भाजपा-कांग्रेस खेमे:3 सरपरस्तों ने भंग की किला रोड ट्रेडर्स एसो. कार्यकारिणी

राेहतकएक महीने पहले
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किला राेड बाजार में बैठक करते हुए व्यापारी। - Dainik Bhaskar
किला राेड बाजार में बैठक करते हुए व्यापारी।
  • 7 दिन से सीवर समस्या का समाधान नहीं होने के बाद बुलाई बैठक में लिया फैसला
  • मौजूदा प्रधान बिट्‌टू सचदेवा ने जताया ऐतराज, बोले-टीम तोड़ने का किया जा रहा षड्यंत्र

ठंड के मौसम में भी अचानक सोमवार को किला रोड बाजार में राजनीतिक माहौल गर्म हाे गया। सोमवार को 3 सरपरस्तों ने आपात बैठक बुलाकर किला रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन की कार्यकारिणी भंग किए जाने की घोषणा कर दी। साथ ही मौजूदा प्रधान बिट्टू सचदेवा को अपना पक्ष रखने के लिए 48 घंटे का समय दिया। इसके बाद संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इधर पारिवारिक आयोजन में शामिल होने के लिए रोहतक से बाहर गए बिट्टू सचदेवा ने पूरे घटनाक्रम को नाटकीय बताया।

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा कारोबारियों की टीम को तोड़ने के लिए किया जा रहा षड्यंत्र कतई कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। सभी पदाधिकारियों व सदस्यों की मौजूदगी के बिना लिए गए फैसले का कोई औचित्य ही नहीं बनता है। दरअसल दिल्ली रोड पर स्थित किलारोड मार्केट के दुकानदार भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के दो खेमे में बंटे हुए हैं। वर्तमान में कांग्रेस के समर्थक बिट्‌टू सचदेवा ही किलारोड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान हैं। अब इस पूरे मामले में मंगलवार को होने वाली बैठक में जमकर हंगामा होने के आसार हैं। क्योंकि बिट्‌टू कह चुके हैं कि गिनती के लोगों का फैसला मायने नहीं रखता है।

कार्यकाल खत्म हाेेने के बाद भी पद से चिपके हैं सचदेवा: किला रोड मार्केट के कई दुकानदारों ने कहा कि किला रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान पद के रूप में कार्य करते हुए बिट्‌टू सचदेवा का कार्यकाल वैधानिक रूप से खत्म हो गया है। फिर भी पद के लोभ में पड़े हुए हैं। उनको बाजार के दुकानदारों की तकलीफें नहीं दिखती हैं। जबकि किला रोड बाजार के दुकानदार सीवर ओवरफ्लो होने से लेकर तमाम समस्याओं में उलझे पड़े हैं। नगर निगम के अधिकारियों, मेयर और डीसी तक फरियाद लगाने के बाद भी हालात जस के तस हैं।

दूसरे खेमे का आरोप है कि बिट्‌टू सचदेवा अपने कारोबार में ही इतने व्यस्त हैं कि उनको किला रोड मार्केट के दुकानदारों की समस्याओं को सुनने आैर उसका समाधान कराने की भी फुर्सत नहीं है। ऐसे में लावारिस हालात में संगठन को नहीं छोड़ा जा सकता है। 7 दिन से किला रोड मार्केट में सीवर ओवरफ्लो होने की समस्या बनी हुई है। लेकिन अभी तक उसका समाधान नहीं किया जा रहा है। इसके चलते ग्राहक किला रोड मार्केट की दुकानों तक खरीदारी के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे दुकानदाराें को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

किस तरह से बदला समीकरण, आपात बैठक में आगे के लिए क्या हुआ तय

समर्थक दुकानदारों ने समाजसेवी राजेश लूंबा टीनू को सीवर सहित बाजार की समस्याओं को गिनाते हुए उन्हें किला रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन का प्रधान बनाने का प्रस्ताव रखा। लेकिन उन्होंने व्यस्तता का हवाला दे इंकार कर दिया। इसके बाद किला रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन की आपात बैठक बुलाई गई। इसमें तीनों सरपरस्त विशंभर, नरेंद्र कथूरिया के भाई बिरेंद्र कथूरिया और सुनील बोंड्रा मौजूद रहे। अध्यक्षता सुनील बोंड्रा ने की और कार्यकारिणी भंग कर दी। तय हुआ कि 15 दिसंबर को सदस्यों को बुलाकर मीटिंग कर प्रधान के नाम की घोषणा सबकी सहमति से होगी। तभी नई कार्यकारिणी गठित की जाएगी।

प्रस्ताव किया खारिज

मुझे बाजार का प्रधान बनाने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन मैंने मना कर दिया। इसके बाद तीनों सरपरस्तों ने बैठक बुलाई और एसोसिएशन की कार्यकारिणी भंग कर दी है।

-राजेश लूंबा टीनू, समाजसेवी।

प्रधानी लेने का विचार नहीं

मीटिंग में मौजूद तीनों सरपरस्तों ने किला रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन की कार्यकारिणी भंग कर दी। मैं एसोसिएशन का प्रधान बनूं, ऐसा विचार मेरा नहीं है।

-हैप्पी अनेजा, जिला संयोजक भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ।

ये फैसला मंजूर नहीं है

मंगलवार को पदाधिकारियों से बुलाकर करेंगे। सर्वसम्मति से प्रधान बदलने का फैसला किया तो हम तैयार हैं। वरना इन लोगों का फैसला मंजूर नहीं है।

-बिट्‌टू सचदेवा, प्रधान किला रोड ट्रेडर्स एसोसएशन।

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