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बड़ा झटका:जिले के 8 हजार कार्ड का ‘आयुष्मान आशीर्वाद’ बंद, नौ माह से बंद कार्ड बनाने की प्रक्रिया होगी शुरू

रोहतक14 दिन पहले
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  • कार्रवाई-नेशनल हेल्थ एजेंसी ने गोल्डन कार्ड कर दिए सस्पेंड
  • वजह-शक है टेम्परिंग से कार्ड में गलत तरीके से नाम जुड़वाए

आयुष्मान भारता योजना से जुड़ी जिले के लिए बड़ी दो खबर हैं। पहली खबर राहत देने वाली है। खबर ये है कि नौ माह से बंद पड़ी आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया फिर से शुरू होने जा रही है। इस बारे में स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को आदेश मिल गए हैं। कोरोना काल में कामकाज ठप होने पर ये प्रक्रिया रोक दी गई थी। दूसरी खबर इस योजना में हो रहे फर्जीवाड़े से जुड़ी है।

आयुष्मान भारत योजना में मॉनिटरिंग कर रही नेशनल हेल्थ एजेंसी ने जिले के 8 हजार गोल्डन कार्ड सस्पेंड कर दिए हैं। इन पर शक है कि इन कार्ड में लोगों ने गलत तरीके से अपने परिजनों के नाम कार्ड में टेम्परिंग कर जुड़वाए हैं। एजेंसी ने इन कार्ड के पिछले ढाई साल के रिकार्ड की मॉनिटरिंग करने के बाद इन्हें संदेहास्पद पाया है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार आयुष्मान भारत योजना के तहत ढाई साल में जिले के लाभार्थियों ने गोल्डन कार्ड में टेम्परिंग कर परिजनों के नाम बढ़वाकर निजी अस्पतालों से इलाज कराने का प्रयास किया।

प्रदेश स्तर पर योजना की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहे नेशनल हेल्थ एजेंसी के अधिकारियों ने जिले में आठ हजार गोल्डन कार्ड संदेह के आधार पर सस्पेंड कर दिए हैं। उच्चाधिकारियों की ओर से गाइडलाइंस जारी की गई है कि जिन लाभार्थियों के कार्ड सस्पेंड किए हैं, वे कार्ड को री-जेनरेट कराने के लिए दोबारा से दस्तावेज सत्यापित कराकर अपने गांव या शहर के नजदीकी आयुष्मान सेंटर पर जमा कराएं। इस प्रक्रिया में जो पात्र लाभार्थी होंगे, उनके कार्ड री-जेनरेट हो जाएंगे और जो वाकई में गड़बड़ी किए हैं वो योजना से स्वत: बाहर हो जाएंगे।

कार्ड में परिजनों के नाम बढ़वाने के लिए करनी होंगी 2 शर्त पूरी

वहीं कोरोना काल में नौ माह से गोल्डन कार्ड बनाने की बंद चल रही प्रक्रिया शुरू किए जाने के आदेश आ चुके हैं। अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2011 के बाद यदि किसी व्यक्ति को अपने परिवार में सदस्यों के नाम योजना में बढ़वाने हैं। तो ये सिर्फ दो शर्त पर हो सकता है पहला, लड़की की शादी जिस परिवार में हुई है उसका मैरिज सर्टिफिकेट दस्तावेज में शामिल किया जाएगा। दूसरा, वर्ष 2011 के बाद किसी बच्चे का जन्म हुआ है तो नगर निगम के एमसी या गांव के सरपंच से सत्यापित जन्म प्रमाणपत्र और एक शपथपत्र उपलब्ध कराकर योजना में नाम बढ़वाया जा सकता है। नोडल अधिकारी सभी दस्तावेजों की जांच करने के बाद उच्चाधिकारियों को भेजेंगे। जिले में आयुष्मान भारत योजना की मॉनिटरिंग सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला और नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश गर्ग कर रहे हैं।

जिले में अब तक 71 हजार लोगों के बन चुके हैं गोल्डन कार्ड

सामाजिक एवं आर्थिक जनगणना 2011 के आधार पर बनी लाभार्थियों की सूची में जिले 62657 परिवारों के तीन लाख से ज्यादा सदस्य शामिल हैं। इनमें से अब तक 71 हजार लोगों के गाेल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें से कुल 4915 मरीज नि:शुल्क इलाज ले चुके हैं जिन पर सरकार की ओर से 6 करोड़ 95 लाख 99 हजार 461 रुपए की राशि खर्च की गई है।

योजना से 4915 लाेगाें काे मिली है इलाज सुविधा

आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का बीमार होने पर मुफ्त उपचार करवाया जाता है। डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि दो साल पांच माह में जिले में 4915 लाभार्थी गोल्डन कार्ड के जरिए सरकारी व निजी अस्पतालों में छह करोड़ 95 लाख रुपए से अधिक राशि इलाज करा चुके है।

आयुष्मान भारत योजना के तहत वर्ष 2011 के आधार पर बनी लाभार्थियों की सूची में पात्र लोग गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए आगे आएं। सभी सूचीबद्ध अस्पतालों में गोल्डन कार्ड निशुल्क बनाया जाता है। पात्र लाभार्थी को योजना से संबंधित कोई भी समस्या होने पर वो टोल फ्री नंबर 14555 या 1800-1800-4444 पर कॉल करके या सीएमओ कार्यालय स्थित आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी से संपर्क करके समाधान पा सकते हैं। -कैप्टन मनोज कुमार, जिला उपायुक्त, रोहतक।

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