एनजीओ की आंगनबाड़ी में दखल बर्दाश्त नहीं करेंगे:मांगें पूरी नहीं करने पर आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों ने सरकार काे चेताया

रोहतक5 महीने पहले
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मानसरोवर पार्क में धरना-प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर। - Dainik Bhaskar
मानसरोवर पार्क में धरना-प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर।

मांगें पूरी कराने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने मानसरोवर पार्क धरना-प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर तालमेल कमेटी की अगुवाई में चल रहे आंदोलन में नेत्रियों ने कहा कि सरकार ने अभी तक 2018 का समझौता पूरी तरह लागू नहीं किया है। ऊपर से पोषण ट्रैक्टर की शर्त थोप करके काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। स्वयं प्रधानमंत्री की गई घोषणा वर्कर को 15 सौ रुपए और हेल्पर को 750 रुपए आज तक नहीं दिए गए हैं।

एनजीओ की आंगनबाड़ी में दखल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य महासचिव पुष्पा दलाल ने कहा कि अगर सरकार ने मांगें नहीं तो आंदोलन आगे बढ़ता जाएगा। अध्यक्षता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन के जिला प्रधान रोशनी चौधरी ने की। इस मौके पर दर्शना, महल, संतोष, सुनीता लक्ष्मी, पूनम, रोजी, नीलम, लता, निर्मला, तस्वीर, कांता, कमला आजाद, राजबाला, सरोज, सरोज, कमलेश, कौशल्या, पूजा, आशा, कृष्णा, रोजी आदि महिलाएं माैजूद रहीं।

जनवादी महिला समिति ने आंगनबाड़ी की मांगों काे दिया समर्थन

जनवादी महिला समिति ने 15 दिन से हड़ताल पर बैठी आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स की मांगों का समर्थन किया है और राज्य सरकार से तुरंत समाधान की मांग करती है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की जिला अध्यक्ष राजकुमारी दहिया व सचिव अनीता ने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स 8 दिसंबर से राज्य भर में हड़ताल पर हैं। वे मांग कर रही हैं कि उन्हें पक्के कर्मचारी का दर्जा दिया जाए तथा न्यूनतम वेतन दिया जाए। जनवादी महिला समिति मांग करती है कि आईसीडीएस का निजीकरण करने की कोशिशों को तुरंत बंद किया जाए।

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