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दिल खोलकर बरसे बदरा:शहर में 66 एमएम बरसात से उफने नाले, डूबी सड़कें, पांच डिग्री तक लुढ़का पारा, 17 जुलाई तक बारिश की संभावना

रोहतक21 दिन पहले
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बारिश होने से तहसील रोड स्थित रेडक्रॉस भवन के पास शहर में भरे हुए बरसात के पानी से गुजरते वाहन। - Dainik Bhaskar
बारिश होने से तहसील रोड स्थित रेडक्रॉस भवन के पास शहर में भरे हुए बरसात के पानी से गुजरते वाहन।
  • बरसात के चलते बिजली की खपत भी घटी, एसी व कूलर बंद हुए, फसलों को भी हुआ फायदा

लंबे समय से अच्छी बरसात का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बुधवार को बादल दिल खाेलकर बरसे। शहर ही नहीं पूरे जिले में अच्छी बरसात हुई। शहर में साढ़े तीन घंटे में ही 66 एमएम बरसात दर्ज की गई। इस बरसात ने नगर निगम, पब्लिक हेल्थ और हुडा जैसे तमाम जल निकासी में जुटे विभागों के दावाें की पाेल खोलकर रख दी, जबकि मॉनसून इस बार लेट आया है और इन्हें शहर में जल निकासी के लिए काम करने का मानसून ने भी पूरा मौका दे दिया था।

इसके बाद भी हालात देर रात तक सामान्य नहीं हो पाए। जबकि होना यह चाहिए था कि बरसात के तीन से चार घंटे के बाद तक जलनिकासी हो जाती और व्यवस्था सुचारू होती, लेकिन कई कॉलोनियों में तो देर रात तक सड़कें तालाब बनी रही। विभागों की लापरवाही के ये हालात तब हैं जब डीसी कैप्टन मनोज कुमार की ओर से दो दिन पहले ही बैठक लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया था कि वे बरसात से जलभराव ना होने दें और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करें। खैर, अभी परीक्षा खत्म नहीं हुई है। अभी मॉनसून की दस्तक के महीनेभर बाद यह पहली जोरदार बरसात थी, अभी इसका सिलसिला तीन दिन जारी रहने वाला है।

बरसात से 5 डिग्री तापमान की आई गिरावट

बरसात के कारण 5 डिग्री तापमान की भी गिरावट आई है। इससे अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया अौर 26 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। इसमें भी एक डिग्री की गिरावट है। हालांकि इस बरसात से अभी बरसात का कोटा पूरा नहीं हो पाया है। अभी भी 49 फीसदी बरसात की कमी बनी है।

खुदी सड़कें बनीं मुसीबत : लोगों को सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों के चलते बने गड्ढों से दिक्कत झेलनी पड़ी। कई दुपहिया चालक और स्कूटी सवार गिरने से चोटिल हो गए। कई जगह तो बरसात के पानी में वाहन बंद हो गए और लोगों को वाहन खींच कर पानी से निकालने पड़े।

शहर में सड़कें बनीं तालाब : सुखपुरा चौक, प्रेम नगर, कैलाश कॉलोनी, हैफेड चौक, भरत कॉलोनी, मॉडल टाउन, सेक्टर 1, 2, 3, 4, किला रोड, भिवानी स्टैंड, रेलवे रोड, छोटूराम चौक, गोकर्ण, कच्ची गढ़ी, मेडिकल मोड, चिन्योट कॉलोनी, श्रीनगर कॉलोनी, न्यू चिन्योट कॉलोनी, गीता कॉलोनी, आर्य नगर के अलावा दर्जनभर से ज्यादा कॉलोनियों में जलभराव की समस्या बनी।

1 घंटा बारिश, नाले ओवरफ्लो होने से घरों में आया गंदा पानी

कलानौर, बुधवार दोपहर को करीबन एक घंटे तक कस्बे सहित कई गांवों में मूसलाधार बारिश हुई। कस्बे में बाबा ब्रह्मदास कुटिया, सत जिंदा कल्याणा आश्रम वाली गली, पूर्व नपा चेयरमैन ममता रानी वाली गली, शांति कॉलोनी, सैनी मोहल्ला, पुराने थाने के सामने वाली गली, मुख्य बाजार वाली गली, आईटीआई के पास, महाबीर मोहल्ला, बसाना रोड सहित अनेक जगह नाले ओवरफ्लो होने पर बारिश के दौरान पानी गली व घरों में बहकर चला। वहीं कस्बे के अधिकांश वार्डों का पानी झांझड वाले तालाब में जाता है। बारिश के चलते ये पानी कई वार्डों के घरों में घुस गया।

आगे क्या : तापमान में और गिरावट आएगी
बारिश से तकरीबन 5 डिग्री तक लुढ़क गया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आगामी दो दिनों भी बारिश की संभावना बनी है। 17 जुलाई तक बारिश का मौसम रहने के संकेत मिल रहे हैं। रूक-रूककर जिले में बरसात होती रहेगी। इससे तापमान में और गिरावट आएगी। बरसात के चलते बिजली की खपत भी घट गई है और एसी व कूलर तक लोगों ने बंद कर दिए हैं।

सीवरेज सिस्टम जाम हाेने से चौक पर जलभराव

महम, बुधवार दोपहर को आई करीब 2 घंटे बारिश ने शहर के सीवरेज सिस्टम की पोल खोल कर रख दी। बारिश के दौरान नए बस स्टैंड, फरमाना चुंगी, सैमाण चुंगी, अनाज मंडी, गोहाना मोड़, लाखनमाजरा चौक आदि स्थानों पर जलभराव हो गया। शहरवासी कालू, विजय, मनदीप, राहुल, वीरेंद्र बामल आदि ने बताया कि उनके घरों के सामने गली में एक से डेढ़ फुट तक पानी जमा हो गया।

सीवर लाइन रुकने से पानी की निकासी नहीं हो पाई। इससे नालों का गंदा पानी भी रोड पर आ गया। किसान धर्म, कर्मवीर, गुलाब, सुंदर, राजकुमार आदि का कहना है कि पिछले कई दिनों से बारिश का इंतजार था। बारिश न होने से धान की रोपाई में देरी होने लगी थी। इसके अलावा ईंख, ज्वार बाजरे व कपास की खेती भी सूखने लगी थी। डीजल महंगा होने से हर दिन सिंचाई में हजारों रुपए खर्च हो रहे थे।

यूं बरसे बदरा
क्षेत्र बरसात

रोहतक 66 एमएम
महम 52 एमएम
सांपला 38 एमएम
कलानौर 57 एमएम
लाखनमाजरा 15 एमएम

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