कार्रवाई / उद्योगपतियों पर सीवरेज-पानी का 46 लाख बिल बकाया, 80 % अवैध कनेक्शन, सोमवार से काटेंगे

न्यू एचएसआईआईडीसी में वाटर टैंक में जांच करती डिवीजन की टीम। न्यू एचएसआईआईडीसी में वाटर टैंक में जांच करती डिवीजन की टीम।
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न्यू एचएसआईआईडीसी में वाटर टैंक में जांच करती डिवीजन की टीम।न्यू एचएसआईआईडीसी में वाटर टैंक में जांच करती डिवीजन की टीम।

  • एचएसआईआईडीसी में उद्योगपतियों की समस्याओं को जानने पहुंची टीम ने चेताया, पहले बिल भराे

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 06:12 AM IST

रोहतक. न्यू एचएसआईआईडीसी में कभी सीवरेज तो कभी पेयजल को लेकर मोर्चा खोल रहे उद्योगपतियों की समस्याओं को जानने के लिए मंगलवार को इंडस्ट्रियल एरिया डिवीजन की टीम दौरा करने के लिए पहुंची। यहां पर टीम ने दौरा कर पेयजल के सैंपल भी लिए और मौकेे पर जाकर व्यवस्था को जांचा। 

अधिकारियाें ने दावा किया कि पानी ठीक है। वहीं, अधिकारियों ने दोनों एसोसिएशन के प्रधानों के साथ-साथ अन्य उद्योगपतियों से कई मुद्दों पर चर्चा भी की। इस चर्चा में निकलकर सामने आया कि सात साल से पानी-सीवरेज का बिल अधिकतर उद्योगपतियों ने भरा ही नहीं है। वहीं 80 फीसदी कनेक्शन अवैध लगे हुए हैं।

कभी कोर्ट का हवाला देकर तो कभी चुनाव में नेताओं का दबाव बनवाकर लगातार अवैध कनेक्शन चलते आ रहे हैं। इसी का परिणाम है कि पेयजल का ही आईडीसी कुताना का 28 लाख रुपए और 18 लाख रुपए एचएसआईआईडीसी का वाटर चार्ज पेंडिंग है, जोकि कई साल से भरा ही नहीं गया है। ऐसे में बिना बिलों की अदायगी किए उद्योगपति यहां पर सुविधाएं जुटाने की मांग कर रहे हैं।

इस पर अब एचएसआईआईडीसी की इंडस्ट्रियल एरिया डिवीजन भी सख्त मूड में आ गई है और उद्योगपतियों काे तीन दिन का अल्टीमेटम दे दिया है कि वे या तो अवैध कनेक्शन को नियमित करवा लें और जिनका बिल पेंडिंग है वह अपना बिल भर दें, ताकि समय पर सुविधाएं दी जा सके। ऐसे में उद्योगपतियों ने शुक्रवार तक का समय मांगा है। इसके बाद भी यदि चार्जेस जमा नहीं करवाए गए तो इंडस्ट्रियल एरिया डिवीजन की ओर से सोमवार को पानी-सीवरेज केे अवैध कनेक्शन काटने का काम शुरू कर दिया जाएगा। 

सुविधा लेने के लिए भरना होगा चार्ज 
उद्योगपतियों को बेहतर सुविधाएं मिले, इसके लिए जरूरी है कि इंडस्ट्रियल एरिया डिवीजन का जो भी बिल पेंडिंग बना हुआ है उसे चुकाया जाए। अब सुविधाएं तो सभी को चाहिए और पैसा कोई खर्च नहीं करना चाहता। यह तो गलत बात है। आखिर सरकार भी कब तक अपनी ओर से खर्च करती रहेगी। पानी-सीवरेज के अलावा ऑपरेशन मेंटेनेंस की राशि विभाग में जमा करवानी चाहिए। तभी तो हम भी विभाग से जवाब तलबी करने लायक रहेंगे कि वे सुविधाएं सुचारू तरीके से दें। इसी को लेकर मंगलवार को बैठक थी। मंगलवार को ही मेरे दो उद्योगपति साथियों ने अपनी पेमेंट जमा भी करवा दी है। अब विभाग की हालत इतनी खस्ता है कि उनके पास झाडू खरीदने के भी पैसे नहीं हैं। उनकी भी कोई जवाबदेही है।  - एसके खटोड़, प्रधान, रोहतक आईडीसी उद्योगपति एसोसिएशन।

हेल्प डेस्क लगाकर नियमित करवाएंगे कनेक्शन : कोचर
लघु उद्योग भारती बिल भरवाने और कनेक्शन नियमित करवाने के लिए तीन दिन तक एक हेल्प डेस्क लगाएगी ताकि जिन उद्योगपतियों का पानी-सीवरेज का बिल पेंडिंग है और अवैध कनेक्शन हैं, उसे आवेदन कर नियमित करवाना होगा। ऐसा न करने पर इंफ्रा डिवीजन की ओर से सोमवार से कनेक्शन काटने का काम किया जाएगा। सभी उद्योगपतियों को इस बारे में सोशल मीडिया पर मैसेज डालकर भी सचेत कर दिया गया है कि वे अपना पानी-सीवरेज का बिल भर लें। आवेदन करने में दिक्कत आती है तो लघु उद्योग भारती के सदस्य से संपर्क कर सकते हैं। यहां पर सुविधा भी अभी दो साल से दी गई है। शुक्रवार तक रिकवरी में विभाग की मदद करेंगे। - अंगद कोचर, प्रधान, लघु उद्योग भारती।

नहीं दिए चार्ज तो सोमवार से काटेंगे कनेक्शन : इंचार्ज
पानी की समस्या को लेकर मंगलवार को दौरा करने गए थे। पानी के पीले रंग को लेकर जरूर कुछ दिक्कत रही, पानी में कोई खराबी नहीं है।  हेड ऑफिस बार-बार कहता है कि ऑपरेशन मेंटेनेंस की राशि उद्योगपतियों से ही रिकवर की जाए ताकि उन्हें सुविधा सुचारू तरीके से दी जा सके। यहां पानी-सीवरेज के करीब 46 लाख रुपए बकाया हैं। ऑपरेशन मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपए बकाया है। इसकी अदायगी की जानी चाहिए।  आउटस्टैंडिंग की अदायगी करनी ही चाहिए। अब नहीं मानेंगे तो सोमवार से कनेक्शन काट देंगे। -रवींद्र सिंह, इंचार्ज, इंडस्ट्रियल एरिया डिवीजन, एचएसआईआईडीसी।

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