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समस्याओं का होगा समाधान:हुडा-निगम में 36 करोड़ देनदारी पर बनी सहमति, सेक्टरों में सड़कों की रिपेयर का बनेगा एस्टीमेट

रोहतक5 दिन पहले
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  • हुडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर की अध्यक्षता में हुडा व नगर निगम के अधिकारियों में मंथन, अगली बैठक में तय होगी जिम्मेदारी
  • चीफ एडमिनिस्ट्रेट हुडा बोले- जिम्मेदारी जिस विभाग की हो, जनता को परेशान नहीं होने देंगे

नगर निगम को स्थानांतरित हो चुके पांच सेक्टरों में बुनियादी समस्याओं के समाधान पर पहली बार सोमवार को नगर निगम और हुडा विभाग के शीर्ष अधिकारी एक प्लेटफार्म पर जुटे। विचार-विमर्श के बाद हुडा नगर निगम की 36 करोड़ की देनदारी की अदायगी पर सहमत हुआ। साथ ही सेक्टर 1, 2, 3, 4 और सेक्टर 14 के रिपेयर वर्क का एस्टीमेट 15 दिन के अंदर तैयार किए जाने पर सहमति बनी।

इसके बाद दोनों विभागों की अगली बैठक में दोनों विभागों की कार्यों के अनुसार जिम्मेदारी तय की जाएगी। सेक्टर 3 स्थित हुडा कार्यालय में चीफ एडमिनिस्ट्रेटर हुडा की अध्यक्षता में सुबह 10 बजे बैठक शुरू हुई। इसमें मेयर मनमोहन गोयल, नगर निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा, हुडा एडमिनिस्ट्रेटर रोहतक वीएस हुड्‌डा और दोनों विभागों के संबंधित अधिकारी शामिल हुए। लगभग ढाई घंटे चली बैठक में हर मुद्दे पर अपना अपना पक्ष रखा गया।

इसके बाद चीफ एडमिनिस्ट्रेट हुडा ने कहा कि जिम्मेदारी चाहे जिस भी विभाग की हो, जनता को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। जनता का हित सर्वोपरि है। बुनियादी सहित सभी जरूरी सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा। लोगों की परेशानी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। बेहतर सेवा देने के लिए किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

निगम ने बकाया काे लेकर हुडा पर साधा निशाना

बैठक में नगर निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा ने निगम का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगभग 4 वर्ष पहले जब हुडा विभाग की ओर से 5 सेक्टरों को निगम में स्थानांतरित किया गया था। तब शर्तों के मुताबिक तय देनदारी आज तक हुडा की ओर से नहीं दी गई। ऊपर से डेवलपमेंट चार्ज के रूप में 14 करोड़ रुपए, प्राॅपर्टी टैक्स के करीब ढाई करोड़ भी निगम के खाते में अभी तक जमा नहीं हुए हैं। जबकि इन पांचों सेक्टर्स में नगर निगम अब तक 100 करोड़ की धनराशि खर्च कर चुका है। सेक्टर इलाके की स्ट्रीट लाइटों पर अकेले 1 करोड़ रुपए का सालाना खर्च आता है। बदले में सेक्टर्स से प्रापर्टी टैक्स मद में महज 40 लाख रुपए ही बनता है।

इन समस्याओं से जूझ रहे सेक्टरवासी

सेक्टर एक, दो, तीन, चार और सेक्टर 14 में सीवर लाइन जगह जगह से बैठ गई है। स्टॉर्म वाटर की लाइन सीवर से जुड़ी होने से मामूली बरसात में भी पानी की निकासी नहीं हो पाती है और सीवर ओवरफ्लो होकर हालात और बिगाड़ते रहे हैं। सेक्टर एक की दोनों प्रमुख सड़क सहित अंदर की आधा दर्जन गलियां टूटी पड़ी हैं। सेक्टर दो, तीन और सेक्टर चार में 50 फीसदी सड़कें और गलियां खस्ताहाल हैं। इसी तरह सेक्टर 14 में कई मकानों के आगे स्टॉर्म वाटर लाइन ही नहीं बिछी है। सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं। यहां की सड़क व गलियां भी टूटी हैं।

स्टार्म वाटर की निकासी पर नगर निगम और हुडा विभाग थे आमने-सामने

सेक्टर एक, दो और सेक्टर 14 में इस साल निकासी का इंतजाम नहीं होने से बरसात का पानी कई दिनों तक जमा रहा। निकासी को लेकर हुडा विभाग और नगर निगम आमने-सामने आ गए। अंतत: तत्कालीन डीसी की अध्यक्षता में दोनों विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई। फिर भी बात नहीं बनी। मामला दोनों ओर से हुडा विभाग के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर के लेवल तक पहुंच गया। लेकिन असमंजस की स्थिति कायम रही। इस दौरान जल भराव से परेशान हो चुके सेक्टरवासियों ने धरना-प्रदर्शन भी किया।

हुडा शर्तों के मुताबिक भुगतान करें, निगम जिम्मेदारी पूरी करने को तैयार

नगर निगम की ओर से हुडा विभाग के साथ हुई बैठक में सारी स्थितियां स्पष्ट कर दी गई हैं। निगम अपनी हर जिम्मेदारी को पूरा करने को तैयार है। पहले से करता भी आ रहा है। लेकिन हुडा विभाग को शर्तों के मुताबिक तय भुगतान को अदा करना होगा। जो कि अभी तक नहीं किया गया है। बैठक में यह भी चर्चा आई कि रिपेयर वर्क दो की बजाए किसी एक एजेंसी को सौंपा जाए। वैसे सीवर हुडा देखता है तो स्टॉर्म वाटर की व्यवस्था भी वही देखे तो बेहतर रहेगा। -प्रदीप गोदारा, कमिश्नर नगर निगम।

सेक्टरवासियों की समस्याओं का समाधान कराएंगे

सेक्टर्स की समस्याओं को लेकर हुडा विभाग और नगर निगम के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें सभी बिंदुओं पर बातचीत की गई। रिपेयर वर्क का 15 दिन में एस्टीमेट हुडा विभाग को बनाने को जिम्मेदारी दी गई है। बकाया भुगतान पर चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने सहमति दी है। इस संबंध में चंडीगढ़ पहुंचकर बात करने को कहा है। जो भी है सेक्टरवासियों की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।
-मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम।

मीटिंग में मुझे नहीं बुलाकर मेयर ने किया गलत, ऐसा नहीं होना चाहिए

नगर निगम को हैंडओवर किए गए अधिकांश सेक्टर मेरे वार्ड एरिया में आते हैं। जनता मुझे समस्याओं के लिए फोन करती है। फिर भी नगर निगम और हुडा विभाग की बैठक में मेयर मनमोहन गोयल की मौजूदगी के बाद भी मुझे नहीं बुलाया गया। मेयर की ओर से यह गलत है। ऐसा कदापि नहीं होना चाहिए। अधिकारियों का क्या वे तो बदलते रहते हैं। कम से कम हर समस्या पर स्पष्ट और बेबाक जानकारी मैं देता। सभी सेक्टर सीवर, स्टॉर्म वाटर की निकासी व टूटी सड़कों से तबाह हो चुके हैं। लेकिन अधिकारी मात्र बैठक तक ही अपनी जिम्मेदारी समझते हैं।
-कदम सिंह अहलावत, पार्षद वार्ड-11

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