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रेलवे एलीवेटेड ट्रैक से जुड़ा मामला:गांधी कैंप में एलीवेटेड ट्रैक के प्रभावित बोले- 3 साल बाद भी नहीं मिली छत, भाजपाई आए तो करेंगे विरोध

रोहतक2 महीने पहले
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गांधी कैंप बाजार में एलीवेटेड रेलवे ट्रैक से प्रभावित दुकानदार बैठक करते हुए। इसमें कई बिंदुओं पर फैसले लिए गए। - Dainik Bhaskar
गांधी कैंप बाजार में एलीवेटेड रेलवे ट्रैक से प्रभावित दुकानदार बैठक करते हुए। इसमें कई बिंदुओं पर फैसले लिए गए।
  • प्रभावितों को सुविधाएं अब तक नहीं मिली, अब नए तेवरों के साथ फिर शुरू हो रहा विरोध का नया दौर
  • देर शाम प्रभावितों के बड़े गुट ने की मीटिंग, जनप्रतिनिधियों पर लगाए गुमराह करने के आरोप

गांधी कैंप में भाजपा के पार्षद, मेयर मनमोहन गोयल और नेताओं व पदाधिकारियों को आमजन का विरोध झेलना पड़ेगा। उनका घेराव और उनके सभी कार्यक्रमों का लगातार बहिष्कार किया जाएगा। यह फैसला रेलवे एलीवेटेड ट्रैक से प्रभावित दुकानदारों का है, जिन्होंने मंगलवार की शाम साढ़े 7 बजे बैठक कर ऐलान किया है।

इन प्रभावतिों ने कहा कि रेलवे एलीवेटेड ट्रैक पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्राेवर Qर मुख्यमंत्री मनोहर लाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसकी वजह से गांधी कैंप के दुकानदारों का घर और कारोबार उजड़ गया। घर-दुकान तोड़ने से पहले बसाने का वादा 3 साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। यदि अभी नगर निगम, जिला प्रशासन और भाजपा सरकार के जिम्मेदार नुमाइंदों ने अतिशीघ्र प्रभावित लोगों की मांग पूरी नहीं की तो वे सब चंडीगढ़ जाकर सीधे सीएम से पावर हाउस शाॅपिंग काॅम्प्लेक्स में बनी रही दुकानों का छत सहित अपना हक मांगेंगे। क्योंकि इंतजार करते-करते अब उनका सब्र जवाब दे चुका है।

गांधी कैंप वासियों का आरोप-पूर्व मंत्री व सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट ने हमारा घर-कारोबार उजाड़ा, बसाने का वादा पूरा करने से पीछे हट रहे

बैठक में उपस्थित प्रभावित दुकानदार पवन सलूजा, राजाराम, अंकित सपड़ा, अंकुर, पवन खुराना, जयपाल धींगड़ा, यशपाल, सुंदर लाल कुरड़ा, वेदपाल, ललित गोसाईं, हिमांशु, राजेंदर बधवा व श्याम खुराना आदि ने बताया कि एलीवेटेड रेलवे ट्रैक के लिए घर और मकान तोड़ने से पहले पूर्व मंत्री ग्रोवर ने स्पष्ट कर दिया था कि रेलवे एलीवेटेड ट्रैक बनने से पहले दुकानदारों को दुकान और टूटे घरों के मालिकों को उनका हक दिलवा दिया जाएगा। वे आज तक आश्वासन की घुट्टी पिलाते रहे हैं। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। भूख और बेरोजगारी ने प्रभावित परिवारों को तोड़ दिया है। लिहाजा वे आरपार के संघर्ष के लिए तैयार है। एक दिन पहले गांधी कैंप आए मेयर मनमोहन गोयल का घेराव गांधी कैंपवासियों ने किया भी। उस दौरान मेयर मनमोहन गोयल ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि उनके हाथ में कुछ नहीं है। उनकी नहीं चलती है।

ये है मामला: रोहतक-पानीपत रूट पर बनाए गए रेलवे एलीवेटेड ट्रैक के निर्माण के दाैरान प्रोजेक्ट के दायरे में आ रहे गांधी कैंप की दुकानों और मकानों को तोड़ने के मामले में तत्कालीन मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने कई दौर की बैठकें करने के बाद प्रभावितों को भरोसा दिया था कि प्रोजेक्ट पूरा हाेने से पहले ही उनको छत सहित दुकानें बनाकर दे दी जाएंगी और मकान मालिकों को प्लाट दिए जाएंगे। इस बाबत शहर की सरकार ने भी एजेंडा पास कर गांधी कैंप वासियों की उम्मीद बढ़ा दी थी। लेकिन अभी तक दिल्ली रोड स्थित बिजली निगम परिसर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण अधूरा है। उधर प्रभावित मकान मालिकों को प्लाट भी नहीं दिया गया है।

दुकान की बजाए पैसा लेने का विकल्प
रेलवे एलीवेटेड ट्रैक से प्रभावित गांधी कैंप के दुकानदारों के समक्ष दिल्ली रोड स्थित पावर हाउस शॉपिंग काॅम्प्लेक्स की दुकान नहीं लेने की स्थिति में अपने हिस्से का पैसा लेने का विकल्प भी दिया जाएगा।

59 लोगों को 100 वर्ग गज का मिलना है प्लाट रेलवे एलीवेटेड ट्रैक से प्रभावित गांधी कैंप निवासी 59 मकान मालिकों को श्रीनगर कॉलोनी में पीजीआई की जमीन में प्रत्येक को 100 गज का प्लाट दिया जाएगा। पीजीआई से नगर निगम 5700 वर्ग गज जमीन ले रहा है।

कॉम्प्लेक्स में जल्द शुरू कराएंगे दुकानों का अलॉटमेंट
पावर हाउस शॉपिंग काॅम्प्लेक्स प्रोजेक्ट की लागत ज्यादा है। लिहाजा, ऊपरी तल की दुकानों को बेचकर खर्च निकालने की अनुमति चंडीगढ़ मुख्यालय से मांगी है। जल्द दुकानों का अलॉटमेंट शुरू कराएंगे। - डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, कमिश्नर, नगर निगम।

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