहर निकाला। पुलिस ने रविवार सुबह इस मामले में कार्रवाई करते हुए शव का नारनौल के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।

वहीं मृतक के परिजनों ने इस मामले को हत्या करार दिया है। मृतक के परिजनों का कहना है कि उनके बच्चे को मात्र 2 फीट गहरे पानी से भी डर लगता था, ऐसे में उनके बच्चे के वाटर टैंक में नहाने के लिए जाने की बात उनके गले से नहीं उतर रही है। इसलिए पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच कर उनके साथ न्याय करे। मृतक के परिजनों के बयान पर पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार राजस्थान के सीमावर्ती गांव किशनपुरा निवासी मोहित पुत्र भागीरथ सिंह तथा उसी गांव के उसके साथी अतुल व हितेश शनिवार दोपहर करीब 2 बजे नहाने के लिए हसनपुर के निकट बने जनस्वास्थ्य विभाग के वाटर टैंक पर आए थे। मृतक के दोस्तों के अनुसार तीनों को तैरना नहीं आता था, इस कारण वे सब वाटर टैंक के कोने में दीवार के साथ कम पानी वाली जगह पर नहा रहे थे।

इस दौरान नहाते-नहाते पैर फिसलने से मोहित गहरे पानी में गिर गया। इस दौरान उसने अपने बचाव के लिए अपने एक साथी का पैर पकड़ लिया तो दूसरा साथी भी उसके साथ गहरे पानी में जा गिरा। तभी उनका तीसरा साथी भी उन्हें बचाने के लिए गहरे पानी में कूद गया। जब तीनों डूबने लगे तो वाटर टैंक के दूसरे छोर पर नहा रहे गांव रामबास के युवकों ने मौके पर पहुंचकर अतुल व हितेश को बचा लिया, लेकिन मोहित को नहीं बचा सके।

आरोप है मोहित के वाटर टैंक में डूबने पर रामबास के युवक मौके से भाग गए। इसके बाद अतुल व हितेश ने गांव में पहुंचकर मोहित के पानी में डूबने की जानकारी दी। इसके बाद परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा मोहित को पानी में ढूंढने का प्रयास किया। इस बीच घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।

सूचना मिलने पर पुलिस ने भी वहां पहुंचकर पानी में डूबे युवक को पानी में ढूंढने का प्रयास किया। जब देर शाम तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी तो मामले से प्रशासन को अवगत करवाया तथा धारुहेड़ा से गोताखोर टीम को बुलाया गया। धारुहेड़ा से आए गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोर टीम ने देर रात 12.30 बजे पानी में डूबे युवक के शव को बाहर निकाला।

परिजनों की मांग- पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करवाए : मृतक के परिजनों ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि मोहित को बचपन से ही गहरे पानी से डर लगता था। ऐसे में वह वाटर टैंक में नहाने जाने की बात सोच भी नहीं सकता। उन्हें शक है कि सोची-समझी साजिश के तहत कोई मोहित को वाटर टैंक पर ले गया था। वहां ले जाकर इस घटना को अंजाम दिया गया है। ऐसे में यह हत्या का मामला है। इसलिए पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाए।

जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। मृतक के परिजनों के बयान पर पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

खबरें और भी हैं...