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दूसरी लहर:ब्लैक फंगस बढ़ा रहा दायरा, पीजीआई में 157 का चल रहा इलाज, 70 को सर्जरी की जरूरत

रोहतक21 दिन पहले
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  • डायबिटीज के मरीज, स्टेरॉयड दवा लेने और कमजोर इम्युनिटी वाले रहें अलर्ट

कोरोना की दूसरी लहर में जब कोविड केस घटने कम हुए तो ब्लैक फंगस म्यूकरमाइकोसिस केस बढ़ने शुरू हो गए हैं। मई माह में ही ब्लैक फंगस के संदेह में 157 मरीज पीजीआई के ईएनटी में इलाज कराने के लिए पहुंच चुके हैं। काेरोना की आड़ लिए बगैर ब्लैक फंगस रोग लोगों को अपना शिकार बना रहा है।

पीजीआई में ब्लैक फंगस से पीड़ित व संदिग्ध म्यूकरमाइकोसिस के 157 मरीजों का इलाज चल रहा है। वार्ड आठ और 11 में 106 ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज उपचाराधीन हैं। अब तक 59 ब्लैक फंगस के मरीजों की सर्जरी हो चुकी है। चिकित्सक 70 मरीजों की सर्जरी के लिए लगातार प्लानिंग कर रहे हैं।

स्टेरॉयड बन रहा संक्रमण की जद मे आने की बड़ी वजह

पीजीआई में संदिग्ध ब्लैक फंगस के 20 मरीज कोविड वार्ड, मेडिसिन वार्ड मं 16, कैदी वार्ड में एक माड्यूलर आईसीयू में तीन मरीजों इलाज जारी है। ब्लैक फंगस में सात मई से 30 मई के अंतराल में कोरोना से रिकवर कर चुके 57 लोग और केविन पॉजिटिव पाए गए 24 मरीजों में ब्लैक फंगस की शिकायत मिली।

131 डायबिटीज मरीजों में 71 ने कोेविड होने के दौरान स्टेरॉयड की डोज ली थी। इससे इम्युनिटी कमजोर होने से वो चपेट में आ गए।

59 ब्लैक फंगस के मरीजों की अब तक सर्जरी हो चुकी है। चिकित्सक 70 मरीजों की सर्जरी के लिए लगातार प्लानिंग कर रहे हैं।

वार्ड 8, 11 में ब्लैक फंगस के 106 मरीज एडमिट हैं

वार्ड 8 व 11 में करीब 106 मरीज भर्ती हैं। 10 ऑपरेशन पाइप लाइन में हैं। लइंजेक्शन की अगली खेप जो आज मिली है वह मरीजों को लगा दी गई है। -डॉ. गजेंद्र सिंह, कार्यकारी पीआरओ, पीजीआई

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