दीपक से अभी भी पदक की आस:कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले मुकाबले में हारा रोहतक का पहलवान; अब ब्रॉन्ज के लिए 2 मैच

रोहतक14 दिन पहले
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दीपक नेहरा - Dainik Bhaskar
दीपक नेहरा

इंग्लैंड में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में शनिवार को हरियाणा में रोहतक के निंदाना गांव के पहलवान दीपक नेहरा ने अपना पहला मुकाबला खेला। इसमें वह कनाडाई पहलवान से 8-6 के कड़े मुकाबले में हार गया। दीपक की हार से रोहतक में उसके परिवार में मायूसी देखी गई।

हालांकि दीपक अभी मेडल की दौड़ से बाहर नहीं हुआ है। अगर दीपक नेहरा लगातार 2 मुकाबले जीतता है तो उसका ब्रांज मेडल पक्का हो जाएगा। इसके लिए उसे पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना हागा। शनिवार सुबह से ही दीपक के मुकाबले को लेकर परिवार में खासा उत्साह था। लेकिन जैसे ही उसकी हार हुई, चारों तरफ मायूसी सी छा गई।

5-6 साल की उम्र में खेलना किया था आरंभ

दीपक नेहरा पिछले करीब 12-13 सालों से कुश्ती कर रहे हैं। दीपक के पिता सुरेंद्र ने कहा कि जब वे करीब 5-6 साल के थे तो उन्हें अखाड़े में कुश्ती के लिए भेज दिया था। उसका खेल में लगाव था, इसलिए कुश्ती खिलाना आरंभ किया था। अब तक वे कई प्रतियोगिता में भाग ले चुके हैं और अपने दांव-पेंच के दम पर प्रतिद्वंद्वी को चित करके मेडल को अपने नाम किया। अब वह कॉमनवेल्थ गेम में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उतरेंगे।

हर रोज 8 घंटे बहाया पसीना

दीपक नेहरा ने कॉमनवेल्थ गेम के लिए हर रोज करीब 8 घंटे पसीना बहाया। इससे पहले वे इस वर्ष सीनियर अंडर-23 एशिया चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल व वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। वहीं पिछले साल हुई वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

त्योहार पर भी नहीं जाते घर

शहीद भगत सिंह इंटरनेशलन कुश्ती एकेडमी मिर्चपुर के कोच अजय ढांडा ने कहा कि दीपक नेहरा का खेल के प्रति लगाव इतना है कि वे त्योहार पर भी घर पर नहीं जाते, ताकि उनका अभ्यास बाधित ना हो। उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद है, जिसके लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। दीपक का सबसे पसंदीदा दाव डबल लेग व एंकल होल्ड है। अपने खेल से बड़े-बड़े खिलाड़ियों को धूल चटा चुके हैं।