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कमा सकते हैं ज्यादा मुनाफा:मछली-सूअर पालन व बागवानी से कमा सकते हैं ज्यादा मुनाफा

नारनौल8 दिन पहले
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सरकार की योजनाओं का लाभ उठा निवाजनगर निवासी ईशु चौधरी ने इंटीग्रेडिट फार्मिंग के क्षेत्र में जिले में नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब के दोस्तों से प्रेरणा लेकर अलग किस्म का प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्णय लिया। निवाजनगर में खुद की 15 एकड़ जमीन मेंं से साढ़े पांच एकड़ में मछली पालन, साढ़े छह एकड़ मेंं बागवानी तथा आधे एकड़ में सूअर पालन का कार्य शुरू किया।

ज्ञान फार्मिंग के नाम से शुरू किए इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इन तीनों क्षेत्रों की खाद्य, खाद व पानी की पूर्ति एक दूसरे से हो रही है। सबसे पहले उन्होंने सूअर फार्म बनाया हुआ है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछली पालन का काम शुरू किया है। जोहड़ों के साथ ही बागवानी विभाग की योजना के तहत बाग लगवाया।

उन्होंने बताया कि सूअर फार्म से निकलने वाला मल-मूत्र ही जोहड़ मेंं पहुंचता है। जिससे मछलियों को खुराक मिलती है। मछली पालन अधिकारी सोमदत्त ने सरकार की योजना से मछली पालन करने सलाह दी। जिससे एक साथ दो समस्याएं हल हो गई। तालाब में हर वर्ष 12 टन प्रति हेक्टेयर की उत्पादन क्षमता है। इसके साथ ही बाग में 85 फीसदी अनुदान पर ड्रिप इरीगेशन सिस्टम भी लगवाया व 75 फीसदी अनुदान पर सोलर ट्रैप भी लगवाया। मछलियों के तालाब से निकलने वाले पानी को बाग की सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।

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