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रेलवे कर्मियों के परिजनों के लिए अभियान:तीसरी लहर से बचाने की कवायद; बच्चों व महिलाओं का स्वास्थ्य जांचने नारनौल पहुंची स्पेशल मेडिकल ट्रेन

नारनौलएक महीने पहले
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  • डॉक्टरों की टीम ने परामर्श के बाद फ्री दी दवाइयां

रेलवे सेंट्रल अस्पताल, जयपुर के चिकित्सकों ने बुधवार को स्पेशल मेडिकल ट्रेन से रेवाड़ी से रींगस तक दौरा कर रेलवे कर्मचारियों के 18 साल से कम आयु के बच्चों व महिलाओं को कोरोना की तीसरी लहर से बचाने के लिए उनके स्वास्थ्य की जांच कर परामर्श दिया। रेलवे सेंट्रल अस्पताल की टीम दोपहर बाद करीब 2.30 बजे नारनौल रेलवे स्टेशन पर पहुंची।

जहां रेलवे कर्मचारियों के 18 साल से कम आयु के बच्चों व महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें उपचार दिया। इस दौरान चिकित्सकों ने कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंस की पालना करने, भीड़भाड़ में जाने से बचने तथा खांसी, जुकाम व बुखार के लक्षण दिखाई देने पर कोविड की जांच करवा उपचार लेने की सलाह दी।

बता दें कि उत्तर-पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल अपने कर्मचारियों के 18 साल से कम आयु के बच्चों तथा महिलाओं को कोरोना की तीसरी लहर से बचाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी के तहत उत्तर-पश्चिम रेलवे मंडल जयपुर की प्रबंधक मंजुषा जैन के नेतृत्व में रेलवे सेंट्रल अस्पताल जयपुर के चिकित्सकों की टीम ने बुधवार को स्पेशल मेडिकल ट्रेन से रेवाड़ी से रींगस तक का दौरा किया।

सुबह 10.25 बजे रेवाड़ी स्टेशन से चली यह ट्रेन सभी स्टेशनों पर रुक-कर वहां रह रहे रेलवे कर्मचारियों के 18 साल से कम आयु के बच्चों व महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें उचित परामर्श देते हुए तथा कोरोना के प्रति जागरुक करते हुए दोपहर बाद करीब 2.30 बजे नारनौल रेलवे स्टेशन पर पहुंची।

यहां स्टेशन अधीक्षक मुनेश भार्गव व उनकी टीम ने मंडल प्रबंधक व चिकित्सकों की टीम का स्वागत किया। इसके बाद चिकित्सकों की टीम ने स्टेशन पर शिविर लगा कर रेलवे कर्मचारियों के 18 साल से कम आयु के बच्चों व महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की। इस दौरान चिकित्सकों की टीम ने एनीमिया, ब्लड प्रेशर, ईसीजी समेत सामान्य बीमारियों की जांच की।

रेलवे प्रबंधक मंजुषा जैन ने बताया कि इस जांच के दौरान किसी बच्चा व महिला के गंभीर बीमारी से पीडि़त मिलने की स्थिति में उसे अस्पताल में आकर उपचार करवाने की सलाह दी जा रही है। नारनौल में सभी बच्चों व महिलाओं का स्वास्थ्य ठीक पाया गया है, फिर भी वे तीसरी लहर से बचने के लिए सचेत रहें। इस मौके पर डाॅ. मुकंदीलाल मीणा, डाॅ. नीतु मीणा एवं संजय शाह ने अपनी टीम के साथ बच्चों व महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की।

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